वर्जिन टीचर की चुदाई (Virgin teacher ki chudai)

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दोस्तों ये चुदाई की कहानी है मेरी और मेरी टीचर शीतल मिस की। ये बात है जब मैंने 12वीं पास कर ली थी, और मैं 19 साल का हो चुका था।

शीतल मिस मेरी बचपन की टीचर थी। वो मुझे पहली से चौथी तक लेकर, और फिर छठी से लेकर आठवीं कक्षा तक पढ़ चुकी थी। बात ऐसी है कि शीतल मिस को यू.पी.एस.सी. करनी थी, क्योंकि उनकी शादी नहीं हुई थी, और यह कहानी के समय पे उनकी उम्र 35 साल की थी।

पहले मैं आपको शीतल मिस का डिस्क्रिप्शन दे देता हूं, ताकि आप उनको अच्छे से इमेजिन कर सकें। तो शीतल मिस का रंग थोड़ा सावला है, हाइट करीब 5’8” होगी। उनके गालों पर डिंपल है, घुंघराले बाल हैं उनके, और सेक्सी सा 34-32-36 का फिगर है। और सबसे मुख्य चीज जो है, वो है एक वर्जिन चूत।

तो जैसे ही मैंने 12वीं पास की, रिजल्ट के बाद मैं शीतल मिस से मिल गया। वो उस दिन घर पर अकेली थी। आमतौर पर उनके साथ उनकी मां रहती है घर पर, लेकिन आज वो कहीं बाहर गई हुई थी।

मुझे शीतल मिस तो पहले से ही बहुत पसंद थी, ऊपर से आज उनके घर उनके अलावा कोई नहीं था। तो मेरे मन में उनको चोदने का ख्याल आने लगा।

बातों-बातों में शीतल मिस मुझसे पूछ रही थी कि मैंने भविष्य के बारे में क्या सोचा था। तो मैंने भी उनको अपने सब प्लान बता के उनको पूछ लिया, कि उनको उनके भविष्य के बारे में क्या सोचा था। मेरा ये सवाल उन्हें कुछ समझ नहीं आया, वो कहने लगी कि भविष्य कैसा होगा?

तो मैंने कहा: आप शादी के लिए कोशिश कर रहे हैं। लेकिन आपको कोई मिल नहीं रहा है। तो अब आप क्या सारी उमर कुंवारी ही रहोगी?

मेरी बात सुन कर वो सोच में पड़ गयी। फ़िर मैंने उनसे सीधे पूछ लिया-

मैं: मैडम, क्या आपकी चूत पूरी जिंदगी वर्जिन ही रहेगी?

तो ये बात सुन के उन्हें शॉक भी लगा, और गुस्सा भी आया। अब वो मुझ पर चिल्लाने लगी। तभी मैंने उन्हें शांत किया, और थोड़ा समझा। मैंने उन्हें बताया कि वो मुझे कितनी पसंद थी। वो भी इस बात पर सोचने लगी, और मुझे जैसे एक सिग्नल दे दिया।

फिर मैं आगे बढ़ा, और उन्हें किस्स करने लगा। वो मेरा साथ देने का प्रयास कर रही थी, पर उनका पहली बार था, तो उनको इतना अच्छे से चुंबन करना नहीं आता था। फिर मैंने उनको सिखाया कि कैसे चुम्बन लेते हैं। उसके बाद हम दोनों ने जम कर किस्स किया किया। कम से कम 10 मिनट तक किस्स किया हम दोनों ने।

फिर मैं शीतल मिस के कपड़े उतारने लगा। उसने दिन में नारंगी रंग की साड़ी पहनी थी। मैंने उनकी साड़ी को उतार दिया। अब वो मेरे सामने बस ब्लाउज और पेटीकोट में थी। फिर मैं उनके स्तनों को दबाने लगा। उन्हें तो इतना मजा आया मानो इतना मजा उन्हें जिंदगी में पहली बार आया हो।

मैंने फिर देर ना करते हुए उनका ब्लाउज और पेटीकोट भी निकाल दिया। अब वो बस ब्रा और पैंटी में थी, जो काले रंग की थी। हमारी ब्रा और पैंटी को देख कर मेरी आंखें चौंधिया गई, और मैंने झट से उनकी ब्रा को निकाल दिया। अब मेरी शीतल मिस मेरे सामने बस पैंटी में थी।

अब मैंने उनके स्तनों को चूसना शुरू किया। मैं उन्हें चूसता गया, और काटने लगा। क्या सब से शीतल मिस को बहुत मजा आ रहा था। फिर मैंने उनकी पैंटी सूंघना चालू करा। मैं पैंटी के ऊपर से ही उसे चाटने लगा। फिर मैंने पैंटी को भी निकाल दिया। पैंटी के अंदर थी एक बालों वाली वर्जिन चूत। फिर मैंने शीतल मिस को पूछा-

मैं: क्या इन बालों में कुछ कर सकते हैं?

तो उन्होंने बोला: घर में तो कुछ नहीं है।

फिर मैं उठा, और पास की दुकान से रेजर और शेविंग फोम लेकर आया। दोस्तों आप बिल्कुल रेजर से चूत शेव मत करना, कट्स लग जाते हैं। फिर मैंने उस फोम को शीतल मिस के पूरे शरीर पर लगाया, और शरीर के बालों को निकालना शुरू किया जैसे बगल, चूत, गांड।

अब वो एक-दम तैयार लग रही थी। फिर मैंने शीतल मिस की चिकनी चूत को चाटना चालू किया, लेकिन अब मेरा लंड बैठ चुका था। फिर मैंने अपने पूरे कपड़े उतार दिए, और अपना 7 इंच का लंड निकाला। देखते ही उनके मन में लड्डू फूटने लगे। फिर मैं बिस्तर पर लेट गया, और उन्होंने 69 पोजीशन में किया।

मैं अब शीतल मिस की चूत चाट रहा था, और वो मेरा लंड चाट रही थी। ऐसे ही 15 मिनट चला, और फिर वो झड़ गई। अब मुझे समझ आ गया था कि उनकी चूत मेरे लंड के लिए तैयार थी। तो मैंने उन्हें मिशनरी में लिटाया, और अपना लंड चूत पर सेट किया, और रगड़ने लगा।

फिर मैंने एक ज़ोरदार धक्का दिया, लेकिन लंड फिसल गया। उसके बाद मैंने थोड़ा सा थूक लगा कर वापस ट्राई किया। इस बार टोपा पहले ही धीरे से अंदर डाल दिया, और फिर एक धक्का दिया, और आधा लंड अंदर चला गया। इसे शीतल मिस चिल्लाने लगी, तो मैंने उन्हें किस्स किया, और धीरे-धीरे अपना लंड अंदर-बाहर करने लगा।

अब वो तैयार थी, तो मैंने एक और झटके से पूरा लंड अंदर डाल दिया, और उन्हें चोदने लगा। थोड़ी ही देर बाद वो कहने लगी कि और तेज़ चोदो। ऐसे ही करते-करते मैं 20 मिनट बाद झड़ने वाला था। तो मैंने अपना लंड चूत से निकाल कर उनके मुँह में दे दिया, और पानी चोद दिया। उन्होंने मेरा पूरा पानी पी लिया।

फिर मैंने उनसे पूछा कि क्या मैं उनकी गांड मार सकता था। पहले तो वो थोड़ी हिचकिचाई, लेकिन फिर उन्हें अपने डर पर काबू पा कर हा कह दिया। लेकिन अफसोस कि ये हो नहीं पाया, क्योंकि उनकी गांड कुछ ज्यादा ही टाइट थी, और मुझे भी पता नहीं था कि गांड कैसी बजती है।

फिर मैं वापस अपना घर चला आया, और इसके बाद बहुत बार हम दोनों में चुदाई हुई। लेकिन गांड की चुदाई एक बार भी नहीं हुई।

उम्मीद करता हूं दोस्तों की आपको ये सेक्स स्टोरी पसंद आएगी। अगर आपको ये कहानी पसंद है, और कुछ बात करनी है, तो मुझे मेल करें। जल्दी ही आपसे मिलता हूँ किसी और कहानी में। पढ़ने के लिए धन्यवाद। और अगर किसी लड़की या आंटी को सेक्स चैट चाहिए तो मुझे मेल पर मैसेज करें।

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