पिछला भाग पढ़े:- हिस्ट्री की टीचर की चुदाई-1
मेरी हॉट कहानी के दूसरे भाग में आपका स्वागत है।
फिर 10 मिनट में मैडम आई, और बोली-
मैडम: विनीत मैं थक गई हूं, जब चांद निकले तो उठा देना।
मैंने बोला: ठीक है।
फिर मैडम सोफे पर ही बैठे-बैठे सो गई, और मैं खबर देख रहा था। खबरों में बता रहे थे कि आज चांद 10 बजे तक निकलेगा। फिर मैंने देखा अभी 8:15 बजे ही हुए थे, तो मैंने सोचा मैं अपने दोस्त के घर रुक जाऊंगा, जिसका घर मैडम के घर से नजदीक ही था। मैं बिना मैडम को बताए बाहर से मैडम के घर की कुंडी लगा कर चला गया।
फिर मैं अपने दोस्त के घर पहुंचा और उसे बोला: मैं मैडम के पास ट्यूशन आया था। आज अगर देर हो गई तो तेरे पास रुकूंगा।
फिर उसके घर से कॉल करके अपना घर बता दिया कि आज मैं रवि के घर रुकूंगा। मैं फिर मैडम के घर वापस आ गया। मैंने दरवाजा खोला मैडम अभी भी सो रही थी। मैडम का गोरा-गोरा पेट दिख रहा था, जिसका मेरा लंड खड़ा हो रहा था। मैंने किसी तरह लंड को छुपा लिया, शर्ट नीचे करके, और मैं दूसरे सोफे पर बैठ गया।
तभी मैडम के छोटे वाले बच्चे के रोने की आवाज आई, और मैडम एक दम से उठ गई।
मैडम ने बोला: जा कर सोम को ले आओ।
मैं उसको गोद में उठा कर ले आया। फ़िर मैडम उसे दूध पिलाने लगी। मैडम नोट कर रही थी कि मेरी नज़र उनकी चूचियों पर ही थी, इसलिए उन्हें ढक ली। फ़िर वो बच्चे को दूध पिलाने लगी।
मैंने मैडम को बताया कि: मैडम आज चांद 10 बजे तक निकलेगा।
मैडम ने बोला: तुम अब घर कैसे जाओगे? 9 तो यहीं बज गए।
मैंने बोला: मैं रवि के घर रुक जाऊंगा।
मैडम: नहीं तुम यहीं बच्चों वाले रूम में सो जाना। मैं बच्चों को साथ में सुला लूंगी।
मैं: आज आपके पति नहीं आएंगे?
मैडम: नहीं, वो नहीं आ रहे।
मैंने बोला: क्यों उनको छूट नहीं मिली?
मैडम: नहीं वो कहीं बाहर चले गए हैं दूसरी जगह कंपनी की तरफ से मीटिंग में।
मैं: अच्छा।
फिर बातें करते-करते 10:12 बजे हो गए।
मैंने बोला: मैम शायद चांद निकल गया होगा।
मैडम: हां जाओ किचन से थाली और छन्नी ले आओ।
फिर हम आंगन में गए, और मैडम ने चांद को देख कर व्रत खोल लिया। मैंने मैडम को पानी का गिलास दिया और वो मैडम ने पानी पी लिया। अंजाने में ही सही पर व्रत तो मैं ही खुलवा रहा था मैडम का। फिर हम अन्दर आ गये। मैडम ने अपना व्रत खोला, और खाना खा लिया। इतने में वो बच्चा फिर उठ गया, और मैडम उसे दूध पिलाने लगी।
मैडम ने पूछा: विनीत तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है?
मैं: नहीं मैडम, आपको पता है मैं कितना शरीफ हूं।
मैडम: हां पता है कितने शरीफ हो। इसलिए बार-बार मुझे ही देख रहे हो बच्चे को दूध पिलाते हुए।
मेरी गांड फट गयी।
मैं: मैम नहीं, मैं, मैं, मैं कहा, नहीं तो।
मैडम: ज़्यादा होशियार मत बनो। क्यों देख रहे थे बोलो?
मैं: मैडम आप बहुत सुंदर हो, और मैं क्या करूं, बार-बार मेरा ध्यान उसकी तरफ जा रहा है।
तब तक उनका बच्चा सो गया था, तो माँ ने उसे लिटा दिया था, और ब्लाउज बैंड कर लिया था। फिर मैडम बच्चे को लिटा कर आई और बोली-
मैडम: विनीत, जाओ तुम भी सो जाओ। मैं कपडे चेंज करके आती हूं।
मैं: मैडम ऐसे ही सो जाओ, इतने सुंदर तो लग रहे हो।
मैडम: क्यों? तुम्हारा दिमाग ठीक है?
मैं: हां मैडम, पर आज आपके पति को आपका साथ मिलना चाहिए। इतनी खूबसूरत बीवी को छोड़ के वो पता नहीं कहाँ गायब है?
ये सुनते ही मैडम ने मुझे एक थप्पड़ रसीद कर दिया, और बोली-
मैडम: तुम होते कौन हो ये सब बोलने वाले? तुम मुझे सिखाओगे अब? अगर तुम देर नहीं करते, तो तुम्हें अभी निकाल देती घर से। चुप-चाप जाके सो जाओ।
फिर मैं दूसरे कमरे में चला गया, और मेरी आंखों में आंसू थे। 10 मिनट बाद मैडम मेरे रूम में आई और बोली-
मैडम: विनीत तुम सो गए क्या?
मैं कुछ नहीं बोला। क्योंकि मैं करवट लेकर लेटा हुआ था, और जिस गाल पे मैडम ने थप्पड़ मारा था, वो लाल गाल मैडम की तरफ ही था। मैडम मेरे पास आके बैठ गई। जब उन्होंने देखा मेरा गाल लाल हुआ पड़ा था तो उन्होंने बोला-
मैडम: सॉरी विनीत, मुझे माफ़ कर दो।
मैं कुछ नहीं बोला।
फिर उन्होंने बोला: शायद तुम ठीक बोल रहे हो विनीत। पर जिंदगी इतनी आसान भी तो नहीं ना। अब मैं तुमसे एक दोस्त होने के नाते पूछ रही हूं। बोलो मैं क्या करूं इस गलती के लिए?
मैं: आप गुस्सा नहीं करोगे और जो बोलूंगा वो करोगे, वादा करो।
मैडम: हां वादा।
मैं: मुझे दूध पीना है।
मैडम: बस इतनी बात, अभी लाती हूँ।
मैं: मैं आपके दूध की बात कर रहा हूं, जो आपने अभी अपने बच्चे को पिलाया था।
मैडम: एक थप्पड़ और खाओगे लगता है।
मैं: आपने वादा किया है कि आप गुस्सा नहीं करोगे।
मैडम: ये गंदा काम नहीं करूंगी पर मैं।
मैं उठ गया और बोला: ठीक है मैं घर जा रहा हूं। इतनी रात को मुझे कुछ हुआ तो आप ज़िम्मेदार हो।
मैडम: ठीक है, लेकिन ज़्यादा नहीं।
बस फिर क्या था, अंधे को क्या चाहिए, दो नैन।
मैंने बोला: ठीक है, आप यहां लेट जाओ।
फ़िर मैम बिस्तर पर लेट गई।
मैंने बोला-
मैं: आप आंखें बंद कर लो, नहीं तो आपको अच्छा नहीं लगेगा।
फ़िर मैडम ने आँखें बंद कर ली। मैंने मैडम का पल्लू हटाया, और ब्लाउज में ही मैडम के उभरे हुए मेरे सामने थे। मैंने धीरे से मैडम का ब्लाउज खोला। मैडम बिल्कुल नई दुल्हन की तरह सजी हुई थी, और नीचे लाल ब्रा पहनी थी। फिर मैंने ब्रा को ऊपर किया, और उनकी दोनों चूचियां मुँह में लेकर पीने लगा। पहली बार मैडम किसी पराए मर्द को पिला रही थी, इसलिए उनकी सिस्की निकल गई, और क्योंकि 3 बार अपने बच्चे को दूध पिला चुकी थी, तो आज का कोटा तो खत्म हो गया था। फ़िर मैंने बाईं चूची पी। वो भी 5 मिनट में खाली हो गई।
मैडम: अब हट जाओ विनीत, दूध नहीं आ रहा।
मैं: आपके बच्चे ने सारा ख़तम कर दिया।
लेकिन मैं इतनी जल्दी कैसे हटूं?
फिर मैंने एक चूची मुँह में की और दूसरी दबाने लगा। मैडम सिसकारियां लेने लगी। मैंने फटाफट से साड़ी के अंदर हाथ डाल दिया, और मैडम की चूत में उंगली शुरू कर दी।
मैडम: नहीं विनीत, तुम क्या कर रहे हो आआहह।
मैंने स्पीड तेज़ रखी, और 15 मिनट में हाय वो झड़ गई, और मेरी उंगलियाँ दोनों गीली हो गई। फिर मैंने मैडम को किस्स किया, और उनकी नथ उतार दी। उसके बाद मुँह से उनके झुमके, उनका गले का हार भी सब कुछ उतार दिया। मैडम को भी मजा आ रहा था। वो भी मेरा साथ दे रही थी, क्योंकि उनके झड़ने के बाद भी मैंने उंगली उनकी चूत में दाल के रखी थी।
फिर मैंने हाथ बाहर निकाल लिया, और मैडम के गोरे-गोरे पैर चाट-ते हुए उनकी टांगों पर आ गया। मैंने साड़ी और पेटीकोट ऊपर कर दिया, और उनकी टांगे छूने लगा। फिर मैंने मैडम की साड़ी भी खोल दी। अब मैडम सिर्फ लाल पेटीकोट में ही थी।
मैंने बिना समय बर्बाद किये पेटीकोट और उनकी काली पैंटी भी उतार दी, और मैडम उधर आह्ह आह्ह उफ्फ्फ उफ़ कर रही थी। मैंने भी अपने कपड़े उतार दिये, और अपना लंड मैडम की चूत में घुसा दिया, जो एक ही झटके में पूरा चला गया। क्योंकि मैडम की चूत गीली पड़ी थी। मैं धीरे-धीरे धक्के लगा रहा था और मैडम आह आह आह आह ओह उफ़ उफ़ आह करके कराह रही थी।
इधर चोदने के साथ मैडम की पायल और चूड़ियाँ की जो लय बनी हुई थी, वो मुझे और भी ठरकी बना रही थी। 15 मिनट के बाद मैंने मैडम को घोड़ी बनाने को कहा, और वो चुप-चाप घोड़ी वाली पोस्ट में आ गई। फिर मैंने उनकी गांड पे किस्स किया और बोला-
मैं: गीता मैडम।
मैडम: हम्म, बोलो विनीत।
मैं: आपने मुझे उस दिन मुर्गा बनाया था। आज मैं आपको घोड़ी बना के आपकी सवारी करुंगा।
मैडम: ह्ह्हम्म ऊऊह्ह्ह आअह्ह्ह्ह जल्दी करो।
मैंने फिर पीछे से उनकी चूत में लंड डाल दिया।
मैडम: आह्ह मर गयी आआआ चोदो मुझे। मेरे अच्छे छात्र ने मुझे चोदा।
और फिर 15 मिनट में ही मैंने अपना पूरा माल मैडम की चूत में ही छोड़ दिया। फ़िर मैं और मैडम सीधे होके लेट गए। मुझे चोदते-चोदते भूख लग गई थी।
मैंने बोला: मुझे भूख लगी है।
मैडम ने बोला: किचन से दूध पी लो, और मेरी मैक्सी भी अलमारी से ले आना।
फिर मैं किचन से 2 गिलास दूध ले आया, और मैडम की मैक्सी भी। हमने दूध पिया, और मैडम ने मैक्सी पहन ली। फ़िर हम दोनों सोने लगे। मेरी खाने की भूख तो चली गई थी, लेकिन चूत की भूख नहीं।
फिर मैं मैडम के जाँघों के बीच में बैठ गया, और दोबारा से लौड़ा चूत में दे दिया। मैडम भी इतने दिनों बाद चुद रही थी। क्योंकि पति तो उनके होते नहीं थे घर पे, इसलिए वो भी मजे से आह आह ओह्ह करके चुदवा रही थी। इस बार जब मेरा पानी निकलने वाला हुआ, तो उसने पहले ही मैंने मैडम को बैठा के उनके मुँह में लंड दे दिया, और सारा का सारा पानी उनके मुँह में ही छोड़ दिया।
मैं: अब आप मेरा दूध पियो मैडम।
मैंने जब तक पानी उनके गले तक नहीं उतारा, तब तक लंड मुँह से बाहर नहीं निकला। मैडम लंड निकलते ही हांफने लगी। फिर मैंने उन्हें बाहों में ले लिया। चुदाई करते-करते रात के 3 बज गये थे। फ़िर हम सो गये। मैं सुबह 6 बजे मैडम के घर से चला गया, और 7:45 बजे कॉलेज पहुंच गया।
लेकिन मैडम आज भी कॉलेज नहीं आई थी। जब शाम को मैं गया, तो उन्हें बताया कि उनकी चूत सूज गई थी, और चला भी नहीं जा रहा था। इसलिए वो नहीं आई थी। उसके बाद मैंने और मैडम ने कई बार चुदाई की। फिर मैडम को भी जाना पड़ा, क्योंकि उनके पति का ट्रांसफर कहीं दूसरे शहर में हो गई थी। आपको ये टीचर-स्टूडेंट चुदाई कहानी कैसी लगी कृपया कमेंट करके बताएं।