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भाभी चुदाई कहानी अब आगे-
उस रात भाभी को मैंने बहुत चोदा। लेकिन मेरा मन अभी भरा नहीं था। आशीष के मुझे पापा बुलाने से मुझे अच्छा लगा और मैंने भाभी से कहा-
मैं: अब तुम मेरे बच्चे को लेकर प्रेग्नेंट होना है।
और उसने मेरी इस बार के लिए मुझे हां कर दी।
भाभी ने मुझसे कहा: मैंने आज तक ऐसा फील कभी नहीं किया जितना तुमने मुझे आज फील कराया है। तुम्हारे भाई के साथ भी मैंने आज तक इतना अच्छा फील नहीं किया है।
अब आगे-
आशीष को समझाने के बाद भाभी ने कहा: चाचा को ही पापा बोलना है।
और आशीष मान गया। अब वो मुझे पापा बोलने लगा था, और अब मैं आशीष के सामने भी भाभी को पकड़ लेता और भाभी को “किस्स” और उनको “गले” लगता। उनको गोद में उठा लेता और आशीष ये सब देखता था।
आज दिन छुट्टी का था और मैं भी ऑफिस नहीं गया था। तो मैं दिन भर भाभी यानी जो अब मेरी बीवी बन चुकी थी, को दिन भर चोदने वाला था। हम दोनों उठे और फ्रेश होने लगे। दोनों एक साथ फ्रेश होने बाथरूम में गए और शावर के नीचे वो और मैं दोनों नंगे खड़े हो गए।
मैं उसके जिस्म के हर अंग के साथ खेल रहा था, और वो भी मेरा लंड पकड़ कर हिलाती रहती थी। अब उसे कुछ बताने की जरुरत नहीं थी। वो अब समझ चुकी थी उसे क्या करना था।
वो वहीं घुटनों के बल बैठ गई और मेरे लंड से खेलने लगी। फिर खड़ा करके अपने मुंह में डालने लगी और मेरे लंड को चूसने लगी। वो इस कदर चूस रही थी कि मेरी सांसें तक आज उखड़ रही थी। इतना प्यार से और इतना पैशनेट तरीके से मेरा लंड चूस रह थी। मेरा हाथ उसके सर पर घूम रहा था। जब मेरा लंड उसके मुंह के अन्दर होता, मैं उसके गाल पर एक थप्पड़ मार देता। इससे उसका गाल लाल हो जाता और वो फिर से मेरा लंड उसके मुंह में लेके चूसने लगती।
उसका लगातार मेरा लंड उसके मुंह में लेकर चूसना मुझे बहुत ही जोश में दिला रहा था। मेरा लंड बहुत कड़क हो गया था, जिससे मैं मेरा लंड उसके गले में उतार सहा था। इससे उसकी सांसें उखड़ रही थी और वो खांस रही थी। लेकिन मैं जोरों से उसके मुंह में झटके मार रहा था।
फिर मैंने उसे लंड चूसने के बाद उठाया और उसे घुमाया। उसे वहीं दीवार से झुका कर खड़ा किया और उसकी गांड बाहर की और की। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में पीछे से डाल दिया और उसको जोरों से चोदने लगा। मेरा लंड उसकी चूत में फच फच कर घुस रहा था और वो बाथरूम में चिल्ला रही थी।
मैंने उसका कन्धा पकड़ कर उसकी चूत में जोरों से लंड पेलना जारी रखा और जोरों से उसकी चीखें निकल रही थी। आज वो भी कंट्रोल नहीं कर रही थी और आज जोरों से चीख रही थी। मैं भी उसको जोरों से चोदा जा रहा था।
फिर मैंने उसको सीधा किया और उसे किस्स किया। उसकी एक टांग को हवा में उठा कर उसकी चूत में लंड वापस डाल दिया और खड़े-खड़े उसकी चूत में लंड डालने लगा। इससे उसके दूध बहुत ही हिल रहे थे और मैं उसकी चूत में लंड पेले जा रहा था।
वो बार-बार कह रही थी: हां ऐसे ही चोदो। आह्ह माँ, और चोदो मेरे पतिदेव। चोद कर फाड़ डालो मेरी चूत और बना दो इसका भौंसड़ा। कर दो अपने मन की इच्छा पूरी आज। फाड़ो मेरी चूत को। कर दो मुझे प्रेग्नेंट। अब बहुत हो गया। मुझे प्रेग्नेंट होना है तुमसे। डाल दो तुम्हारा बच्चा मेरे अन्दर।
उसकी इन बातो से मैं और जोश में आ गया और लगातर उसकी चूत में खड़े-खड़े ही लंड अन्दर बाहर करता रहा। फिर मैंने उसकी टांग को नीचे रखा और उसे वहीं गोद में उठाया। फिर लंड उसकी चूत में नीचे से सेट करके फिर से उसे चोदने लगा।
इस बार मैंने उससे कहा: अब तुम उचको मेरे लंड पर।
और वो मेरे लंड अपनी गांड लेकर उचकने लगी। उसके उचकने से उसकी चूत से जोरों की फच-फच की आवाज़ें आ रही थी। और वो चिल्ला भी रही थी। उसके खुले बाल चुदते हुए उछल रहे थे और वो मुझे पीठ पर कस के पकड़ कर मेरे लंड पर उचक रही थी।
थोड़ी देर उचकने के बाद मैंने उसे नीचे उतार दिया, और उसे मेरे ऊपर जमीन पर लेटने के बाद चोदने के लिए कहा। मैं जमीन पर लेट गया और उसे अपने लंड पर बिठाया और उसने मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत में लेकर डालने लगी। जब उसने मेरा लंड उसकी चूत में लेकर घुसाया, मेरा लंड उसकी चूत के आखरी कोने में चला गया और उसकी इतनी जोरों की चीख निकली। मेरा लंड उसकी चूत के एक-दम निचले हिस्से में घुस गया था। जिससे उचकने में उसकी चूत के अन्दर मेरा लंड उसे लग रहा था।
उचकते हुए उसने मुझे कहा मेरा निकलने वाला है, और उचकते हुए उसने अपना पानी मेरे लंड पर निकाल दिया, जिससे मेरा लंड बहुत ही चिकना हो गया था और आसानी से उसकी चूत में अंदर-बाहर हो रहा था।
मैं अभी जोश में उसको जोरों से नीचे से पेल रहा था। फिर मेरा भी पानी आने वाला था, तो मैंने उसे मेरे ऊपर से उठाया और उसे सीधे लेटने को कहा। वो सीधा लेट गई और मैं उसके ऊपर आकर उसकी चूत में लंड दिया। उसको बोल कर उसकी टांगे हवा में करवा दी और मैं उसे जोरों से चूत में लंड फच-फच कर पेलने लगा। थोड़ी देर 5-6 शॉट जोर से मारने पर मेरे लंड ने जोरों की धार मारी, जो सीधे उसकी चूत के अन्दर ही छूट गई। इतना पानी निकला कि मेरा पानी सीधा उसकी चूत के अन्दर के हिस्सों में लग रहा था।
इतना पानी निकल के लंड निकालने के बाद मेरा पानी उसकी चूत से निकल रहा था। फिर मैंने उसके दोनों टाँगें हवा में पकड़े रखी, ताकि मेरा पानी उसकी चूत से बहार ना आ पाए। फिर उससे बोल कर मैंने उसकी टाँगें उसे पकड़ने को कहा। उसने टाँगें पकड़ ली और वहीं लेटी रही। मैं उसके पास वहीं बैठ गया और उसे किस्स करने लग गया लेट कर।
आगे की कहानी अगले पार्ट में। यहां तक की कहानी आपको कैसी लगी, कमेंट करके ज़रूर बताएं।
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