मेरा नाम मनीष है, और मैं 22 साल का हूं। मैं अपने मां-बाप का एक ही लाडला बेटा हूं। मेरी मां का नाम निहारिका है। वह एक गवर्नमेंट टीचर है और हाउसवाइफ भी। मां की उम्र 42 साल है। रंग दूध सा गोरा और फिगर 36-30-38 है। पापा बिसनेस में बिजी रहते है।
हम लोग बिहार में रहते है। और मेरी मां एक सेक्सी बिहारी हो गयी है। मेरी मां जब सूट सलवार में होती है, तो उनकी मोटी गांड और चूचियाँ लोगों के लंड खड़े कर देते है। मां अपने स्कूल की सबसे सेक्सी टीचर है।
यह कहानी लगभग एक साल पुरानी है, जब स्कूल में गर्मियों के छुट्टी चल रही थी।तब मम्मी कहीं घूमने जाना चाहती थी। लेकिन पापा के पास टाइम नहीं था। पापा को काम से बाहर निकलना था और वे चले गये। मम्मी उदास रहने लगी।
फिर मैंने मम्मी से पूछा तब उन्होंने मुझे सारी बात बताई। मैंने मम्मी को कहा कि, “हम कल ही चलेंगे कही घूमने। आपकी ये गर्मी की छुट्टी सबसे यादगार होगी।”
फिर मम्मी ने कहा, “वो कैसे भला?”
मैंने मम्मी को गले लगाते हुए कहा, “ये तो आपको चलने पर पता चलेगा।”
फिर मैंने रात को प्लान बनाया। बिहार में जहां हम लोग रहते है वहां से 1 घंटे पर नेपाल था, और वहां पर पहाड़ों के बीच घूमने का मजा ही कुछ और होगा। मैंने मम्मी को बताया तो वह बहुत खुश हुई।
दूसरे दिन हम लोग तैयार हो गये। मम्मी बहुत ही सुन्दर लग रही थी। पीले रंग के टाइट सूट सलवार में उनका गदराया जिस्म कपड़े फाड़ के बाहर आना चाहता था। मैंने बाइक निकाली और हम निकल पड़े।
हाईवे पर पहुंचते ही मम्मी मुझसे गर्लफ्रेंड की तरह चिपक गयी और उनकी चूचियाँ मेरी पीठ में रहस्यमई जादू चलाने लगी। वे अपना गोरा चेहरा मेरे कंधे पर रख दी। अब तो बाइक खुद ब खुद तेज चलने लगा और हम दोनों वहा पहुंच गये। मैंने होटल बुक किया और हम रूम में चले गये।
थोड़ी देर बाद हम खाना खाने के बाद घूमने निकल गये। हमे यहां पहाड़ों का कोई आइडिया नहीं था, तो हम लोग बातें करते हुए दूसरी तरफ आ गये। मम्मी मेरे हाथों में हाथ लेके चल रही थी मानो मेरी गर्लफ्रेंड हो। हम जहा पहुंचे वहा ऊँचे-ऊँचे पहाड़ थे और बहुत ही रोमांटिक और खूबसूरत जगह थी। लेकिन इधर कोई घूमने नहीं आया था। मम्मी मेरी हाथ पकड़ के पहाड़ों के बीच ले गयी।
मैं: मम्मी ये तो काफी खूबसूरत और रोमांटिक जगह है।
मम्मी: हां है तो, लेकिन ये कपल्स के लिए मजेदार है।
मैं: वो कैसे मम्मी?
मम्मी: अब सब तुम्हें खुल कर बतानी पड़ेगी क्या, खुद समझ जा।
मैं: लेकिन मैं खुद कैसे समझू?
मम्मी: ओफ्फो, उधर देख कोई कपल्स कैसे प्यार कर रहे है।
मैं थोड़ा आगे बढ़ के देखा कि कोई औरत नीचे लेटी हुई थी और एक लड़का उस पर चढ़ के उसे प्यार कर रहा था। मेरा तो लंड खड़ा हो गया। मेरी मम्मी भी मस्त लग रही थी। लेकिन मम्मी के साथ ये सब कैसे शुरु करुं समझ नहीं आ रहा था। ये सब देख कर मम्मी की भी चूत जरूर गीली हुई होगी।
मैं: मम्मी आपको ये रोमांटिक जगह देख कर पापा की याद आ रही है ना?
मम्मी: नहीं तुम्हारे रहते हुए किसी की क्यूं याद आएगी?
मैं: लेकिन मम्मी पापा होते तो ये जगह और रोमांटिक होती।
मम्मी मुझे अपनी ओर खींचते हुए बोली: क्यूं तुझसे नहीं होगा क्या?
हम दोनों इतने पास आ गये थे कि मैं मम्मी की सासों को महसूस कर सकता था। मैं समझ गया कि मम्मी मुझे आमंत्रित कर रही थी। मैंने अपना होंठ मम्मी के गुलाबी होंठों पर रख दिये। मम्मी भी बड़े आराम से मेरे होंठों को चूसने लगी। मैं अपना हाथ नीचे ले गया और मम्मी की गांड दबा दिया। मम्मी की मुंह से आआह्ह्ह्ह निकल गयी।
मैंने उनके मुंह में जीभ डाल दी और मजा लेने लगा। मम्मी भी बड़े मजे से मस्ती कर रही थी। उनका हाथ मेरे लंड पर चला गया और उसे पकड़ के सहलाने लगी। ऊँचे पहाड़ों के बीच इतनी शांति थी कि हमारी साँसों की आवाजे गूंज रही थी।
मैंने मम्मी के टाइट सूट को निकाल दिया और उनकी ब्रा खोल कर उनके दूध पीने लगा। मम्मी मेरे सर को अपने दूध में दबाने लगी। मैं उनके निपल्स को जोर-जोर से चूसने लगा। आआआह्ह्ह्ह बेटा चूस ले अपनी मां के दूध आअह्ह्ह्हह।
मैंने मम्मी के दूध चूसते हुए उनकी सलवार के नाड़ा खोल दिया और पैंटी भी सरका दी। मम्मी अब इन खूबसूरत वादियों में नंगी हसीन लग रही थी।
मम्मी को वहीं पहाड़ों के बीच लिटा दिया और उनकी गुलाबी चूत में मुंह लगा कर चूसने लगा। मम्मी तो जैसे पागल हो गयी। वो मेरे मुंह को अपने चूत में दबाने लगी, और मैं उनका नमकीन पानी को जीभ लगा कर चूस रहा था।
फिर मैंने अपना कपड़ा खोला और नंगा हो गया। मम्मी की नज़र मेरे लंड पर टिक गयी। मैंने उसे मम्मी के पास ले गया। वे उसे सहलाते हुए मुंह में ले ली।
“ऊऊऊओह्ह्ह्हह्ह… मेरी प्यारी मम्मी.. आआआह्ह्ह्हह कितनी मस्त चूस्ती हो। आआआहह्ह्ह्ह… मम्मी और चूसो।”
मम्मी कुछ देर चूसने के बाद सीधा लेट गयी और मैं उनकी टांगो के बीच आ गया। उफ्फ्फ्फ़, उनकी नाजुक चूत पर लंड लगते ही मां के मुंह से सिसकारी निकलने लगी।
मैंने एक तेज झटके मारे और पूरा लंड मम्मी की चूत में सरसराता हुआ चला गया। मम्मी का मुंह सिकुड़ गया। उन्होंने ऐसा सोचा भी नहीं होगा, कि इतना बड़ा लंड एक बार में उनकी चूत में जायेगा। मां के मुंह से तेज आआह्ह्ह्ह… निकली और पहाड़ो के बीच गूंज गई। जब सब कुछ शांत हुआ तब मैं मम्मी की चूत मरना शुरु किया। मम्मी मुझे अपनी बाहों में लिए किसी दूसरी जहां में खोई हुई थी।
मैं लगातार मम्मी को तेज़ झटकों के साथ चोद रहा था। मम्मी मस्ती में अपनी चूचियाँ दबा रही थी।
मैं: आआआह्ह मम्मी, आप जैसी हसीन माल को चोद कर मजा आ गया।
मैं अपनी रफ़्तार बढ़ा दिया, मम्मी जोर से चीखने लगी। मैं समझ गया कि अब इनका होने वाला था। तभी मेरे लंड पर गर्मी महसूस हुई और लंड पूरा गीला हो गया। मम्मी झड़ चुकी थी। मैं अभी भी मम्मी को चोद रहा था। अब मम्मी को शायद तकलीफ हो रही थी। उन्होंने मुझे अलग किया और मेरा लंड पकड़ कर मुंह में ले ली।
मम्मी बड़े अच्छे से मेरे लंड को चूसने लगी। ऐसा लंड के चुसाई से मेरे पूरे बदन में आग लग गयी। मैं अब झड़ने ही वाला था, मम्मी और तेजी से मेरा लंड चूसने लगी और मैं थोड़ी देर में अपना सारा माल मम्मी के मुंह में गिरा दिया। मम्मी भी बिना एक बुंद नीचे गिराए सब गटक गयी। हम दोनों कुछ और देरी तक एक-दूसरे को चूमते हुए इस शांत वातावरण का मजा लिये और वापस होटल में आ गये।
मैं मम्मी को पूरी नंगी करके रात में चोदा और फिर अपने सीने से चिपका कर सोया। पूरे एक हफ्ते हमने खूब मजा किया और फिर वापस घर आ गये। मम्मी मुझे अब भी किस्स करती हुई या चुदवाती हुई धन्यवाद देती है, इस खूबसूरत पल के लिए।