पड़ोसन बनी दुल्हन-12

This story is part of the Padosan bani dulhan series मैंने सेठी साहब के बालों में उंगलियां फिराते हुए कहा, “कोई बात नहीं सेठी साहब। मुझे पता है। सुषमाजी ने भी मुझे इशारों इशारों में यह बात कही थी। मैं समझ सकती हूँ। आप मेरी सिसकारियां और चीखों की परवाह मत करो। यह दर्द मेरे … Read more

पड़ोसन बनी दुल्हन-11

This story is part of the Padosan bani dulhan series कहानी टीना की जुबानी मैंने जिंदगी में एक बात सीखी है। अगर आपको फूल चाहिए तो आप को कांटो को भी स्वीकारना पड़ेगा। आप सिर्फ फूल की अपेक्षा नहीं रख सकते। ऐसी अपेक्षा रखने से जिंदगी में निराशा ही प्राप्त होगी, क्यूंकि फूल तो हरेक … Read more