ऑफिस में उर्मिला की चुदाई-4 (Office mein Urmila ki chudai-4)

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पिछला भाग पढ़े:- ऑफिस में उर्मिला की चुदाई-3
ऑफिस सेक्स कहानी अब आगे-

वो जैसी ही शर्ट टांग के मेरे करीब आई, मैंने उसके हाथ ऊपर करके उसकी टी-शर्ट उतार दी। वो अपने हाथों से अपना दूध छुपाने की नाकाम कोशिश करने लगी। लेकिन उसके स्तन बहुत बड़े थे। उसके कमरे की लाइटें बंद थी, लेकिन उसमें खिड़कियां थी और बंद होने के बाद भी सूरज की रोशनी अंदर आ रही थी।

उसे शर्म आने लगी, और उसने खिड़की पे लगा पर्दा बंद कर दिया। फिर जैसा ही वो मेरे पास आई, मैंने फिर उसे दीवार के सहारे लगा दिया। उसकी‌ गर्दन पर चुंबन पहले शुरू कर दी, और धीरे से उसके हाथ उसके स्तन पे से हटा दिया।

उसके सफ़ेद और बड़े-बड़े स्तन ऊपर से कड़क निपल्स देख के मैं मदहोश हो गया। पहले मैंने उसे दूध ज़ोर से दबाया, तो वो झटपटा गई और बोली-

उर्मिला: रोनित धीरे।

अब मैं गर्दन से होते हुए पहले उसकी क्लीवेज और फिर उसके दूध को चूमने लगा। उसके दूध को किसिंग करने से जैसे उसे पता नहीं क्या हो गया। उसने अपनी आँखें बंद कर ली। वो आअहह येस्स रोनित कह कर मेरे मुँह को अपने दूध पर दबाने लगी। थोड़ी देर ऐसे ही उसके दूध चूमने के बाद जब मैंने देखा कि अब वो पूरी तरह मेरी हो चुकी थी। तो मैंने धीरे से सोफे पर बैठा दिया।

अब मैंने नीचे से उसकी कैपरी उतार दी। उसने अंदर पेंटी नहीं पहनी थी। उसकी चूत अब मेरे सामने थी। पर्दा लग जाने के कारण रोशनी अब पहले जितनी नहीं थी। फ़िर भी मैं उसकी चूत देख रहा था।

उसकी चूत एक-दम साफ थी मानो अभी थोड़ी देर पहले ही साफ हो। चूत एक-दम टाइट लग रही थी। पता ही नहीं चल रहा था कि वो 1 बच्चे की माँ थी। लेकिन उसकी चूत गीली हो चुकी थी। मैंने धीरे से उसकी चूत को सहलाना चालू किया। मेरी उंगलियाँ लगती ही उसकी सिस्कारियाँ निकलने लगी।

उर्मिला: उफफफ्फ़ आह्ह रोनित फक मी बेबी।

फिर मैं ज़मीन पर बैठ गया और उसकी जोड़ी खोल के मैंने अपनी जुबान उसकी चूत पे लगा दी। मुझे चूत चाटने में बहुत मजा आता है। मेरी जुबान लगते ही वो तो मानो पागल सी हो गई। मैंने अपनी जुबान से उसकी चूत को चाटा। फ़िर ज़ुबान से ही उसकी क्लिटोरिस को चाटने लगा। उसकी चूत से अलग ही स्वाद आ रहा था।

उसकी चूत के पानी की अजीब सी महक आ रही थी। मुझे उसका नशा सा चढ़ने लगा। मैं पूरे जोश से उसकी बातें करने लगा। वो मजे ले-ले के चूत चाटने लगी। वो उह्ह्ह अह्ह्ह्ह रोनित अब डाल दो कहने लगी।

पर मैं कहा मानने वाला था। मैं तो पूरा तरसा-तरसा के चोदने वाला था। उसकी बात को अनसुना करते हुए अपनी जुबान और उंगलियों से चोदने लगा। मैं उसकी चूत में जैसा खो गया था। थोड़ी ही देर में उसका पूरा पानी निकल गया।

वो बोली: मेरा निकाल दिया तुमने।

मैंने कहा: अभी तो शुरू हो रहा है।

फिर वो एक तौलिया ले आई और अपनी चूत को साफ करने लगी। अभी तक मैंने अपनी जींस नहीं उतारी थी। अब मैं सोफे पर बैठ गया, और मैंने अपनी जींस और अंडरवियर उतारते हुए कहा-

मैं: चलो आ जाओ। अब तुम्हारी बारी है।

वो बोली: मुझे मुँह में लेना अच्छा नहीं लगता।

तो मैंने कहा: फिर कहां लोगी?

उसने अपनी चूत की तरफ इशारा करते हुए कहा: इसमें!

मेरा लंड देख के उसकी आँखों में एक अलग ही चमक आ गई थी। उसने थोड़ा सा थूक लेके अपनी चूत पे लगाया, और मेरे लंड पर थूक लगा के उसे अपने हाथों में पकड़ लिया। अब वो मुझे सोफे से उठा के अपने बिस्तर पर ले गई।

अब मैंने उसकी जोड़ी फैला दी, और उसके ऊपर आ गया। मेरा लंड मैंने उसकी चूत पर सेट किया और अंदर डालने लगा। उसकी चूत टाइट थी, इसलिए लंड धीरे-धीरे अंदर जाने लगा। मजा आने लगा, और धीरे-धीरे मैंने अपना लंड पूरा उसकी चूत में उतार दिया।

मुझे उसकी चूत की गर्मी अपने लंड पर महसूस होने लगी। अब मैंने धीरे-धीरे उसे चोदना चालू किया।

उर्मिला: आह हाँ, और ज़ोर से करो जान। चोदो मुझे। मुझे चोदो। अह्ह्ह्ह मर गयी अह्ह्ह्ह।

मैं चुप-चाप उसकी चुदाई का मजा लेने लगा। चोदने में गजब का मजा आ रहा था। मेरा लंड भी अब अपनी स्पीड पकड़ चुका था। उसकी आवाज़ से पता चल रहा था कि शॉट्स सही जगह पे लग रहे थे।

काफ़ी देर यूज़ मिशनरी में चोदने के बाद मैंने सोचा अब पोजीशन बदलनी चाहिए। तो मैं बिस्तर के कोने पर खड़ा हो गया, और मैंने उसकी जोड़ी अपने कंधों पर रख दिये। फिर धीरे से लंड अन्दर डाला, और 1 बार फिर मैं उसकी चुदाई करने लगा। ऐसा करने से लंड ज़्यादा गहरा हो गया। लेकिन ये पोजीशन इस्तेमाल थोड़ी असुविधाजनक लग रही थी शायद।

तो उसने मुझे रोका और बोली: ऐसा दर्द हो रहा है।

तो मैंने कहा: चलो घोड़ी बन जाओ।

वो तो पत्नी की तरह मेरा हुकुम मानते हुए झट से घोड़ी बन गई। धीरे से मैंने पीछे से अपना लंड उसकी चूत में उतारने की कोशिश की। ग़लती से मेरा लंड उसकी गांड की तरफ चला गया।

वो चीख पड़ी: वहां नहीं रोनित।

मैंने भी मस्ती में कहा: आ जाओ, तुम्हारी गांड की वर्जिनिटी तोड़ दूं।

वो बोली: नहीं, इतना बड़ा डालोगे तो मर जाउंगी।

फिर उसने खुद धीरे से मेरा लंड अपनी चूत पर सेट किया, और एक बार फिर हम ख्वाबों की दुनिया की सैर करने निकले। अब मैं घोड़ी बना के उसे चोदने लगा। हम दोनों हवा में पूरी तरह डूब चुके थे। अब मैं झटके मारने लगा।

वो उह्ह्ह अह्ह्ह्ह जान हाँ, और तेज़ चोदो मुझे कह के चुदाई का पूरा आनंद ले रही थी। मैं भी पूरे जोश में उसे चोदने लगा। फिर मुझे लगा अब शायद मेरा निकलने वाला था। तो मैं रुक गया।

वो बोली: क्या हुआ जानू? रुक क्यों गए?

मैंने कहा: अब मेरा निकलने वाला है उर्मिला।

उर्मिला: ठीक है, तो क्या मैं आपके ऊपर आऊं?

मैंने कहा: ठीक है, आ जाओ।

अब मैं पीठ के बल लेट गया, और वो मेरे लंड पर आके बैठ गई। ब्रेक देने की वजह से मैं थोड़ी देर और चोद सकता था। अब वो मेरे लंड पर उछल-उछल कर चुद रही थी। उसका नंगा जिस्म और बड़े-बड़े स्तन देख के मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि हम चुदाई कर रहे थे।

फ़िर मैंने उसे कहा: अब मैं ज़्यादा नहीं रोक पाऊँगा। तुम निकल लो अपना।

उसने कहा: ठीक है।

वो मेरे लंड को अपनी स्पीड से लेके अपना निकलने लगी। थोड़ी देर में वो तेज़ आवाज़ के साथ झड़ गई। फ़िर वो मेरे ऊपर आके मुझे गले लगा के रुक गयी।

वो बोली: मेरा तो निकल गया।

मैंने कहा: मेरा भी निकलने वाला है। थोड़ा ऊपर नीचे होके लेलो। निकल जायेगा।

फिर वो काउगर्ल पोजीशन में लंड से चुदवाने लगी। कुछ ही देर में मेरा भी निकलने वाला था।

मैंने कहा: हटो जान, मेरा निकलने वाला है।

वो बोली: कोई बात नहीं जान। अंदर ही डाल दो। मैं टेबलेट खा लूंगी।

फिर मैंने उसकी चूत में ही अपना पानी निकाल दिया।

ये लम्बी चुदाई करके हम दोनों थक चुके थे। हम दोनो थोड़ी देर तक ऐसे ही बिस्तर पर नंगे एक-दूसरे की बाहों में पड़े रहे। चुदाई करते समय हमें पता ही नहीं चला कि कमरा बहुत ठंडा हो चुका था। उसने रिमोट से ए.सी. बंद किया, और जाके कपड़े पहनने लगी। हम दोनों को पता ही नहीं चला कि चुदाई करते-करते काफी टाइम हो चुका था।

उसने कहा: आप शावर ले लो। मैं आप के खाने के लिए कुछ बना देती हूं।

मैंने कहा: नहीं, खाना नहीं। साथ में नहाएंगे।

फिर हम दोनों ने साथ में शावर लिया। हम दोनों बहुत खुश हैं। नहाते समय उसने मुझे बताया कि उसके पति ने उसे कभी सही से चोदा ही नहीं था। उसने मुझे धन्यवाद कहा और कहा आज से तुम ही मेरे पति हो।

मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं उसे क्या कहूं। मैंने कुछ नहीं कहा और उसे टाइट हग कर दिया। फिर मैं कपड़े पहन के वहां से चला गया।

उसके बाद हमने खुल के कई बार सेक्स किया। उर्मिला मुझसे सच्चा प्यार करती है। पर मैं अपनी पत्नी से बहुत प्यार करता हूँ। लेकिन मैं उसका दिल नहीं तोड़ना चाहता हूं, इसलिए मैंने कभी सेक्स के लिए मना नहीं किया।

मैंने सोचा था कि शादी के बाद किसी पराई औरत के साथ सेक्स नहीं करूंगा। लेकिन उर्मिला के साथ मैं खुद को रोक नहीं पाया। क्या मैंने सही किया? या मुझे उर्मिला को मनाना चाहिए?

आपको मेरी कहानी कैसी लगी?

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