पिछला भाग पढ़े:- बेटे का लंड और नौकरानी की चूत-1
नमस्कार दोस्तों, मैं गीता अपनी नौकरानी की चुदाई कहानी का अगला पार्ट लेके हाजिर हूं। उम्मीद है आपने पिछला हिस्सा पढ़ा होगा। अगर अभी तक नहीं पढ़ा है, तो पहले उसको जरूर पढ़ें।
पिछले हिस्से में आपने पढ़ा था, कि मेरे बेटे को मुठ मारने की लत लग गई थी, जिससे उसकी तबीयत पर असर पड़ रहा था। अब उसके लिए एक ही सॉल्यूशन बचा था, और वो थी चुदाई। फिर मैंने अपनी नौकरानी सोनिया को मेरे बेटे से चुदने के लिए मनाया। उनका सेक्स शुरू हो चुका था। अब आगे-
रोहन ने सोनिया को अपनी गोद में बिठाया हुआ था, और रोहन सोनिया के प्यार में डूबा हुआ था। लगभग 10 मिनट तक रोहन ने सोनिया के होठों को अच्छे से चूसा। फिर उसने सोनिया को गोद से उतारा, और खड़ा हो गया।
सोनिया भी उसके साथ ही खड़ी हो गई। अब उसने सोनिया का चेहरा दूसरी तरफ घुमाया, और पीछे से उसके साथ चिपक गया। रोहन का खड़ा हुआ लंड कपड़ों के अंदर से सोनिया की गांड को टच हो रहा था। रोहन के हाथ सोनिया की कुर्ती के ऊपर से उसके पेट पर थे, और वो उसकी गर्दन पर किस्स कर रहा था। सोनिया तो बस आंखें बंद करके मदहोश हो रही थी।
फ़िर रोहन अपने दोनों हाथ सोनिया के मोटे स्तन पर ले गया, और कपड़ो के ऊपर से उसके स्तन दबाने लगा। वो ज़ोर-ज़ोर से उसके स्तन दबाने लगा, जिससे सोनिया के मुँह से सिस्कारियां निकल रही थी। उसकी सिस्कारियों में कामुकता और दर्द दोनों थे।
फ़िर रोहन अपने एक हाथ से बूब दबा रहा, और दूसरा हाथ नीचे सोनिया की जाँघों के बीच ले गया। उसने अपना हाथ कपड़ों के ऊपर से ही सोनिया की बुर वाली जगह पर रखा, और उसको रगड़ने लग गया। इससे सोनिया की सांसें काफी तेज हो गई हैं। उन दोनों को देख कर मेरी भी सांसे तेज़ हो गई थी।
फिर रोहन ने सोनिया की लेगिंग्स नीचे करनी शुरू की, और खिस्का कर उसके घुटनों तक कर दी। सोनिया ने टांगें झटका कर लेगिंग्स पैरों से निकाल दी। फ़िर रोहन ने उसकी कुर्ती कोने से पकड़ कर उठाई, और उसको भी उतार दिया। अब सोनिया रोहन के सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। उसकी ब्रा सफ़ेद रंग की थी, और पैंटी ग्रे रंग की डॉटेड थी।
अब रोहन ने सोनिया को अपनी तरफ घुमाया, और उसके होठों को फिर से चूसने लगा। सोनिया भी उसका साथ देने लगी। उसने सोनिया की ब्रा का हुक खोल कर ब्रा नीचे गिरा दी। अब वो किसी भूखे बच्चे की तरह सोनिया के स्तन का रस पीने लगा। सोनिया बस आहें भर रही थी।
स्तन चूसते हुए रोहन अपने हाथ सोनिया की गांड पर ले गया, और पैंटी उतार दी। सोनिया की बुर क्लीन शेव्ड थी। फिर रोहन ने सोनिया को बिस्तर पर लिटा लिया, और खुद नंगा हो गया। उसका तगड़ा लंड देख कर सोनिया हैरान हो गई। फिर वो उसकी टांगो के बीच आया, और लंड बुर पर रख कर रगड़ने लगा।
सोनिया आह आह करके अपनी गांड हिला रही थी। फिर रोहन ने लंड का टोपा सोनिया की बुर पर सेट किया, और अन्दर दबा दिया। बुर पूरी गीली थी, और लंड धीरे-धीरे पूरा अंदर चला गया। सोनिया की चीख निकल गयी दर्द से। रोहन ने 15-20 सेकंड लंड पूरा बुर में डाल कर वेट किया।
जब सोनिया का दर्द कम हुआ, तो उसने लंड अंदर-बाहर करना शुरू किया।
सोनिया की चीखें रोकने के लिए उसने उसके होठों को अपने होठों से ब्लॉक कर दिया। रोहन का पूरा लंड अंदर-बाहर हो रहा था। सोनिया की आहें सुन कर पता चल रहा था, कि रोहन का लंड उसकी बुर की दीवारों के साथ रगड़ खा रहा होगा।
धीरे-धीरे रोहन गति बढ़ाने लगा। उसने अब सोनिया के होठों को छोड़ दिया, और उसके स्तन चूसते हुए बुर चोद रहा था। सोनिया की बुर पानी-पानी हो रही थी, जिसकी चुदाई के दौरान फच-फच की आवाज आ रही थी। फ़िर सोनिया ज़ोर-ज़ोर से आह्ह आह्ह करने लगी। उसकी बुर ने पानी छोड़ दिया था।
पानी निकलने की वजह से बुर कुछ ज्यादा ही गीली हो गई थी। फिर रोहन ने अपना लंड उसकी बुर से बाहर निकाला, और बुर को साफ किया। फिर उसने सोनिया की टांगें पूरी मोड़ दी, और लंड एक ही झटके में अंदर डाल दिया। अब वो फिर से ज़ोर लगा कर उसकी बुर चोदने लगा। कुछ देर इसी पोजीशन में चुदाई करने के बाद दोनों ने पोजीशन चेंज की।
रोहन सोनिया को बिस्तर पर ले आया, और घोड़ी बनने को कहा। सोनिया अपनी गांड बाहर निकाल कर घोड़ी बन गई। रोहन खुद ज़मीन पर खड़ा हो गया, और उसकी सेक्सी चूतड़ों पर थप्पड़ मारने लगा। थप्पड़ काफ़ी ज़ोर के थे, जिससे सोनिया के चूतों पर उसके हाथ के निशान बन गए।
फ़िर रोहन ने पीछे से उसकी बुर पर लंड टिकाया, और अंदर डाल दिया। अब वो तेजी से सोनिया की बुर को डॉगी-पोजीशन में चोदने लगा। सोनिया के चेहरे पर एक अजीब सी संतुष्टि थी। होती भी क्यों ना। ऐसे मर्द कम ही मिलते हैं, जो पहले तो औरत को झाड़ दे, फिर भी चुदाई करते रहे।
ऐसी ही थप-थप की आवाज से चुदाई हो रही थी, और सोनिया फिर से आह्ह आह्ह करते हुए झड़ गई। मैं हैरान थी, कि सोनिया दो बार झड़ गई थी, और रोहन अभी एक बार भी नहीं झड़ा था। मैं समझ सकती थी, कि इस वक्त सोनिया को कितना मजा आ रहा था। मेरा तो ये भी दिल कर रहा था कि मैं भी अपने बेटे से चुदवा लूं, लेकिन मैं माँ-बेटे के रिश्ते पर दाग नहीं लगाना चाहती थी।
फ़िर उन्होंने पोजीशन बदली, और इस बार रोहन बिस्तर पर लेट गया, और सोनिया उसके लंड पर उछलने लगी। 15 मिनट और दोनों की चुदाई चली। सोनिया पूरी तरह से थक चुकी थी। तभी रोहन ने कहा कि उसका निकलने वाला था। फिर सोनिया जल्दी से उसके लंड से उतर गई, और लंड मुँह में लेके चूसने लगी। तभी रोहन के लंड से माल की पिचकारी निकली, जिससे सोनिया का पूरा चेहरा भीग गया।
अब मुझे अपने बेटे के चेहरे पर खुशी और संतुष्टि दिख रही है। और सोनिया तो संतुष्ट थी ही। दोनों कुछ देर ऐसे ही नंगे लेटे रहे। फ़िर सोनिया ने कपड़े पहने, और कमरे से बाहर आयी। जब मैंने उसको पैसे दिए तो वो बोली-
सोनिया: रहने दीजिए दीदी, ऐसी चुदाई मिलेगी, तो पैसे किसको चाहिए।
और ये बोल कर वो चली गई। अपने बेटे की चुदाई की तारीफ सुन कर मेरी बुर में भी खुजली होने लगी। क्या लगता है आपको दोस्तों, मुझे अपने बेटे से चुदाई कारवानी चाहिए या नहीं? मेरे सवाल का जवाब जरूर देना, और इस कामवाली चुदाई कहानी पर फीडबैक भी जरूर देना।