तो इस कहानी को शुरू करने से पहले मैं आपको मेरी मां के बारे में बता देता हूं।
मेरी माँ का नाम शोभा है। उसकी हाइट 5 फीट 5 इंच है। उनका फिगर 36DD-25-34 है। उनकी शादी को 25 साल हो चुके हैं। उनकी उम्र 45 साल है। उनके स्तन बहुत ज्यादा बड़े हैं और उनकी गांड भी बहुत ज्यादा मोटी हैं और बड़ी हैं। तो ये कहानी मेरी रंडी माँ के ऊपर ही है। उम्मीद करता हूं कि आप लोगो को ये कहानी पसंद आएगी।
मैं पहले आपको ये बताता हूं कि मुझे अपनी खुबसूरत मां के ऊपर क्रश आया। तो एक दिन की बात है मेरी माँ, मेरी मौसी के जन्मदिन पर जाने के लिए बाथरूम में कपड़े चेंज कर रही थी। पर उन्होंने उनके दरवाजे को बंद नहीं किया था क्योंकि वो अपने कपड़े अपने कमरे के बाथरूम में चेंज कर रही थी। और उस समय मुझे बहुत ज़ोर से सुसु आ रही थी। इस तरह मैं जल्दबाजी में उनके कमरे के बाथरूम में घुस गया था और मैंने उन्हें नंगा देख लिया था। मेरी मम्मी के दूध काफी बड़े थे और उनकी गांड भी काफी बड़ी और मोटी है। मैंने उनकी जैसी मस्त कड़क माल इसे पहले कभी नहीं देखी थी।
वो एक-दम रंडी की तरह खुबसूरत थी। उनको देख कर मुझे उनको पटक पटक कर चोदने का मन कर रहा था। उनकी गांड दबाने का मन कर रहा था। उनको अपनी पालतू कुतिया बनाने का मन कर रहा था।
उनकी कमर भी काफी पतली और सेक्सी थी। मुझे तो उस वक्त उनको चोदने का मन कर रहा था। फिर मेरे दिमाग में एक खतरनाक आइडिया आया और मैंने चुप-चाप से अपना फोन निकाला और उनके एक दो फोटो ले लिए। फिर चुपके से वहां से चला गया।
अगले दिन मैं अपने दोस्त रोहन के घर पर पढ़ाई करने के लिए गया था। वो एक नंबर का मादरचोद आदमी था। उसके जैसा कमीना में अपनी पूरी जिंदगी में कभी भी नहीं देखा था।
वो हमेशा औरतों को गंदी नज़र से देखता था। उसके साथ रह कर मैं भी उसकी तरह बन चुका था। इस वजह से मैं भी औरतों को घूरता था। पर मैंने कभी भी अपनी माँ जितनी सेक्सी औरत नहीं देखी थी। उनको देख कर तो किसी का भी लंड खड़ा हो सकता था। मेरे मोहल्ले के सारे लोग मेरी माँ के ऊपर नज़र रखते थे। और जब भी वो अपनी गांड मटका-मटका कर चलती थी, तब वो उनको घूरते रहते थे।
मेरे पापा बाहर विदेश में रहते थे और मुझसे और मेरी माँ से मिलने के लिए कभी-कभी ही आते थे। ये बात हमारे मोहल्ले के हर मर्दों को पता थी और इसी वजह से हर कोई मेरी मां पे लाइन मारता था और उनको चोदने का मौका ढूंढते थे सब।
एक दिन हमारे मोहल्ले में बिजली चली गई थी। उसी बारे में बात करने के लिए एक बैठक रखी गई थी जिसमें मेरी मम्मी स्लीवलेस हरी साड़ी पहन कर गई थी। तब रोहन की नज़र मेरी ख़ूबसूरत माँ पर पड़ी। उन्हें देखते ही वो उनका दीवाना बन चुका था। तब से वो किसी ना किसी वजह से हमारे घर मेरी माँ को घूरने के लिए आता था।
मेरी माँ अकसर घर पर छोटे कपड़े पहन कर रहती थी, जिसमें से मैं मेरी माँ की जांघें और उनकी नाभि देख पाता था। वो उनकी कमर को घूरता रहता था और शायद ये सब मेरी माँ को भी पता था कि रोहित की नज़र उनके खूबसूरत शरीर पर थी।
तो एक दिन मैं घर पर नहीं था, कोई ज़रूरी काम से बाहर गया था। ये बात रोहित को पता थी इसलिए वो मेरे घर पर मेरी मम्मी के ऊपर चांस मारने के लिए आया था। तब मेरी मम्मी घर का सारा काम कर रही थी। वो चुप-चाप जाकर सोफ़ा पर बैठ गया और उनकी गांड ताड़ने लगा।
मेरी मम्मी झुक कर घर में झाड़ू मार रही थी। तब उनकी क्लीवेज साफ-साफ दिखाई दे रही थी। वो उनको देख कर अपना लंड मसल रहा था। मेरी मम्मी की नज़र पड़ी और उन्हें ऐसा करते हुए मेरे दोस्त को देख लिया। पर कुछ कहा नहीं। उन्हें पता था कि मेरे दोस्त की नज़र उन पर ही थी।
मेरे पापा घर पर बहुत कम समय के लिए रहते थे। इसलिए मेरी मम्मी की सेक्स की आग बुझी नहीं थी। तो उन्हें भी अपने शरीर के दर्शन देते हुए मजा आ रहा था। आखिर हर औरत के अंदर चुदाई की आग होती है और जब वो आग उसका पति नहीं बुझा पाता, तब वो यहीं आग और मर्द से चुदवा कर बुझा लेती हैं।
तभी मेरा दोस्त बोला: आंटी मुझे ज़ोर की सुसु आई है आपके घर में वॉशरूम किधर हैं?
मेरी मम्मी ने उसके खड़े लंड को देखते हुए कहा: मेरे पीछे आजा बेटा। मैं तुम्हें वॉशरूम तक ले जाती हूं।
मेरी मम्मी अब जान बूझ कर अपनी गांड ज्यादा मटका रही थी। ताकि मेरा दोस्त जिसका लंड खड़ा था, उसके मेरी मां अच्छे से मज़ा ले सकें और उसके लंड पर उछल-उछल कर अपनी गांड मारवा सके। फिर मम्मी ने वॉशरूम के अंदर मेरे दोस्त को भेज दिया और वो काम करने लग गई।
जब रोहित वॉशरूम के अंदर गया तब उसने मेरी मां की गीली ब्रा को देखा और उसने बेशर्मों की तरह उसको अपने हाथ में लिया। फिर वॉशरूम से बाहर आकर रूम में मेरी मां की ब्रा लेकर बैठ गया। उस समय मेरी माँ किचन में खाना बना रही थी। वो मेरी माँ की ब्रा को अपने लंड के ऊपर डाल कर अपना लंड उनकी ब्रा की मदद से उनको सोच कर हिला रहा था।
इतना हरामी, मादरचोद, बहादुर इंसान आप में से किसी ने भी नहीं देखा होगा। जिसमें थोड़ी सी भी डर और शरम ना हो, वही था मेरा हरामखोर दोस्त रोहित। फिर जब मेरी मां के सारे काम हो गए किचन में, तब वो पानी पीने के लिए कमरे में आ गई। क्योंकि हमारा पानी का फिल्टर रूम में था तब।
वहां उन्होंने जो देखा उसे देख कर उन्हें जोर से चिल्लायी। क्योंकि अभी उनकी आंखों के सामने मेरे दोस्त रोहित का 7 इंच का लंबा मोटा काला लंड था और उसके बीच उनकी ब्रा थी जिस पर वीर्य रस गिरा हुआ था।
मेरी मां ये देख कर शॉक हो गई और उन्हें अपनी आंखें तुरंत बंद कर दी और उस पर गुस्सा हो गई।
वो बोली: हरामी कुत्ते, तुझे शर्म नहीं आती ऐसा करते हुए? मैं तेरी दोस्त की माँ हूँ। और तू ऐसी मेरी ब्रा लेकर मुठ कैसे मार सकता है? मैंने तुझे अपने बेटे की तरह समझा था। पर तो तू इतना बड़ा चूतिया निकला।
मेरी माँ से गाली सुन कर वो हैरान था। क्योंकि रोहित को नहीं पता था कि वो गालियाँ भी देती थे। उसने बस उनका संस्कारी रूप देखा था, पर शायद आज वो उनकी चुदाई कर पायेगा।
रोहित उन्हें देखते हुए बोला: आंटी मेरा लंड छोटा है क्या? जो आप ऐसे बोल रही हो? मैं गारंटी के साथ कह सकता हूं कि मेरा लंड आपके पति से बहुत बड़ा है। सच कह रहा हूँ ना मैं आंटी?
मेरी मां ये सुन कर शर्मा गई और बोली: बेटा ये गलत है। मैं एक शादी-शुदा औरत हूं। तुम मेरे बेटे की उमर के हो। ऐसे सवाल मुझसे मत पूछो।
रोहित: तो इसका मतलब मेरा लंड आपके पति से तो बड़ा है? तो चुदवा लो ना मुझसे इतना शर्मा क्यों रही हो? वैसे भी चूत में आग तो तुम आंटियों की बहुत होती हैं और तेरा पति भी तो यहाँ नहीं रहता।
मेरी माँ ये सुन कर शांत हो गई और बोली: पहले ही किसी और से भी चुदवाती हूँ। वो भी तुम्हारी उमर का है। मेरी आग वो बुझा देता है। चलो अब चले जाओ अपने घर।
रोहित उनकी बातें सुन कर हेरान रह गया और बोला: कौन?
मेरी मां: तुझे नहीं बता सकती।
रोहित: आपको आपके बेटे की कसम बताओ मुझे कौन है वो?
मेरी माँ ज़मीन पर देखते हुई बोली: मेरा बेटा। आख़िर हर माँ अपने बेटे से चुदवाना चाहती है।
आगे पढ़ें कि कैसे मेरी मां हमारी चुदाई के बारे में मेरे दोस्त को बताती हैं, और अपना रंडी-पना देखती हैं।
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