बारिश की रात में साले की गांड चोदी-2 (Barish ki raat mein saale ki gaand chodi-2)

Font Size

पिछला भाग पढ़े:- बारिश की रात में साले की गांड चोदी

नमस्ते दोस्तों, मेरी गे सेक्स स्टोरी के अगले भाग में आपका स्वागत है। बहुत-बहुत धन्यवाद दोस्तों कि आप सभी को मेरी यह रियल सेक्स स्टोरी पसंद आई। चलिए अब मैं आपको बताता हूँ कि आगे क्या-क्या हुआ।

आप सब को पता है कि बारिश में पानी से पूरी तरह से भीग जाने के कारण, हम दोनों जीजा-साले मेरे रूम में आकर अपने-अपने गीले कपड़े निकाल दिए और हम दोनों बस अंडरवियर में ही थे।

बाहर बारिश का पानी खिड़की से टकरा रहा था और मेरी नज़रें अमन के सफेद अंडरवियर से झांकती गांड पर टिकी थी। मैंने अपना हाथ लाल जॉकी के अंडरवियर के ऊपर तने लंड पर रखा और मेरी साँसें भारी हो गई। उसके बाद मैंने अमन को बीयर की बोतल थमाई।

पहले अमन ने मना किया, पर जब मैंने ज़ोर देकर कहा, “पी लो, जवानी में एन्जॉय नहीं करोगे तो कब करोगे साले साहब?
“दारू पियो, सेक्स करो, जब तक शादी ना हो और जो मन में आए वो करो, बस मुझे बता दिया करो।” उसके बाद अमन ने काँपते हाथों से बोतल पकड़ी और एक-एक घूँट भरता रहा, जब तक नशा उसकी आँखों में ना उतर आया। मैंने पूछा, “बता, तुझे कैसा माल पसंद है? अभी तक एक भी चूत चोदी है या किस्स किया है?”

अमन चुप रहा, तब मैंने डायरेक्ट पूछ लिया, “तो फिर तुमको मर्द पसंद हैं क्या?”
अब अमन कोई जवाब नहीं दे रहा था, तो मैंने एक बार और पूछा तो अमन हकलाया और मुझे देख कर बोला, “हाँ बिल्कुल, आपका देसी बदन… बहुत गरम लगता है।” नशे में डूबा अमन मेरे देसी बदन की तारीफ सुन कर मैं बहुत खुश हो गया, और अब लगा कि लोहा गर्म है तो लंड चला देना चाहिए। मैं भी तो यही सुनना चाहता था।

उसके बाद मैंने अमन के गुलाबी होंठों पर एक पप्पी ली और अमन ने मुझे खुद से दूर करने की कोशिश की, पर मैं कहाँ मानने वाला था। पूरे 5-10 मिनट के बाद मैंने अमन के गुलाबी होंठों को अपने आप से दूर किया।

उसके बाद लाल जॉकी में मैंने अमन की घूरती नज़रों को पकड़ा और धीरे से अपनी लाल जॉकी के कमरबंद में उंगलियाँ डाली। मैंने एक ही झटके में जॉकी घुटनों तक सरका दी। मेरा सात इंच का लंड बाहर निकला—तना हुआ, मोटा, ऊपर की तरफ उठा हुआ, जड़ पर जाट के काले बाल और आगे की सूजी हुई सुपारी से चमकती बूंद टपक रही थी।

अमन की साँसें रुक गई। वह पलक झपकाना भूल गया और उसकी नज़रें अपने जीजा जी के लंड पर जम गई। उसके होंठ अपने आप खुल गए और गला सूखने लगा।

फिर मैंने अमन की ठुड्डी पकड़ कर अपनी तरफ घुमाई और कान के पास झुक कर फुसफुसाया, “देख कितना तना है तेरे लिए… अब इसे हाथ में ले और चूस-चूस कर साले और कर दे अपने जीजा जी की यह इच्छा पूरी। तेरी दीदी ने अभी तक मेरी यह इच्छा पूरी नहीं की है, पर यह तू कर दे साले साहब।”

अमन का शरीर काँपा। उसकी उंगलियाँ हिचकिचाई, फिर मैंने खुद उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया। अमन की ठंडी हथेली ने गरम मांस को छुआ और मेरी साँसें तेज़ हो गई। उसने धीरे से मुट्ठी बंद की और ऊपर-नीचे करने लगा। बता नहीं सकता कितना मज़ा आ रहा था, मैंने गहरी साँस ली और अमन का सिर अपनी जाँघों की तरफ दबाया। अमन ने आँखें बंद की और चूसने के लिए झुक गया।

और मस्त होकर मेरे लंड की सुपारी पर पहले अपनी जिह्वा से पूरे सुपारी पर फेरा, उसके बाद धीरे-धीरे मेरा लंड अपने मुँह में ले रहा था, पर मैं हवस का मारा अपने साले के सिर को कस कर अपने दोनों हाथों से पकड़ कर अपना पूरा 7 इंच उसके मुँह में पूरे दम से झटके देना शुरू कर दिया।

उसकी आँखों में आँसू देख कर मुझे मज़ा आ रहा था, तभी मैंने अमन की सफेद अंडरवियर एक झटके में फाड़ कर दूर फेंक दी। अमन की गांड साफ दिख रही थी—गोरी, भरी हुई, बीच में कसा हुआ गुलाबी छेद। मैंने उसे कंधों से पकड़ कर आगे झुकाया और घुटनों के बल बिस्तर पर टिका दिया। अमन कुत्ते की पॉज़िशन में था, उसकी गांड दीपक के सामने उठी हुई थी।

उसके बाद मैंने अपनी हथेली पर थूका और अमन के छेद पर अपनी लार रगड़ दी। अपनी दो उँगलियाँ अंदर डाल कर घुमाई। अमन का शरीर सिकुड़ा और उसके मुँह से दबी हुई आह निकली। अब बारी थी अपने गांडू साले की गांड में अपना लंड डाल कर उसको बीवी बनाने की।

मैंने अपना सात इंच का लंड अमन की गांड के छेद पर टिकाया और धीरे-धीरे अंदर घुसाने लगा। अमन ने दर्द से चीखते हुए कहा, “आह… जीजा… धीरे…” पर मैं रुकना नहीं चाहता था। मैंने अपने पूरे दम से अमन की कमर पकड़ी और एक झटके में आधा लंड अंदर ठेल दिया। अमन की साँसें फूल गई और उसकी उँगलियाँ चादर को मरोड़ने लगी। मैंने पीछे हट कर फिर पूरा लंड अंदर घुसाया। अमन के मुँह से कराह निकली, “उफ़… अंदर तक… भर गया…”

मैंने अमन की कमर ज़ोर से पकड़ी और तेज़ धक्के मारना शुरू कर दिए। उसकी साँसें तेज़ चल रही थी और मैंने गुर्रा कर बोला, “ले रंडी, ले मेरा लंड अपनी गांड में!” अमन की गांड से छप-छप की आवाज़ें आने लगी। लार और पसीने ने मिल कर चिकनाई बना दी थी। फिर उसके बाद मैंने अमन के बाल पकड़ कर उसका सिर पीछे खींचा और गांड में और गहरे धक्के लगाए। “गांडू कहीं का… भोसड़ी वाले… अब बता कैसा लग रहा है?” अमन सिसकियाँ भरते हुए बोला, “और तेज़… जीजा… और तेज़ चोदो…”

उसके बाद एक बार फिर से मैंने अपना लंड पूरा बाहर निकाला और फिर पूरी ताकत से अंदर ठेल दिया। अमन चीख पड़ा। मैंने यही क्रम 5-10 बार दोहराया—बाहर, फिर ज़ोर से अंदर। अमन गांडू की गांड का छेद ढीला पड़ने लगा और उसकी गांड का पूरा भोसड़ा बन गया। अचानक अमन का लंड बिना छुए ही झटके से वीर्य छोड़ने लगा। उसकी गाढ़ी धार चादर पर गिरी। अमन का पूरा शरीर काँप रहा था और वह बार-बार मेरा नाम, कभी जीजा जी और कभी-कभी दीपक का नाम ले रहा था।

मैं भी अपने आप को खाली करने वाला था, तो 40 मिनट की गांड चुदाई के बाद मैंने अपना लंड अमन की गांड के अंदर सबसे गहरा धकेला और झटके से अपना गाढ़ा वीर्य छोड़ दिया। अमन की गांड के अंदर गर्मी फैल गई। उसके बाद मैंने अमन के कान के पास झुककर हाँफते हुए कहा, “मेरी रंडी।”

उसके बाद मैं अमन के ऊपर ही लेटा रहा और धीरे-धीरे अपना लंड अमन की गांड से बाहर खींचा। अमन की गांड का छेद फड़फड़ाया और उसमें से मेरा गाढ़ा वीर्य रिसकर बाहर बहने लगा। वह चिपचिपी धार अमन की जाँघों के बीच से होती हुई चादर पर टपकी। अमन ने काँपते हाथ से अपनी गांड के छेद पर उँगलियाँ फेरी, वहाँ से बहता वीर्य अपनी हथेली पर लिया और फिर अपने जीजा की तरफ मुड़ कर मुस्कुराया।

मैंने उसका माथा चूमा और उसे अपनी बाहों में खींच लिया। उसके बाद पता नहीं चला हम कब सो गए।
गुड नाइट दोस्तों।

Leave a Comment