पिछला भाग पढ़े:- मौसी की शादी में मामा ने लिय मज़े-2
गे सेक्स कहानी के पिछले पार्ट में आप सब ने पढ़ा कि कैसे मामा मुझे अपने साथ खेत में ले जाते हैं। वहाँ पर मामा के कुछ दोस्त भी आ जाते हैं और उन सब को उनके देसी अंडरवियर में देख कर मेरे मामा जी से अपनी गांड मरवाने की तलब और बढ़ जाती है, और मामा के दोस्तों ने मुझे अपने साथ पानी के हौज में नहाने का ऑफर दिया है।
जिसमें से एक दोस्त राजू मेरी सेक्सी बॉडी को देख कर अपनी हवस में आकर मुझे सबके सामने नंगा कर देता है और खुद भी अपना कच्छा निकाल देता है। उसे देख कर मैं डर गया, तो मामा और उसके बीच हाथापाई हो जाती है। अब कहानी आगे-
राहुल और अविनाश तो बहन के लोड़े हैं, इनको अभी तक छेद ही नहीं मिला है। मामा ने राजू को गाली दी और बोले, ‘चढ़ गई है तो बता उतार दूँ? तेरी मां का भोसड़ा, कुछ भी चोदे जा रहा है।’
तो राजू बोला कि, “वह भी तो मर्द है, 2-3 साल बाद वह भी चूत, गांड, चोदना सब करेगा।” और ऐसा बोलते हुए राजू ने मेरे बूब्स दबा दिए और बोले, “देखो क्या मस्त हैं।” उसके बाद राजू ने अपना कच्छा निकाल दिया और मेरा तौलिया निकाल कर मेरी मोटी और सेक्सी गांड को सब के सामने एक्सपोज़ कर दिया।
मैं भी यह सब चाहता था पर ऐसा एक-दम होने पर मुझे कुछ समझ नहीं आया और मैं रोना शुरू कर दिया। यह सब देखते हुए मैं रूम में तौलिया लपेटे हुए रोते हुए चला गया और मामा और राजू के बीच हाथापाई हो गई और मामा ने उन तीनों को खेत से भगा दिया।
मैं अंदर जाकर बस रो रहा था और अभी भी मामा का तौलिया लपेटे हुए था। तभी अविनाश मामा ने मुझे पीछे से पकड़ कर अपनी छाती से चिपका कर मुझे चुप कराया और बोले कि, “यह बात किसी को नहीं बताना, वरना मुझे बहुत मार पड़ेगी और शादी में फालतू का कलेश हो जाएगा।”
मामा साथ-साथ मेरी पूरी बॉडी को अपने मर्दाना हाथों से सहला रहे थे। मामा की दमदार देसी छाती से चिपक कर मेरा भी घोड़ा हल्का खड़ा हो रहा था। और मामा के गीले अंडरवियर में भी कुछ हलचल हो रही थी, जो हम दोनों को पता चल रही थी।
तभी मामा ने मुझे अपने से दूर किया तो तौलिया निकल गया। अब मैं मामा के सामने पूरा नंगा हो गया। मामा ने बोला कि, “अरे तू है तो बड़ी मस्त चीज़। राजू की बात ग़लत नहीं। तू बोले तो लेलूं तेरी सेक्सी मोटी और गोरी गांड का मज़ा। देख मेरा भी कितना बड़ा है।” ऐसा बोल कर मामा ने भी अपना अंडरवियर निकाल दिया और उनका काला लंड निकला, जो कि पूरी तरह देशी जाट के बालों के साथ और भी कामुक लग रहा था, जिसे आज मैं ठीक से निहार रहा था।
मामा मेरे पास आए तो मैंने उनका हल्का-सा विरोध किया, नहीं तो ये ग़लत और भी फालतू बातें। जिससे मामा को ना लगे कि मुझे उनसे अपनी गांड मरवाने की तलब थी। पर अब मामा कहां रुकने वाले थे, तो मामा ने मुझे कस कर दीवार से सटा कर मेरा चेहरा ऊपर उठाया और एक किस्स किया।
मैंने भी मामा का नीचे वाला होंठ थोड़ा सा काट लिया, जिससे मामा ने मुझे एक तमाचा मारा और बोले, “साले, एक तो इतनी सेक्सी काया का लौंडा है और अब जब मेरा पूरा मूड चूदाई के लिए आतुर है, तो नाटक ख़त्म कर वरना सब को बोल दूँगा कि तेरी गांड को गुफा बना दूँगा, मजे ले और लेने दे।”
उसके बाद मामा ने मुझे फिर से किस्स किया और अब मैं भी मामा का साथ देने लगा। अब मामा ने किस्स करते हुए मेरे बूब्स से खेलना शुरू कर दिया और फिर मामा ने मुझे नीचे किया और मामा का लिंग मेरे मुंह में लेने का आदेश दिया। तो मैंने फिर से नाटक किया तो मामा ने मुझे ज़मीन पर पटक दिया।
मामा ने पहले मेरा लिंग चूसा। पहले मुझे लिंग चुसाई का मज़ा दिया। जब मुझे मज़ा आया तो मामा ने फिर से अपना लिंग चूसने के लिए मेरे मुंह में डाल दिया। सच में, यह बहुत ही अच्छा लगता है।
लिंग चूसने के बाद मामा मुझे गोदी में उठा कर ट्यूबवेल पर ले जाने लगे तो मैंने बोला, “नहीं, कोई देख लेगा तो बहुत ही प्रॉब्लम हो जाएगी।” तो मामा बोले, “तो चिंता मत कर जानू, अपना पूरा खेत पक्की दीवार से ऊंचा है, ट्यूबवेल वाली साइड की ओर शाम के समय कोई नहीं आता है, तुझको तो मैं पानी में ही चोद दूँगा, चल।” और ऐसा बोल मामा मुझे गोदी में उठा कर चल दिए।
ट्यूबवेल अभी भी चल रहा था। मामा ने मुझे पानी में डाल दिया और फिर से अपना लिंग चूसने के लिए मेरे मुंह में दे दिया। पर इस बार मामा मेरी मुंह चुसाई का मज़ा बहुत ज़ोर से ले रहे थे और मुझे सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी, पर मामा तो अब एक-दम पॉर्न स्टार की तरह मज़ा ले रहे थे।
पूरे 10 मिनट के बाद मामा ने अपना वीर्य मेरे पेट में ही डाल दिया, तब जाकर मामा ने मुझे छोड़ा। मामा जी के वीर्य का स्वाद मुझे कुछ समझ नहीं आया, थोड़ा सा नमकीन और बाद में मीठा लगा, पर मामा की आंखों में खुशी देख कर मुझे अच्छा लगा। उसके बाद मैंने हौज के पानी से अपना मुंह और मामा का लिंग साफ किया।
मामा और मैं, हम दोनों बुरी तरह से हांफ रहे थे। पर एक-दूसरे के लिए हमारी हवस अभी भी पूरे जोश में थी। मामा ने मुझे फिर से गले लगाया हुआ था और फिर से मामा मेरी बॉडी को अपने मर्दाना हाथों से सहला कर गर्म कर रहे थे, फिर जैसे ही मैंने मामा को एक चुंबन दिया, तो मामा का लिंग फिर से हरकत करने लगा।
तो मैंने मामा के लिंग पर फिर से अपना थूक लगा कर उसे ऊपर से हिलाना शुरू किया। तो मामा के लिंग में दोबारा से जान आ गई। मैंने पूछा, “मामा, अब हम क्या करने वाले हैं?” तो मामा ने हंस कर बोला, “अब बेटा जी, अब होगी तुम्हारी गांड की चूदाई। तो ढीली करो अपनी गांड और दो अपने मामा जी को अपनी कुंवारी गांड को खोलने का मौका।”
और ऐसा बोल कर मामा ने फिर से मुझे एक-दम मस्त वाला किस्स किया और फिर इसके बाद पानी के हौज के अंदर ही फिर से मुझे अपने ऊपर ले लिया। अब मामा ने साबुन लेकर मुझसे अपने ऊपर लगवाया और मामा ने मेरी मोटी गांड के छेद में साबुन लगा कर अपनी मिडिल फिंगर को गांड में डाल दिया। मैं चीखने लगा पर कोई सुनने वाला नहीं था। तो मामा उसे अंदर-बाहर करने लगे और जब मुझे मज़ा आने लगा तो मामा ने और साबुन लगा कर छेद को बड़ा कर लिया।
उसके बाद मामा मेरी गांड चाटने लगे और अपना थूक भी डालने लगे। मैं बता नहीं सकता कि मैं क्या अनुभव कर रहा था, बस मुझे लगा कि जो चल रहा है चलने दो। तभी मामा ने गांड चाटना बंद कर दिया और बोले, “अब तुझे बताता हूँ कि अविनाश क्या मर्द है।”
फिर मामा ने अपने काले लिंग को भी साबुन से चिकना किया और मेरी गांड को हल्का-सा ऊपर करके छेद पर टेक दिया। मामा की गांड चूसने के कारण छेद की चिकनाई बढ़ गई थी, तो उन्होंने टोपा का आधा हिस्सा तो ले लिया। पर मामा के लिंग की मोटाई अभी भी मेरे छेद के लिए बहुत बड़ी थी।
मामा ने और ज़ोर लगाया तो मामा के झटके से मैं आधा पानी के हौज से निकल गया। अब मेरी गांड हौज के अंदर और बाकी की बॉडी बाहर थी। तभी पता नहीं कब मामा ने फिर से एक और लिंग का ज़ोर का झटका मारा और मामा का पूरा लिंग मेरी गांड के छेद को पार करके मेरे अंदर आ गया।
फिर मेरी चीख निकल गई और मामा की भी। उनकी मजे वाली और मेरी दर्द वाली चीख। फिर मामा अपनी पूरी शक्ति मेरी गांड चोदने में लगाने लगे और मैं बस पानी के अंदर अपनी गांड चोदने की आवाज़ सुन रहा था—पाच-पाच और दम-दम। मामा ने मुझे फिर ऊपर किया और अब मामा गांड के साथ मेरे लिंग को भी मसल रहे थे।
गांड चोद-चोद कर मामा ने खेत में शाम को रात कर दिया और मेरी पूरी बॉडी को गोरे से लाल कर दिया था। जब मामा जी ने अपने मूसल लिंग का पानी मेरी गांड में डाल कर मुझे छोड़ा।
उसके बाद मामा ने मुझे फिर से गोदी में उठा कर वापस रूम में लाकर कपड़े पहना दिए और खुद भी पहन लिए और बोले, “तू एक-दम मस्त चीज़ है, जब तक शादी है रोज़ तेरी लूंगा। बता मज़ा आया कि नहीं?”