नमस्कार पाठकों, मैं गीता अपनी नौकरानी की चुदाई कहानी आप सब के सामने पेश करने जा रही हूँ। इसमें मैं आपको बताऊंगी कि कैसे अपने बेटे की हवस को शांत करने के लिए मैंने अपनी नौकरानी का सहारा लिया। तो चलिए अब मैं कहानी शुरू करती हूं।
मेरे बेटे का नाम रोहन है, और वो 20 साल का है। वो कॉलेज में पढ़ता है, और काफी हैंडसम है। उसकी हाइट 5’8″ है, और लंड 7 इंच का है। सबसे बड़ी बात इतनी सी उमर में वो बहुत कामुक है, और उसको बहुत चुदाई चाहिए।
ये बात 2 महीने पहले की है। मैं सुबह रोहन के कमरे में चली गई, और दरवाजा खटखटाया। लेकिन उसने दरवाजा नहीं खोला। मैंने काफी बार दस्तक दी, और आवाज भी लगाई। लेकिन फिर भी उसने दरवाजा नहीं खोला। ये देख कर मैं डर गयी।
फिर मैं जल्दी से अपने कमरे में चली गई, और उसके कमरे की चाबी लेके दरवाजा खोला। मैंने देखा कि वो बिस्तर पर सोया हुआ था। जब मैंने चेक किया, तो वो सोया नहीं बेहोश था। ये देख कर मैं डर गयी। मैंने जल्दी से अपनी डॉक्टर सहेली को फोन किया, और घर बुलाया।
कुछ देर में वो आ गई, और उसने रोहन का चेक-अप किया। फिर उसने रोहन को इंजेक्शन दिया, और कुछ दवा लिख दी। उसने कहा कि रोहन को कुछ देर में होश आ जाएगा। फिर मैंने उससे पूछा-
मैं: इसको हुआ क्या है?
डॉक्टर: इसको कामचोरी हो गई है।
मैं: लेकिन मैं तो इसको अच्छी डाइट देती हूं।
डॉक्टर: इसमें तुम्हारा कोई रोल नहीं है। ये बहुत मुठ मार रहा है। ऐसी स्थिति तभी होती है। अपने पति को बोल इसको समझाएं, नियंत्रण रखें अपने आप को।
फिर वो चली गई। थोड़ी देर में रोहन को भी होश आ गया। शाम को मैंने अपने पति से बात की कि उसे समझाए। मुझे लगा अब रोहन कंट्रोल करेगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। ये मुझे उस पर नज़र रख कर पता चला।
मैंने देखा कि मेरा बेटा सुबह-शाम अपने लंड को हिलाता रहता था। वो बिस्तर पर उल्टा लेट कर बिस्तर पर लंड घिसता था। अब मैं सोचने लगी कि मैं इसको कैसे मुठ मारने से रोकूं। उसकी शादी की अभी उमर नहीं थी, और रंडी को चोदना सुरक्षित नहीं था, पता नहीं कोन सी बिमारी लग जाए। फिर एक दिन रोहन ने खुद ही मुझे इसका समाधान दे दिया।
मैं उसके कमरे में झाँक रही थी, और वो लंड सहला रहा था। लंड सहलते हुए अचानक उसने सोनिया का नाम लेना शुरू कर दिया। तभी मुझे लगा कि क्यों ना मैं सोनिया को इससे चुदवा दूं।
सोनिया हमारे घर में काम करने वाली लड़की है। उसकी उम्र 26 साल है, और वो एक तलाकशुदा है। उसका एक बच्चा भी है। मैं सीधे सोनिया के पास गई, और उसको पूरी बात बता दी।
सोनिया बोली: दीदी मैं कोई ऐसी लड़की नहीं हूं। मैं ये नहीं कर सकती।
मैं जानती थी कि सोनिया को पैसे की ज़रूरत रहती थी, क्योंकि वो अक्सर मुझसे पैसे मांगती थी। तो मैंने उसको बोला-
मैं: देख सोनिया, इसे तुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। और साथ में तुझे भी तो मजा आएगा। देख अगर तू ये करेगी तो मैं तुझे एक बार के 2000 दूंगी। और जो पहले के तूने वापस करने है, वह भी माफ कर दूंगी।
फिर जैसा मैंने सोचा था, वैसा ही हुआ। सोनिया मान गयी। उस दिन मैंने उसको कुर्ती और लेगिंग पहन कर आने को कहा। वो काली कुर्ती, और सफेद लेगिंग्स पहन कर आई। हमसे उसका शरीर उभर कर दिख रहा था।
सोनिया का रंग थोड़ा सा था, लेकिन फिगर मस्त था। 36″ के कसे हुए स्तन, 30″ का कमर, और 36″ की मस्त गांड थी उसकी। मैंने उसको रोहन के कमरे में भेज दिया, जब वह कॉलेज से आने वाला था। फिर मैं खुद हॉल में जाके रोहन की प्रतीक्षा करने लगी।
थोड़ी देर में रोहन आया, तो मैंने उसको कहा: रोहन मेरी बात ध्यान से सुन। ये जो तेरी आदत है, इसमें तुझे नुक्सान होगा। तो तुझे छोड़ना पड़ेगा।
रोहन बोला: मम्मी मैं कोशिश करता हूं, लेकिन मुझ पर कंट्रोल नहीं हो रहा।
मैं: तेरी समस्या का समाधान मैंने ढूंढ लिया है। जब तू रियल में किसी लड़की के साथ करेगा, तो तुझे कंट्रोल करने में दिक्कत नहीं होगी।
रोहन: लेकिन अब मैं लड़की कहां से लाऊं? आपने मुझे बॉयज़ कॉलेज में डाल रखा है।
मैं: लड़की तेरे रूम में है। तू जा, और अपने आप को शांत कर।
मेरी बात सुन कर रोहन हैरान हो गया। वो बोला-
रोहन: मेरे कमरे में है! कौन है?
मैं: तू खुद जाके देख ले। इसी को सोच-सोच कर तू मुठ मारता है।
रोहन सोच में पड़ गया, और अपने कमरे की तरफ जाने लगा। मैं भी उसके पीछे चली गयी। जब उसने दरवाजा खोला, तो सामने सोनिया उसके बिस्तर पर बैठी थी। फिर रोहन ने पीछे मेरी तरफ देखा, और मुस्कुराहट करते हुए बोला-
रोहन: धन्यवाद माँ।
मैं: योर वेलकम बेटा। करना अपना पहला सेक्स का आनंद लें।
फिर रोहन अंदर चला गया, और दरवाजा बंद कर दिया। मैं जाके उसके कमरे की खिड़की पर खड़ी हो गई, और अंदर झाँकने लगी। रोहन जाके बिस्तर पर बैठा, और सोनिया को देख कर बोला-
रोहन: मैंने कभी सोचा नहीं था दीदी, मुझे आपके साथ सेक्स करने का मौका मिलेगा (रोहन सोनिया को दीदी कह कर बुलाता था)। लेकिन आप मान कैसी गई?
फिर सोनिया ने उसको सारी बात बताई, जो मेरे और उसके बीच हुई थी। जब रोहन को पता चला कि वो हमसे चुदने के पैसे ले रही थी, तो वो बोला-
रोहन: अच्छा तो आप पैसे ले रही हो। फ़िर वो मैं आपको रंडी समझ कर ही चोदूँगा।
ये बोलते ही रोहन ने सोनिया का हाथ पकड़ कर उसको अपनी तरफ खींचा, और अपने होठों पर चिपका दिया। सोनिया भी रोहन का साथ देने लगी। रोहन मज़े से उसके होंठ चूस रहा था, और साथ में उसकी पीठ पर हाथ फेर रहा था।
फिर रोहन ने सोनिया की गांड पर हाथ रखा, और उसको उठा कर अपनी गोद में बिठा लिया। अब वो वाइल्ड तरीके से सोनिया के होंठों को चूस रहा था, साथ में उसकी जाँघें सहला रहा था। ये सब देख कर मैं भी गरम हो रही थी।
दोस्तों इसके आगे की कहानी आपको अगले हिस्से में बताऊंगी। मेरी नौकरानी की चुदाई कहानी का ये भाग आपको कैसा लगा जरूर कमेंट करके बताएं।
अगला भाग पढ़े:- बेटे का लंड और नौकरानी की चूत-2