दोस्तों मेरा नाम आकाश है। मैं जयपुर का रहने वाला हूं। मेरी उमर 22 साल है, और मैं कॉलेज में फाइनल ईयर का स्टूडेंट हूं। हाइट 5’11” है, और लंड मेरा 6 इंच का है। हर जवान देसी लौंडे की तरह मुझे भी चुदाई करने का बड़ा शौंक है। लेकिन हमारे देश की लड़कियां चुदाई के लिए बहुत नखरे करती हैं।
आज की कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैं अपनी दीदी और जीजा के साथ शिमला ट्रिप पर गया, और कैसे वहां हमारी थ्रीसम चुदाई हुई। तो चलिए शुरू करते हैं।
मेरे परिवार में मेरे अलावा मेरे मम्मी-डैडी और दीदी हैं। मेरी दीदी की शादी 2 साल पहले हो चुकी है। वो मुझसे 5 साल बड़ी है। उनकी शादी हमारे ही शहर में हुई है, और उनका घर हमारे घर से 20 किमी दूर है।
जब से मुझे जवानी चढ़ी है, मैंने दीदी के रूप में एक खूबसूरत लड़की को अपना आस-पास देखा है। क्योंकि वो मेरी बहन है, तो मैंने हर मुमकिन कोशिश की, कि उनके बारे में कुछ गलत ना सोचू। लेकिन कभी-कभी उनकी क्लीवेज की झलक, बड़ी गांड का मटकना, टाइट कपड़ों में उनके सेक्सी कर्व्स देख कर मेरा लंड अपने आप पर काबू नहीं पा सका।
मैंने अपनी दीदी के बारे में सोच कर बहुत मुठ मारी। लेकिन उनको कभी इस बात का एहसास नहीं होने दिया कि मैं मन ही मन उनको कितनी बार चोद चुका हूं। फिर दीदी की शादी हो गई। अब मुझे घर पर वो खूबसूरत बदन वाली लड़की देखने को नहीं मिलती थी।
शादी के बाद दीदी के कर्व्स और ज्यादा सेक्सी हो गए। जिस दिन वो जीजू के साथ घर आती थी, उस रात मेरा मुँह मारना पक्का था। मैंने बहुत बार कल्पना की कि जीजू कैसे दीदी को चोदते होंगे मजे से। लेकिन ये सब करते हुए मुझे नहीं पता था मुझे दीदी की चुदाई का मौका मिलेगा।
दिसंबर की छुट्टियाँ चल रही थी। एक दिन मुझे जीजू का फोन आया कि उन्हें दीदी के साथ शिमला जाने का प्रोग्राम बनाना था। क्योंकि वो दोनों गाड़ी में जाने वाले थे, तो उन्हेंने मुझे उनके साथ चलने को कहा। क्योंकि उनको एक और ड्राइवर की ज़रूरत थी, और साथ ही मैं भी शिमला घूम लेता। मैंने भी झट से हां कह दी।
फिर सब तैयार हो गए, और हम लोग शिमला के लिए निकल गए। दीदी ने गाड़ी में टाइट जींस और टी-शर्ट पहनी थी, जिसमें वो बहुत सेक्सी लग रही थी। मेरा तो उनको देख कर लंड खड़ा हो रहा था।
कुछ घंटों की ड्राइव के बाद हम शिमला पहुंच गए। वहां हमने 2 रूम बुक किये थे एक ही होटल में। पहले हमने अपने-अपने कमरों में जाके आराम किया। फिर शाम के वक़्त हम घूमेंगे निकले। सर्दी का मौसम था, तो काफ़ी ठंड थी। हमें बहुत मजा आ रहा था। मेरी नज़र कभी दीदी की गांड पर जाती, तो कभी उनके रसीले होंठों पर। स्तन उनके जैकेट में ढके हुए थे।
आगे बढ़ने से पहले मैं आपको अपने जीजू के बारे में बता देता हूं। मेरे जीजू बहुत मस्त आदमी हैं। वो बहुत फ्रैंक और खुले स्वभाव के हैं। मेरे साथ वो सेक्सी बातें भी कर लेते हैं। घूमते हुए एक वक्त मैं और जीजू एक रेस्टोरेंट की टेबल पर बैठे थे। दीदी ऑर्डर करने गई हुई थी, और मेरी नज़र बार-बार उसकी गांड पर जा रही थी। तभी मेरी नज़र जीजू पर पड़ी, तो वो मुझे ही देख रहे थे। मैंने झट से अपनी आंखें दूसरी तरफ कर ली।
तभी वो बोले: देख ले, देख ले। तेरी ही बहन है।
मैं: क्या मतलब जीजू?
जीजू: तू अपनी बहन की गांड घूर रहा है कब से।
मैं: नहीं जीजू, ऐसा नहीं है। मैं तो मेनू पढ़ रहा था, वो देखो वहां लगा है।
जीजू: जब भी तेरी दीदी तेरे आस-पास होती है। तब तो उसकी बॉडी घूरता है। और हर जगह मेनू तो नहीं होता।
उनकी बात सुन कर मैं घबरा गया। मुझे समझ नहीं आया कि मैं क्या बोलूं। ये भी समझ नहीं आया कि उन्हें कब और कैसे देखा। और सिर्फ मुझे ही लगता था कि किसी को पता नहीं चल रहा? फ़िर वो बोले-
जीजू: अरे घबरा मत। टेंशन की कोई बात नहीं है। तेरी दीदी है ही इतनी सेक्सी। वो पहले एक औरत है। बाद में तेरी दीदी। मैं भी अपनी बहन को देखा करता था उसकी शादी से पहले। ये सुन कर मैं हैरान हो गया। फ़िर वो बोले-
जीजू: चोदेगा अपनी दीदी को?
मैं: क्या?! ये क्या कह रहे हो आप जीजू?
जीजू: चोदेगा क्या, सीधे बता।
मैं: लेकिन कैसे? वो मान जायेगी?
जीजू: अरे उसको लंड लेने में बड़ा मजा आता है। और उसको भी पता है कि तू उसको घूरता है। उसने बताया था मुझे शुरू-शुरू में।
ये सुन कर तो मेरे दिमाग की बत्ती गुल हो गई। फिर मैंने सोचा कि अब दीदी को पता तो था ही सब। तो क्यों ना मैं हां बोल दू उनकी चुदाई के लिए।
मैं: ठीक है जीजू। मैं तैयार हूं।
जीजू: चल ठीक है। रात में तुझे मैसेज करूंगा। रूम में आ जाना।
मैं: ठीक है।
फिर हम खा पी कर होटल चले गये। मैं अब जीजू के मैसेज का इंतजार कर रहा हूं। कुछ देर बार उनका मैसेज आया। मैं भाग कर उनके कमरे की तरफ गया। दरवाज़ा खोला, तो अंदर देख कर मेरे होश उड़ गये।
मेरी दीदी लाल ब्रा और पैंटी में बिस्तर पर लेटी थी, और जीजू उनके साथ कच्चे में लेट गये थे। मुझे देख कर वो बोले-
जीजू: आजा छोटे। कपड़े उतार जल्दी से और हमें ज्वाइन कर।
मैंने दीदी की तरफ देखा तो उन्होंने एक स्माइल दी। फ़िर वो बोली-
दीदी: आ जाओ भाई जल्दी से।
मैंने जल्दी से अपने कपड़े निकाल दिए, और अंडरवियर में आ गया। फिर जाके बिस्तर पर दीदी के पास लेट गया। अब दीदी हम दोनों के बीच थी। वो जीजू की तरफ मुड़ी, और दोनों ने किसिंग शुरू कर दी। मैं सोच रहा था कि अब मैं क्या करूं।
फिर दीदी ने किस्स करते हुए अपना एक हाथ पीछे किया। अपने हाथ से मेरा हाथ पकड़ा, और पैंटी के ऊपर से अपनी गांड पर रख दिया। उनकी नरम गांड को छूते ही मैं पागल हो गया। मैं पीछे से उनको लिपट गया, और उनकी पीठ चूमने लगा।
इसके आगे क्या हुआ, वो आपको अगले भाग में पता चलेगा। यहां तक की कहानी की फीडबैक [email protected] पर दे।