दोस्तों मेरा नाम अखिल है। आज मैं आप सब के सामने अपनी माँ की चुदाई कहानी लेकर आया हूँ। उम्मीद है आपको कहानी पढ़ कर मजा आएगा।
मेरी उमर 21 साल है, और मैं एक कॉलेज स्टूडेंट हूं। मेरी फैमिली में मैं, मम्मी और डैडी हैं। हमारी बाकी फैमिली गांव में रहती है। क्योंकि मम्मी और दादी कभी नहीं बनीं, तो पापा को उनसे अलग होना पड़ा।
अब मैं आपको मम्मी के बारे में बता देता हूं। मेरी मम्मी 44 साल की एक सेक्सी औरत है। उनके स्तन गोल-गोल और मोटे हैं, और गांड बड़ी और चौड़ी है। वो किसी भी तरह के कपड़े पहन ले, उनके बदन की शेप देख कर लोगों का खड़ा हो ही जाता है।
पहले मैं अपनी मम्मी का बहुत सम्मान करता था। लेकिन जब से मैंने उनकी हरकतें देखी हैं, तब से वो मुझे मम्मी कम और रंडी ज्यादा लगती है। चलिए बताता हूं मैंने ऐसा क्या देखा।
2 महीने पहले की बात है। मैं कॉलेज से वापस आ रहा था। उस दिन कॉलेज में कोई खास पढ़ाई नहीं होने वाली थी, तो मैं वहां से जल्दी निकल आया। रास्ते में आते हुए अचानक से मेरी नज़र एक गोल-गप्पे की रेहड़ी पर पड़ी।
मेरी मम्मी वहां खड़ी गोल-गप्पे खा रही थी। उनके साथ एक आदमी भी था, जिसके साथ वो बातें कर रही थी। मम्मी को देख कर मैं सोच में पड़ गया कि वह वक्त वहां क्या कर रही थी। और वह आदमी कोन था, जिसके साथ वह परेशानी-हस कर बातें कर रही थी।
मुझे दाल में कुछ काला लगने लगा। लेकिन मैं वहां रुका नहीं, सीधे घर आ गया। मेरे घर आने के बाद मम्मी घर आयी। वो मुझे देख कर थोड़ी हैरान हुई। उन्होंने मुझसे पूछा-
मम्मी: तू जल्दी कैसे आ गया?
मैं: आज कॉलेज से जल्दी छुट्टी हो गई। वैसे आप कहां थी?
मम्मी: मैं मार्केट गई थी सामान लाने।
जब मम्मी ने मुझे सच नहीं बताया, तो मुझे और शक हुआ। फिर मैंने मौका देख कर मम्मी का फोन चेक किया। मैंने व्हाट्सएप में मम्मी की किसी आदमी के साथ चैट देखी। उस आदमी को मम्मी ने अपनी नंगी तस्वीरें भी भेजी थी। मैं समझ गया कि मम्मी का किसी के साथ चक्कर चल रहा था।
पहले मैंने सोचा कि पापा को बता दूं। लेकिन फिर मैंने सोचा कि मम्मी को रंगे हाथ पकड़वाना पड़ेगा। ऐसे तो मम्मी झूठ भी बोल सकती हैं। फिर मैंने मम्मी की चैट को नियमित रूप से फॉलो करना शुरू कर दिया। एक दिन मैंने पढ़ा कि मम्मी और हमारे आदमी का मिलने का प्लान बना था। वो हमारे घर पर ही मिलने वाले थे।
मैंने सोचा कि पापा को उसी वक्त फोन करके बुला लूंगा घर पे। फिर वो दिन आ गया। मैं कॉलेज के निकला घर से, लेकिन पिछले दरवाजे से वापस अंदर आ गया।
अब मैं अपने कमरे में ही था, लेकिन किसी को पता नहीं था। पापा शायद ऑफिस जा चुके थे, क्योंकि मुझे उनकी आवाज नहीं आ रही थी। फिर थोड़ी देर बाद घर की घंटी बजाई। मैं समझ गया वो आदमी आ चुका था। मैं अपने कमरे की खिड़की से बाहर देखने लगा।
मम्मी ने दरवाजा खोला। सामने वही आदमी खड़ा था। वो आदमी मम्मी को देख कर मुस्कुराया और उसको गले से लगा लिया। मम्मी ने हमें दिन लेगिंग्स के साथ कुर्ता पहना था। उनकी गांड टाइट लेगिंग्स में कमाल की लग रही थी। फिर दोनों अलग हुए और मम्मी ने दरवाजा बंद किया। वो आदमी हॉल की तरफ आया, और मम्मी उसके पीछे थी।
फिर उस आदमी ने मम्मी को अपनी बाहों में भर लिया और कहा: आज यहीं करते हैं हॉल में।
मम्मी: जैसा आप कहो।
फिर आदमी ने मम्मी के होंठों को चूसना शुरू कर दिया। मैं समझ गया कि उनका कार्यक्रम शुरू हो चुका था। मैंने उसी वक्त पापा को फोन लगाया। पापा का फोन बज रहा था, लेकिन वो फोन नहीं उठा रहा था।
तब तक आदमी ने मम्मी को ऊपर से नंगी कर दिया, और उनके मोटे स्तनों को चूस रहा था। मम्मी उसको बाहों में लेके आहें भर रही थी। ये सब देख कर मेरा लंड खड़ा हो रहा था। मैंने पापा को फिर से फोन लगाया, लेकिन उन्हें फोन नहीं उठाया।
उधर उस आदमी ने मम्मी को सोफ़ा पर लिटाया और उनका पेट चूमते हुए लेगिंग्स निकाल दी। अब मेरी मम्मी सिर्फ पैंटी में थी, और बहुत सेक्सी लग रही थी। फिर हमें आदमी ने अपने कपड़े उतार दिये और पूरा नंगा हो गया। उसका लंड पूरा खड़ा था। उसका लंड देख कर मम्मी खुश हो गयी। वो उसके सामने घुटनों पर बैठ गई, और लंड मुँह में लेके चूसने लगी। तभी पीछे से आवाज आई- “मेरे बिना ही शुरू हो गए?”
मैंने दूसरी तरफ देखा तो वहां पापा खड़े थे। वो भी पूरे नंगे थे। ये सब देख कर मेरा दिमाग चकरा गया। मैं समझ नहीं रहा था कि ये सब क्या हो रहा था। फ़िर पापा भी उनके पास आ गये। अब मम्मी ने उनका लंड भी पकड़ लिया और हिलाने लगी। मम्मी अब एक लंड चूस रही थी, और दूसरे को हिला रही थी। वो बिल्कुल एक रंडी लग रही थी ये सब करते हुए।
फिर दूसरा आदमी ज़मीन पर लेट गया, और अपना लंड हाथ से हिलाने लगा। मम्मी अब पापा का लंड चूस रही थी। फिर मम्मी उठी, और उस आदमी के ऊपर जाके, उसका लंड लेके बैठ गयी। पापा ने अपना लंड मम्मी के मुँह में दे दिया। अब मम्मी पापा का लंड चूसने के साथ दूसरे लंड से चूत चुदवा रही थी। दोनों आदमी मम्मी का एक-एक बूब दबा रहे थे।
मम्मी पूरे मज़े में थी, और आहें भर रही थी। फिर पापा ने अपना लंड मम्मी के मुँह से निकाला, और नीचे लेटे आदमी ने मम्मी को अपनी तरफ खींच लिया। अब मम्मी उसके लंड पर उछलते हुए उसको किस्स कर रही थी। फिर पापा मम्मी के पीछे आये, और मम्मी की गांड में अपना लंड घुसा दिया। इसे मम्मी ने ज़ोर की आह भारी और बोली-
मम्मी: आह, ज़ोर से चोदो हरामज़ादों। मुझे बहुत मजा आ रहा है।
मम्मी की ऐसी हवस देख कर मैंने भी खुद को रोका नहीं पाया, और अपना लंड पैंट से निकाल कर हिलाने लगा। कुछ देर उनकी ऐसी ही थ्रीसम चुदाई चलती रही। उसके बाद मम्मी घुटनों पर बैठी, और दोनों आदमी उसके सामने आके अपना लंड हिलाने लगे।
कुछ देर में दोनों लंड से माल की पिचकारी निकली, और मम्मी को नहला दिया। फिर वो आदमी मेरे पापा से बोला-
आदमी: यार तेरी बीवी कमाल की है।
पापा: हां, साली में बहुत गर्मी है। इसी ने कहा था 2 लंड से चुदना है। इसलिए तुझे बुलाया। इसकी ही इच्छा पूरी कर रहा हूं।
मुझसे अकेले से तो ये संभाली नहीं जाती।
मैं समझ गया कि मम्मी मेरी बहुत प्यासी थी, और पापा उनका ही शौंक पूरा कर रहे थे। कहानी कैसी लगी [email protected] पर फीडबैक दें।