शादी के घर में चोदी सेक्सी कामवाली-1 (Shadi ke ghar mein chodi sexy kamwali-1)

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दोस्तों मेरा नाम जतिन है। मैं दिल्ली का रहने वाला हूं। मेरी उमर 24 साल है, और मेरी थोक की दुकान है। देखने में मैं अच्छा हूं, फिट हूं, और चूत का बहुत भूखा हूं। आज की कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि मैंने एक सेक्सी कामवाली की चुदाई कैसे की।

तो चलिए शुरू करते हैं। मेरे मामा जी अपने बेटे के लिए काफी टाइम से रिश्ता ढूंढ रहे थे। पिछले महीने उनका कॉल आया कि उनके बेटे का रिश्ता तय हो गया था, और शादी 15 दिन में ही करनी थी। उन्हें मेरे पूरे परिवार को आमंत्रित किया, और मुझे पहले आने को कहा ताकि मैं तैयारियों में उनकी मदद कर सकूं। मैंने भी जल्दी से पैकिंग की, और उनके घर को निकल पड़ा।

मेरे मामा जी की फैमिली में वो खुद, मामी, उनका बेटा, नानी-नानी है। इसके अलावा उनके घर में एक नौकरानी है, जो वहीं पर नौकर के कमरे में रहती है। उसका नाम रेखा है, और वो 30 साल की है।

रेखा के बारे में बताऊं तो वो सावले रंग वाली, और सेक्सी फिगर वाली लड़की है। उसकी शादी अभी तक नहीं हुई थी, क्योंकि उसका बाप बीमार रहता था, और उसके अलावा बाप का ख्याल रखने वाला कोई नहीं था। वो पिछले 3 साल से मामा के घर नौकरी कर रही थी। मैं जब भी मामा के घर जाता हूं, तो हमें जरूर ट्राई करना चाहिए, शायद वो मुझसे चुदवा ले। लेकिन बात नहीं बनती थी। लेकिन इस बार किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

जब मैं वहां पहुंचा, तो शादी की तैयारी शुरू हो चुकी थी। मुझे भी वहां पहुंचते ही 10 काम दे दिए गए, और मैं भी उनको पूरा करने में लग गया। एक सुबह जब मैं उठ कर कमरे से बाहर हॉल में आया, तो रेखा पोछा लगा रही थी।

जो लोग दिल्ली के लौंडों को जानते हैं, उनको पता ही होगा कि पोछा लगाती औरत का माल हम लोग मजे से देखते हैं। पूरी बॉडी स्कैन करा देते हैं। ऐसा ही मैंने भी किया। रेखा ने लेगिंग्स-शर्ट पहनी थी, और दुपट्टा नहीं लिया था। पोछा लगाते वक्त जब वो झुकी हुई थी, तो उसकी क्लीवेज साफ नज़र आ रही थी।

दोस्तों उसके स्तन बहुत रसीले थे। देख कर ऐसा लग रहा था, कि दबने पर अभी दूध बाहर आ जाएगा। मेरा तो मन कर रहा था कि उसकी क्लीवेज में घुस जाऊं। फिर जब वो घूमी, तो उसकी गांड पर मेरी नज़र पड़ी। क्या मस्त जाँघें थी, और क्या ज़बरदस्त शेप थी चूतड़ों की। कसम से सुबह-सुबह लंड खड़ा कर दिया। फिर उसकी नज़र मुझ पर पड़ी, तो मैंने अपनी नज़र हटा ली। लेकिन उसको पता लग चुका था कि मेरी हरकतें शुरू हो चुकी थी।

फिर मैंने वासना की तरफ से अपना ध्यान हटाया और काम में लग गया। सारे दिन में बाज़ार के बहुत से काम किये। रात को थक कर वापस आया तो दरवाज़ा रेखा ने खोला। उसको देखते ही मेरी थकान दूर हो गई। डिनर के बाद मैं अपने कमरे में सोने चला गया। सब लोग जल्दी सोने चले गए, क्योंकि सारे दिन के काम से थक गए थे।

आधी रात को अचानक से मुझे प्यास लगी। सारे दिन में मैंने बाज़ार घूमते हुए पानी बहुत कम पिया था, शायद इसलिए। मैं उठा और किचन की तरफ जाने लगा। किचन पहुंच कर मैंने पानी पिया, और वापस आने लगा। तभी मेरी नज़र नाना-नानी के कमरे की तरफ गई। वहां से कोई निकल रहा था। मुझे लगा नाना या नानी होगी। लेकिन नहीं, ये तो रेखा थी। वो बड़े ही आराम से धीरे-धीरे कमरे से बाहर आ रही थी।

उसकी चाल देख कर मुझे उस पर शक होने लगा। मुझे लगा दाल में जरूर कुछ काला था। रेखा अपने कमरे में चली गई। मैं भी चुप कर उसके कमरे के बाहर खड़ा हो गया। उसने दरवाजा बंद कर लिया, तो मैं खिड़की से अंदर झांक रहा था। कमरे में जाके उसने अपनी जेब से एक चेन निकाली। वो चेन नाना की थी।

मैं समझ गया कि उसने वो चेन चोरी की थी। मैंने जल्दी से जेब से फोन निकाला और उसका वीडियो बना लिया। वीडियो बनाते हुए मैं खुश हो रहा था, क्योंकि यही वीडियो मुझे उसकी चूत दिलवाने वाली थी। फ़िर मैं जाके अपने कमरे में सो गया।

अगले दिन सुबह फिर से वो हॉल में पोछा लगा रही थी। आज मैं फिर से उसको देखने लगा। जब उसने मुझे देखा, तो मैंने नज़रें नहीं हटाई, और उसको देख कर मुस्कुराने लगा। फिर वो मुंह बना कर वहां से चली गई।

थोड़ी देर में सब तैयार हो गए, और अपना-अपना काम पूरा करने निकल गए। लेकिन आज मैं कहीं नहीं गया। अब घर पर सिर्फ मैं और रेखा थी। उसको चोदने के लिए मैं बिल्कुल तैयार था। आज उसने जींस के साथ कुर्ता पहना था, जिसमें वो बहुत सेक्सी लग रही थी। वो किचन में काम कर रही थी।

मैं पीछे से गया, और उसको अपनी बाहों में भर कर उसके स्तन दबाने लगा। वो एक दम से मेरी हरकत से परेशान हो गई, और मुझे धक्का दे कर पीछे किया। फ़िर वो बोली-

रेखा: तुम ना अपनी ये हरकत मत करो।

मैं: और तुम्हारी हरकतें, उनका क्या?

रेखा: मैंने क्या किया है?

मैंने झट से अपनी जेब से फोन निकाला और उसकी वीडियो चला दी। अपनी वीडियो देख कर उसकी गांड फट गई। अब वो कुछ बोल नहीं पा रही थी। फिर मैंने कहा-

मैं: अगर तुम चाहती हो, कि तुम्हारी ये हरकत बाहर ना आ जाये। तो मुझे मेरी हरकत करने दो।

वो सिर्फ मुझे देखती रही, और बोली कुछ नहीं। मैं समझ गया वो तैयार थी। फिर मैंने उसको बाहों में भर लिया, और उसके होठों से चिपका दिया। अब मैं उसे पसंद करूंगा। वाह, क्या नमकीन स्वाद आ रहा था उसके होठों से। मैं मज़े से उसके होंठ अपने मुंह में खींच कर चूस रहा था, और साथ में उसकी पीठ और गांड पर हाथ फेर रहा था।

वो साथ तो नहीं दे रही थी, लेकिन उसकी सांसें तेज़ हो रही थी। कुछ देर की किसिंग के बाद मैंने उसकी गर्दन को चूमना शुरू किया। वो आहें भरने लगी। मैं समझ रहा हूं कि वो ज्यादा देर तक कंट्रोल नहीं कर पाएगी। गर्दन चूमते हुए मैंने कुर्ते के ऊपर से उसके स्तन दबाने शुरू कर दिए।

इसके आगे क्या हुआ, आपकी कहानी के अगले भाग में पता चलेगा। यहां तक की कहानी की प्रतिक्रिया [email protected] पर दे।

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