बाड़े का काम बाड़े में (Baadhe ka kaam baadhe mein)
रात को गाँव लौटने में देर हो गई, क़रीब दो बज गए। मां-बाबूजी सो चुके थे। कमल का कमरा घर में पीछे की तरफ था। वो दीवार फाँद कर अपने कमरे में जाकर सो गया। उसके दीवार फाँदने से कुछ जानवर जाग जरूर गए थे, क्योंकि उनका बाड़ा कमल के कमरे से लग कर ही … Read more