छोटी बहन सपना की बम्पर चुदाई अलग-अलग लंड से-6 (Chhoti behan Sapna ki bumper chudai alag-alag lund se-6)

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पिछला भाग पढ़े:- छोटी बहन सपना की बम्पर चुदाई अलग-अलग लंड से-5

आशा है आपने पिछली कहानी को पढ़ लिया होगा कि कैसे गांव का एक मज़दूर सपना के कोल्हू में अपना गन्ना डाल कर उसका रस कोल्हू में निकाल देता है। आगे की कहानी जारी है पढ़िए-

स्टेशन पर राहुल के जाने और भाई के साथ गाँव लौटने के बाद, सपना की ज़िंदगी में एक नया और बेहद गोपनीय अध्याय शुरू हो चुका था। दिन के वक्त वह गाँव के माहौल में अपने भाई के साथ पुरानी कामुक दुनिया में डूबी रहती, लेकिन रात के सन्नाटे में, जब पूरा घर सो जाता, तब उसकी उंगलियां मोबाइल की स्क्रीन पर राहुल का नंबर तलाशने लगती थी।

फर्स्ट एसी कूपे का वह चंद घंटों का सफर राहुल और सपना दोनों के जेहन में इस कदर हावी हो चुका था कि वे चाह कर भी एक-दूसरे को भूल नहीं पा रहे थे। यहाँ से शुरू हुआ उनके बीच ‘डिजिटल रोमांस’ का एक नया और बेबाक सिलसिला।

शुरुआत वाट्सएप पर सामान्य ‘हाय-हेलो’ से हुई थी, लेकिन जल्द ही टेक्स्ट मैसेज की मर्यादा टूटने लगी। गाँव की खामोश रातों में, जब सपना बिस्तर पर लेटती, तो राहुल का मैसेज स्क्रीन पर फ्लैश होता-

राहुल: “सो गई क्या सपना? या ट्रेन के वो झटके अभी भी याद आ रहे हैं?”

सपना: “तुम बहुत बदमाश हो राहुल। स्टेशन पर भाई के सामने तो तुम्हारी बोलती बंद थी, और अब यहाँ इतनी हिम्मत?”

राहुल: “अरे, तुम्हारे भाई की आँखें सच में बहुत कड़क थी! लेकिन उस रात कूपे में जो तुमने सुइयां चुभाई थी मेरी पीठ पर, उनके निशान देख कर मैं सब भूल जाता हूँ।”

इस तरह की बातें धीरे-धीरे और गहरी होती गई। सपना अपनी जांघों और बदन पर आए राहुल के हाथों के निशान के बारे में लिखती, और राहुल बताता कि कैसे वह दफ्तर में बैठ कर भी बस उसी नीली नाइटी और बेबाक बदन के बारे में सोचता रहता है।

बातें जब सिर्फ शब्दों से नहीं संभली, तो तस्वीरों का दौर शुरू हुआ। गाँव के घर के उस बंद कमरे में, जहाँ बाहर पहरा सख्त था, सपना अपनी कामुकता को कैमरे के जरिए राहुल तक पहुँचाने लगी।

एक रात, सपना ने अपनी सूती नाइटी को कंधों से थोड़ा नीचे खिसकाया, जिससे उसके बिना ब्रा के उभरे हुए बूब्स का ऊपरी हिस्सा साफ नज़र आ रहा था। उसने एक मिरर सेल्फी ली और राहुल को भेज दी।

तस्वीर देखते ही राहुल का रिप्लाई आया, “ये नाइटी बहुत जालिम है सपना, इसके अंदर छिपे पपीते जैसे बूब्स को मैंने जिस तरह चूसा था, मेरा लंड उसे याद करके फिर से बेकाबू हो रहा है।”

इसके बाद दोनों तरफ से झिझक पूरी तरह खत्म हो गई। राहुल जिम के बाद अपनी शर्टलेस, मस्कुलर बॉडी और टाइट बॉक्सर में अपने उभरे हुए हिस्से की तस्वीरें भेजता। जवाब में सपना कभी अपनी जांघों की, तो कभी पूरी तरह निर्वस्त्र होकर सिर्फ अपनी चूत को उंगलियों से सहलाते हुए क्लोज-अप शॉट्स भेजने लगी। कूपे का वह चंद घंटों का रोमांस अब हर रात उनके फोन की स्क्रीन पर जिंदा रहने लगा था।

चैट और तस्वीरों से प्यास और बढ़ने लगी, तो उन्होंने वीडियो कॉल का सहारा लिया। रात के करीब 1 बजे, जब दोनों को यकीन हो जाता कि उनके आस-पास कोई नहीं है, फोन की घंटी बजती।

स्क्रीन पर सपना का गोरा बदन और राहुल की भूखी आँखें आमने-सामने होती।
“राहुल… देखो ना, तुम्हारे उन धक्कों के बाद से मेरी चूत की खुजली शांत ही नहीं हो रही है,” सपना कैमरे को नीचे ले जाते हुए अपनी नाइटी ऊपर उठा देती।

“तो फिर देर मत करो जान, अपनी उंगलियों को काम पर लगाओ और मुझे देखने दो,” राहुल स्क्रीन पर अपनी आँखें गड़ाए हुए खुद को अपनी पैंट से बाहर निकाल लेता।

राहुल फोन के उस पार से निर्देश देता और सपना कैमरे के सामने खुद को सहलाती, सिसकती और कूपे की तरह ही मदहोश होने का नाटक करती। राहुल का कड़ा लंड और सपना की गीली उंगलियां वीडियो कॉल के जरिए एक-दूसरे से जुड़ जाती। इस वर्चुअल खेल ने उनके बीच की दूरी को मिटा दिया था।

यह डिजिटल सिलसिला सिर्फ एक रात का नहीं, बल्कि हफ्तों तक चलता रहा। लेकिन स्क्रीन की यह गरमाहट अब उनके जिस्मों के लिए नाकाफी साबित हो रही थी। एक रात, वीडियो कॉल पर खुद को पूरी तरह शांत करने के बाद, राहुल ने हांफते हुए कहा: “सपना, अब इस स्क्रीन से मन नहीं भरता। मुझे तुम पूरी की पूरी, दोबारा अपने नीचे चाहिए। मेरठ और ट्रेन का सफर तो बस ट्रेलर था, असली फिल्म अभी बाकी है।”

सपना ने अपने बदन पर चादर खींचते हुए मुस्कुरा कर कहा, “तो फिर कोई रास्ता ढूंढो राहुल… क्योंकि गाँव की इस मिट्टी में मेरा भाई भी मुझे ज्यादा देर अकेले नहीं छोड़ता। अगर तुम्हें मुझे पाना है, तो तुम्हें दोबारा कोई सफर तय करना होगा।”

सपना का यह इशारा राहुल के लिए एक नई चुनौती था। अब देखना यह था कि राहुल गाँव की इस कड़क पहरेदारी और सपना के भाई के साए के बीच, सपना के इस गदराए बदन को दोबारा छूने के लिए क्या नया जाल बुनता है।

चूंकि राहुल और सपना के बीच का यह डिजिटल खेल अब एक ऐसी लत बन चुका था, जिसे दोनों में से कोई भी छोड़ना नहीं चाहता था। गाँव की रातों में जहाँ एक तरफ सपना अपने भाई की कड़क और बेरहम चुदाई के मजे ले रही थी, वहीं दूसरी तरफ उसके फोन की गैलरी राहुल के भेजे गए नग्न और उत्तेजक तस्वीरों से भरती जा रही थी। राहुल दिल्ली में बैठा हुआ हर पल बस इसी ताक में था कि कब उसे सपना का वह 32-30-32 का कातिलाना बदन दोबारा नोचने को मिले।

कहते हैं कि चोर चाहे कितनी भी होशियारी से चोरी करे, कोई ना कोई सुराग छूट ही जाता है। सपना अपने भाई (मेरे) से अपनी हर बात शेयर करती थी, लेकिन राहुल के साथ चल रहे इस वीडियो कॉल और नूड्स के सिलसिले को उसने पूरी तरह से गोपनीय रखा था। मगर वह भूल गई थी कि उसका भाई उसके जिस्म के साथ-साथ उसकी हर हरकत से वाकिफ था।

एक रात, करीब दो बजे, मैं पानी पीने के लिए उठा। सपना के कमरे के दरवाजे के नीचे से मोबाइल की मद्धम नीली रोशनी छनकर बाहर आ रही थी। मैंने कान लगा कर सुना, तो अंदर से सपना की दबी-दबी सिसकारियों और किसी लड़के की भारी आवाज सुनाई दे रही थी।

“उहहह राहुल… देखो ना, आज भैया ने गन्ने के खेत में इसे बहुत बुरी तरह पेला है… अभी भी यह कितनी लाल है… तुम कब आओगे इसे दोबारा शांत करने?” सपना फोन के कैमरे के सामने अपनी पैंटी नीचे करके अपनी गीली चूत दिखा रही थी।

“बस कुछ दिन और जान… इस बार आऊंगा तो तुम्हारे भाई के सामने ही तुम्हें गाड़ी के अंदर ही नंगा करके ठोकूंगा,” राहुल स्क्रीन के उस पार से हांफते हुए बोल रहा था।

बाहर खड़े मेरे बदन में यह सुनते ही गुस्सा और वासना दोनों एक साथ दौड़ गए। मैंने दरवाजा खटखटाने के बजाय सुबह का इंतजार करना बेहतर समझा।

अगली सुबह जब सपना रसोई में चाय बना रही थी, मैंने पीछे से जाकर उसकी पतली कमर को दबोच लिया और उसे दीवार से सटा दिया। उसके बूब्स मेरे सीने से पूरी तरह से दब गए।

“भैया… क्या कर रहे हो, सुबह-सुबह कोई देख लेगा…” सपना ने शर्माते हुए कहा।

“कोई नहीं देख रहा। वैसे सपना रानी, रात को राहुल के साथ वीडियो कॉल पर चूत दिखाने का क्या चार्ज ले रही हो?” मैंने उसके कान के पास फुसफुसाते हुए कहा।
यह सुनते ही सपना के चेहरे का रंग सफेद पड़ गया। उसका पूरा शरीर कांपने लगा। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या बहाना बनाए।

मैंने मुस्कुराते हुए उसका फोन उसकी जेब से निकाला और कहा, “घबरा मत मेरी जान। तेरा भाई इतना छोटा दिल नहीं रखता। मुझे तो मजा आता है जब दूसरे लौंडे तेरे इस गदराए बदन के लिए तड़पते हैं। लेकिन मेरी एक शर्त है…”

“कैसी शर्त भैया?” सपना ने डरते-डरते पूछा।

“अब से राहुल को जो भी फोटो या वीडियो कॉल जाएगी, वह मेरे सामने जाएगी। इनफैक्ट, अगली बार जब वह यहाँ आएगा, तो उसे ठोकते हुए मैं खुद अपनी आँखों से देखूँगा और फिर हम दोनों मिल कर तेरी इस चूत का कचरा निकालेंगे।”

सपना ने राहत की सांस ली और उसकी आँखों में दोबारा वही कामुक चमक लौट आई। वह मेरे गले लग गई और बोली, “आप सच में बहुत कमाल हो भैया। ठीक है, आज रात को जब राहुल का वीडियो कॉल आएगा, तो आप भी मेरे साथ रहना।”

उसी रात करीब एक बजे, राहुल का वीडियो कॉल आया। सपना बेड पर पूरी तरह से निर्वस्त्र होकर बैठी थी, और मैं कैमरे के फ्रेम से थोड़ा पीछे अंधेरे में बैठा हुआ था।

सपना ने कॉल उठाया। स्क्रीन पर राहुल अपने 8 इंच के कड़े लंड को हिलाते हुए नजर आ रहा था।

“हाय सपना जान… आज तो पूरी नंगी बैठी हो? लाओ, कैमरे को थोड़ा पास लाओ, जरा बूब्स का क्लोज-अप तो दिखाओ,” राहुल ने उत्तेजित होकर कहा।

सपना ने कैमरे को अपने बूब्स पर सेट किया और उन्हें दोनों हाथों से भींचते हुए बोली, “राहुल, आज तुम्हें एक सरप्राइज देना है। मेरठ और कूपे में तो तुमने मुझे अकेले पेला था, लेकिन आज मेरे साथ कोई और भी है।”

इतना कहते ही मैंने अंधेरे से निकल कर सपना को पीछे से अपनी बाहों में भर लिया। मेरा सख्त लंड सपना की गांड की दरार में फंसा हुआ था। राहुल ने जैसे ही मुझे स्क्रीन पर देखा, उसके होश उड़ गए। उसका हाथ लंड पर ही जम गया।
“तुम… तुम यहाँ?” राहुल ने घबराते हुए कहा।

मैंने कैमरे की तरफ देख कर एक ठंडी मुस्कान दी और कहा, “घबराओ मत राहुल भाई। मैंने कहा था ना कि तुमने रात भर मेरी बहन का ‘खयाल’ रखा था। मुझे तुम्हारी परफॉर्मेंस पसंद आई। अब जरा शांति से देखो कि असली चुदाई किसे कहते हैं, और फिर तय करो कि तुम्हें गाँव कब आना है।”

राहुल स्क्रीन पर आँखें फाड़े देखता रहा और मैंने सपना को बेड पर घोड़ी बना दिया। उसकी भारी गांड ठीक कैमरे के सामने थी। मैंने अपने मोटे लंड को उसकी चूत के मुहाने पर रखा और राहुल के सामने ही एक ऐसा गहरा धक्का मारा कि ‘पकाक’ की आवाज सीधे राहुल के फोन के स्पीकर से गूंज उठी।

“आहहह भैया… राहुल देखो… भाई का लंड कितना गहरा जा रहा है…” सपना कैमरे की तरफ देखते हुए चिल्लाई।

राहुल ये सब देख कर पागल सा हो रहा था पर मैं सपना को जोर-जोर के झटके लगाए जा रहा था , उधर राहुल सपना की भयानक चुदाई देख कर मानो जैसे बर्बाद हो रहा था। क्या राहुल सच में बर्बाद होने वाला था जानने के लिए बने रहें अपने भाई राजू के साथ।

धन्यवाद। कमेन्ट करके जरूर बताएं , कहानी कैसी लगी।

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