हैलो दोस्तों, आप सभी लंडों और चूतों को मेरी चिकनी, रसीली, और गीली चूत का प्यार भरा हैलो। दोस्तों आज मैं अपनी चुदाई की एक और दास्तान लिखने जा रही हूँ। मैं उम्मीद करती हूं कि आप लोगों को मेरी ये कहानी भी बहुत पसंद आएगी और आप सभी को अपने लंड और चूतों से पानी निकाल कर अपनी-अपनी हवस को शांत करने का मौका मिलेगा। यह कहानी पूरी तरह सच्ची है, और मैं चाहती हूँ कि आप इसे पढ़ कर मुझे अपने कमेंट्स मेरी मेल आईडी पर जरूर भेजें।
दोस्तों में पिछले कुछ सालों से चुदाई की हवस भरी कहानियों को पढ़ कर उनके मज़े ले रही हूँ। जिसकी वजह से मेरा जोश पहले से ज्यादा बढ़ गया और मुझे अपनी चूत में किसी लंड की कमी महसूस होने लगी है। इसलिए मैं अब अपने कामुक बदन की आग को ठंडा करने के लिए अपनी चुदाई करवाती रहती हूँ। मुझे चुदाई के बिना बिल्कुल भी रहा नहीं जाता। मेरी चूत में हर वक़्त आग लगी रहती है। मैं बहुत ही चुदक्कड़ स्वभाव की हूँ, जब मैं जवान हुई तभी से मैं आज तक किसी ना किसी से चुदती आई हूँ।
मैं पति की गैर मौजूदगी के कारण शरीर से लेकर दिमाग तक वासना से लबालब भरी हुई हूँ। मेरी चूत लंड के बिना तड़पती रहती है। ऐसी स्थिति में जब मुझे लंड मिलता तो में जी भर कर अपने जिस्म के हर छेद के मजे लेकर, कस के अपनी चूत की चुदाई और गांड की गुड़ाई करके अपनी उफनी हुई वासना को शांत करती हूँ।
मैं एक नंबर की चुदक्कड़ हूँ और मेरी चूत की गर्मी शांत नहीं होती है, मेरी गर्मी जो मेरे शरीर से निकलती है जैसे आग की लपटें जो छूने वाले को जला देती हैं। मैं अपनी वासना की आग को बड़ी मुश्किल से बुझाती हूँ।
इस कहानी में आप लोग मजा लेंगे कि कैसे मैं यानि की सीमा अपने ही घर की छत पर अपने पड़ौसी के मोटे लंड से चूत चुदवाती है। केसे वो मोटे लम्बे लंड से मेरी रसीली चूत को जम कर खूब चोदता है। मेरा पड़ोसी जो कि मोटे और लम्बे लंड वाला आदमी है, वो मुझे पकड़ कर जोर-जोर से चोद रहा है। उसका मोटा और लम्बा लंड मेरी छोटी सी चूत को फाड़ता हुआ अंदर-बाहर हो रहा है। और मैं मजे से चीख रही हूँ आहहहहहह आहहहहह आहहहह और जोर से फाड़ दो मेरी चूत आहहहहह बोल रही हूँ।
तो मेरे प्यारे हवस भरें दोस्तों जैसा कि आप लोग जानते ही हो कि मेरा नाम सीमा है। मैं 36 साल की सांवले रंग की एक तलाक-शुदा चुदक्कड़ औरत हूँ। रंग थोड़ा सांवला, लंबाई 5 फुट 5 इंच है। मेरा फिगर साईज 36-34-38 है। मैं एक प्राईवेट कम्पनी में नौकरी करती हूँ।
मेरी आँखे बहुत ही नशीली हैं। मेरी नशीली आंखो को देख कर हर कोई मुझ पर फ़िदा हो जाता है। मेरा बदन बहुत ही रसीला है। मेरी चूचियां बड़ी–बड़ी, मीठे रस से भरी हुई, सख्त और गोल है। मेरी चूत बहुत चिकनी और गहरी है। रसीले होंठ, बड़ी-बड़ी आंखें, और मेरी भारी भरकम गांड और चूंचियां है, जिनको कोई भी देखे तो बस चोदने को मरने लगे। मेरी आँखों में शरारत और होंठों पर वो देसी ठसक भरी मुस्कान रहती है, जो किसी भी मर्द का लंड पल में खड़ा कर दे।
जब मैं चलती हूं तो मेरी गोल-मटोल गांड अच्छे-अच्छों मर्दों के लंड को खड़ा कर देती है। सामने से देखने वालों की आंखें मेरे टाइट बूब्स पर अटक जाती हैं और पीछे से देखने वालों की नज़रें मेरे हिलते-डुलते चूतड़ों पर टिकी रहती हैं। मेरे बाल लंबे काले और घने है जो मेरी कमर तक लहराते है। लड़कों की नज़रों में एक-दम माल हूं मानो चुदने के लिए ही पैदा हुई हूँ। मेरे मोहल्ले के कई मर्द मुझे चोदना चाहते है जब मैं घर के बाहर झाड़ू लगाती हूँ तब कई मर्द मेरे उभारों और मेरी गांड को देखते है।
मैं अपनी चूत को हमेशा साफ ही रखती हूँ, क्योंकि मुझे झांटे अच्छी नहीं लगती है। मैं अपनी जवानी के चरम पर हूँ। मुझे अपनी गांड मटका कर चलने का बहुत शौक है। मैं साड़ी और सलवार कमीज़ पहनती हूं। मैं जान-बूझ गहरे गले कमीज पहनती हूँ ताकि जरा सा झुकने पर मेरा क्लीवेज दिख जाएं।
ये कहानी मेरे पड़ोसी और मेरे बीच की है। वो हमेशा मेरे घर आने के बहाने ढूंढता रहता है, क्योंकि वो मुझे बहुत पसंद करता है। वो मेरी मुस्कान नरम-नरम होंठों को घूरता रहता है। उसकी नज़र हमेशा मुझे खा जाने के लिए तैयार रहती है। वो अब मेरे पास आने मुझे किसी भी बहाने से छूने के मौके देखने लगा था। मुझे देख कर शायद उसका मन करता होगा कि मेरी जम कर चुदाई कर दें। पर वो अक्सर चुप रहता था शायद इंतजार करता था सही मौके का। जो उसे आज मिल ही गया।
मैंने नहा धोकर पीले कलर की कमीज और नीले रंग की सलवार पहनी। जो बहुत टाईट थी, और अन्दर नीले रंग की ब्रा और पैंटी पहनी थी। मेरी कमीज का गला बड़ा होने से मेरी चूंचियों का क्लीवेज साफ दिख रहा था। मेरा जिस्म उसमें और निखर रहा था। मेरी चूचियां उभरी हुई दिख रही थी।
मैंने दुपट्टा नही डाला हुआ था, जिससे मेरी बड़ी-बड़ी चूचियों के उभार कमीज से साफ दिखाई दे रहे थे। और पेट के बिल्कुल नीचे वाले हिस्से से जहां चूत के झांटों की रूंवाली लगने लगती है वहां पर सलवार का नाड़ा बांध रखा था। सलवार में मेरी गांड पीछे की तरफ उभार लिए दिख रही थी।
कपड़ों को धोकर बाल्टी में भरा और कपड़ों वाली बाल्टी उठाई और सुखाने के लिये छत पर चली गई। मैं छत पर बाल्टी से कपड़े निकाल-निकाल कर तार पर डाल रही थी। अचानक मुझे अहसास हुआ कि जैसे कोई मुझे देख रहा हो। मैंने देखा तो ये मेरा पड़ोसी था।
जब भी मैं कपड़े उठाने के लिए झुकती तो वो मेरी भरी-भरी चूंचियों को बड़े ध्यान से देख रहा था। उस दिन मैंने पीले कलर की कमीज और नीले रंग की सलवार पहनी थी और जिसमें से मेरे बोबों की घाटी साफ दिख रही थी। मेरी सलवार और कमीज में पानी की बूँदें चमक रही थी। कमीज मेरे ताजा नहाए शरीर पर गीली होकर चिपक गई थी। इससे मेरी भारी-भारी चूचियां और गोल-गोल मोटी गांड का उभार साफ नज़र आ रहा था। पानी की बूँदें मेरे लंबे काले बालों से टपक कर कमीज पर गिर रही थी और चमक रही थी।
जब में कपड़ों को उपर तार पर डालती तब मेरी कमीज पेट के ऊपर तक सरक रही थी। जिससे मेरी नंगी कमर दिख रही थी। टाइट सलवार में गांड का पूरा शेप उभरा हुआ था। हो सकता है उसका छूने का मन कर रहा हो। वो वहां खड़ा होकर मुझे घूर रहा था। वो मुझे ही देखे जा रहे थे। उसने मुझे देखते हुए स्माईल की, तो मैंने भी उसको स्माईल कर दी।
अचानक से वो मेरी छत पर आया और बोला: हेलो भाभी जी कैसी हो आप?
कपड़े सुखाते-सुखाते मैं बोली: मैं ठीक हूं। आप कैसे हो?
तो वो बोला: मैं भी बढ़िया।
वो बोला: भाभी जी आप बहुत अच्छे लग रहे हो।
मैं बोली: कैसे?
तो वो बोला: भाभी आप सच में बहुत अच्छी लग रही हो। मैंने दुपट्टा नहीं ओढ़ रखा था, इसलिए मेरे बोबों की घाटी साफ नजर आ रही थी और उसकी आँखें मेरे स्तनों पे गड़ी हुई थी। मैं भी बेशर्म होकर उससे बातें करने लगी।
मैं बोली: तुम ना चुप ही रहो। बहुत बोलते हो। काम तो कुछ करते नहीं हो, बस आ जाते हो भाभी आप बहुत अच्छे लग रहे हो।
तभी वो बोला: भाभी आप तो मौका ही नहीं देती मुझे तो।
मैं चौंक के बोली: तुम्हें किस बात का मौका चाहिए?
मैं मन ही मन समझ रही थी कि यह मुझे चोदने के लिए बोल रहा था। इसके लंड को मेरी चूत की चाह हो रही है। लेकिन मैं जान-बूझ कर अंजान बन रही थी। मेरी चूत में बहुत दिन से कोई लंड नहीं गया था, तो मैं लंड की तलाश में थी। दोस्तों मैंने कभी भी नहीं सोचा था कि मेरा पड़ोसी ही मेरी चूत को चोद डालेगा। और अपना मोटा लंड मेरी चूत में उतार कर मेरी चूत का भोसड़ा बना देगा।
वैसे तो मैंने कई बार उसके खड़े लंड का उभार पेंट के उपर से देखा था। पर मैंने मन में कभी नहीं सोचा था कि ये लंड मेरी चूत में जायेगा।
मैं बोली: तुम किसके लिए आए हो छत पर? तुम तो कपड़े भी नहीं लाए सुखाने के लिए।
तो वो बोला: अरे भाभी जी मैं तो अपको देखने आया हूं।
मैं बोली: ओहो! मुझे देखने आये हो? मुझमें ऐसा क्या है जो तुम मुझे देखने आए हो? अब मजाक छोड़ो बताओ ना किस काम से आए हो?
मैं देख रही थी कि उसकी आँखें मेरे बूब्स से नहीं हट रही थी।
वो बोला: नहीं भाभी मैं सिर्फ आपको देखने आया हूं।
मैं बोली: मुझे क्यों देखने आए हो ये बताओं अब?
तो वो बोला: भाभी क्या काम कर रही है वह देखने आया हूं।
मैं बोली: अब देख लिया ना, तो चलो अब निकलो। मुझे कपड़े सुखाने दो अब।
वो बोला: अरे भाभी आप तो मजाक कर रही हो।
मैं बोली: मजाक तो तुम कर रहे हो। अगर मुझे देखने आए हो तो आओ मेरी मदद करो कपड़े सुखाने में।
वो बोला: भाभी आप कपड़े सुखाओं मैं कपड़ों के ऊपर क्लिप लगा देता हूं।
मैंने बोला: ठीक है लगा दो।
मैं कपड़े सुखा रही थी और वह मुझसे बातें कर रहा था।
तभी वो बोला: भाभी आप कपड़ों में बहुत मस्त लग रही हो।
मैं चौंक कर बोली: क्या, तो तुमने मुझे बिना कपड़ो के कब देख लिया?
तो वो बोला: अरे भाभी मेरा मतलब मतलब मैं ऐसा बोल रहा कि आप इन सलवार कमीज में बहुत मस्त लग रही हो।
मैं बोली: क्यों भाई ऐसा क्या है मेरे सलवार कमीज में?
तो वह बोला: मुझे आप बहुत खूबसूरत लगती हो।
मैंने उससे पूछा: मैं तुम्हें सच में अच्छी लगती हूं?
वो बोला: हाँ भाभी! आप बहुत अच्छी हो!
मैं बोली: कहाँ से? यहाँ से!
यह कह कर मैंने अपने गाल पर उंगली रखी।
वो बोला: जी भाभी!
मैं: और यहाँ से भी?
यह कह कर मैंने अपने बोबे पर उंगली रख कर उससे पूछा।
तो वो शरमा कर बोला: भाभी! आप बड़ी वो हो!
मैंने उसके लंड की तरफ देखा तो उसकी पेंट में लंड का उभार दिख रहा था।
वह बोला: भाभी आपको देखते ही मेरा खड़ा हो जाता है।
मैं बोली: पागल है क्या? क्या मतलब है तुम्हारा?
वह बोला: आपने जो ये पीले रंग की कमीज और नीले रंग की सलवार पहनी हुई है, जिसमें से आपके अन्दर नीले रंग की ब्रा साफ नज़र आ रही है आय-हाय मजा आ गया देख कर!
दोस्तों ये सुनते ही मेरा दिल तेजी से धड़कने लगा था। मुझे देख कर उसका लंड और भी खड़ा हो गया।
इसके आगे इस कहानी में क्या हुआ, अगले पार्ट में पढ़िए। [email protected] पर अपनी फीडबैक दीजिए।
अगला भाग पढ़े:- छत पर पड़ोसी का लंड अपनी रसीली चूत में डलवाया-2