ऑफिस में उर्मिला की चुदाई-3 (Office mein Urmila ki chudai-3)

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पिछला भाग पढ़े:- ऑफिस में उर्मिला की चुदाई-2

हाय दोस्तों, पहले तो मैं आप सभी को धन्यवाद बोलना चाहता हूँ, आप सब ने मुझे इतने सारे मेल भेजे। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

मेरी कहानी को इतना प्यार देने के लिए आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद। बस इसी तरह मुझे इतना प्यार देते रहो, ताकि मैं आपके लिए अपनी व्यक्तिगत और वास्तविक कहानियाँ लिखता रहूँ। ये कहानी मेरी पिछली कहानी का दूसरा भाग है।

जिन लोगों ने पार्ट 1 नहीं पढ़ा है, उनसे अनुरोध है कि वो जाके पहले पार्ट 1 पढ़े। फिर ये कहानी पढ़े। तो आपको पहले अपने बारे में बताता हूँ।

मेरा नाम रोनित आहूजा है। मैं 35 साल का शादी-शुदा मर्द हूं। मैं उदयपुर में रहता हूं। अच्छा खास दिखता हूं, और किसी भी औरत को अच्छे से संतुष्ट करने की पूरी ताकत रखता हूं। अभी तक जिस-जिस की चुदाई की, सब को मेरा लंड लेके मजा आ गया। और अपनी तारीफ क्या करूं?

ये कहानी मेरी और उर्मिला की है। उर्मिला भी शादी-शुदा है। उसकी उम्र 34 साल है। फिगर 36-32-38 है। वो एक बच्चे की माँ है। उसके 36डी साइज़ के बहुत ही खूबसूरत स्तन हैं। वो बहुत ही सेक्सी है, और काफी कुछ तारक मेहता का उल्टा चश्मा की बबीता जी जैसी दिखती है।

भाग 1 कहानी का थोड़ा सा रिपीट टेलीकास्ट दे देता हूँ। उर्मिला मेरे अंडर ऑफिस में मेरे साथ जॉब करती थी। वही पे हमारी दोस्ती हुई, और मैंने सेट कर लिया। उसका पति उसे खुश नहीं रखता था, उस पर ध्यान भी नहीं देता था। वो सिर्फ अपने बिजनेस में डूबा रहता था, और वो अपने पति के प्यार के लिए तड़पती रहती थी।

इस कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि मैंने कैसे उर्मिला की प्यास बुझाई और उसे जी भर के चोदा। मैंने उर्मिला को ऑफिस के पहले दिन से ही चोदने की ठान ली थी। लेकिन मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था, कि वो खुद इतनी प्यासी थी। वो इतना खुल के मेरा साथ देगी मुझे मालूम नहीं था। चलो कहानी शुरू करते हैं।

तो हुआ यू कि काफी दिनों तक हम दोनों ऑफिस में जब मौका मिले तो चुम्मा-चाटी कर लेते थे। लेकिन अभी तक हमें चुदाई करने का मौका नहीं मिला था। होटल या ओयो रूम में चलने की हिम्मत उर्मिला में नहीं थी।

वो शादी-शुदा थी, इसलिए मैं बल प्रयोग भी नहीं कर रहा था। मैं बस ऑफिस में मौका मिलता ही उसके जिस्म का रस-पान कर लेता था।

कभी स्मूच करते तो कभी मैं उसके स्तन दबा देता। लेकिन ऑफिस में पूरी चुदाई का मौका नहीं मिल रहा था। मुझे तो कोई फर्क नहीं पड़ रहा था, क्योंकि मैं तो जब मर्जी अपनी बीवी को चोद लेता था। लेकिन उर्मिला मेरे प्यार में पागल हो रही थी।

उसके बर्ताव से मुझे लग गया था, जिस दिन छूटेगी ये मुझे खुश कर देगी। वो ऑफिस में आगे बढ़ के मुझे किसिंग के लिए कहती थी। अब मैं कहानी पर आता हूं।

एक दिन मैं ऑफिस गया तो पता चला उर्मिला छुट्टी पर थी। उस समय हमारा बिजनेस भी धीमा चल रहा था, तो ऑफिस में ज्यादा काम भी नहीं था। मैं बोर होने लगा।

तभी दिन के 12:30 बजे उर्मिला का कॉल आया। उससे बात करके मैं खुश हो गया। उसने मुझे बताया कि उसका पति कुछ दिनों के लिए बिजनेस के काम से बाहर जा गया था, और उसका बेटा स्कूल में था।

उसने कहा: रोनित तुम मेरे घर आ जाओ। आज घर में कोई नहीं है।

मैं समझ गया आज मेरी मनोकामना पूरी होने वाली थी।

मैंने बॉस को फोन लगाया के कहा: मेरी तबीयत थोड़ी खराब लग रही है। इसलिए मैं घर जा रहा हूं।

और ऑफिस से छुट्टी लेकर मैं उर्मिला के घर चला गया। उर्मिला का घर बहुत बड़ा था। मैंने उसके घर का गेट खोला, और गेट के अंदर जाकर डोरबेल बजाई। फ़िर उर्मिला आई और उसने दरवाज़ा खोला। गजब की सेक्सी लग रही थी। उसने हमेशा की तरह बहुत ही सेक्सी देव लगा रखा था, जिसकी खुशबू मुझे बहुत पसंद थी।

उसने हल्के गुलाबी रंग की गोल गले की टी-शर्ट पहन राखी थी, और साथ में क्रीम रंग की कैपरी पहनी हुई थी। टी-शर्ट में से उसके ब्रेस्ट का शेप साफ-साफ नज़र आ रहा था। उसके निपल्स भी दिख रहे थे। स्पष्ट रूप से पता चल रहा था कि उसने अंदर ब्रा नहीं पहनी थी।

मैंने ऊपर से नीचे तक देखा, और मुझे लगा बस यहीं तो मुझे चाहिए। मैंने एक बड़ी सी स्माइल दी, और उसने भी मुझे शर्माते हुए स्माइल दी। फ़िर मैंने उसे आँख मार दी। वो शर्मा गई और उसने मुझे अन्दर बुला लिया।

मैंने अपने जूते उतार दिए, और अंदर चला गया। वो सीधे मुझे अपने बेडरूम में ले गई। उसके बेडरूम में साइड में एक सिंगल सीटर सोफा रखा था। उसने मुझे उसपे बैठने को कहा। बेडरूम में एसी की ठंडी हवा आ रही थी।

उसने मुझे सोफे पर बैठा के कहा: सर, क्या लोगे?

मैने कहा:उर्मिला मैं तो बस तुम्हारी लूंगा।

और वो शर्मा गई। वो कहने लगी-

उर्मिला: वो तो ले लेना, लेकिन पीने में क्या लोगे, चाय, कॉफ़ी या ठंडा?

मैंने बिना कुछ देर किये उसे अपनी तरफ खींच लिया, और उसे होठों पे चूमने लगा। वो भी पूरी तरह तैयारी करके बैठी थी। वो भी मुझे पागलों की तरह स्मूच करने लगी। मुआह मुआह उम्माह की आवाज़ पूरे बेडरूम में फैल गई। मैंने बेडरूम में एसी के नीचे दीवार पर सटा दिया, और हम दोनों किसिंग करने में खो गए।

हम दोनों ही पूरी तरह तैयार थे एक-दूसरे के जिस्म का स्वाद चखने के लिए। किसिंग करते-करते मैं अपने हाथों से उसका दूध दबाने लगा। उसके 36डी साइज़ के स्तन मेरे हाथों से थोड़े बड़े थे।

मैंने देखा कि उसके निपल्स पहले से ही सख्त हो गए थे। मैंने धीरे से उसके निपल को अपनी उंगलियों से मसला और उसकी आह निकल गयी। वो बोली-

उर्मिला: रोनित, मैं तुमसे प्यार करती हूँ।

मैंने कहा: उर्मिला, मैं भी तुमसे प्यार करता हूं।

ऐसा कहते हुए मैं अब उसके गालों से होते हुए उसकी गर्दन को चूमने लगा। उसके बदन की सेक्सी महक मुझे दीवाना बना रही थी। उसने मेरी शर्ट के बटन खोल के उसके बेडरूम में लगी खूंटी पे टांग दी। मैंने अपनी बनियान उतार के फेंक दी। हम दोनों पूरे जोश में थे।

इसके आगे क्या हुआ, ये आपकी कहानी के अगले भाग में पता चलेगा।

अगला भाग पढ़े:- ऑफिस में उर्मिला की चुदाई-4

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