पड़ोसन बनी दुल्हन-32

This story is part of the Padosan bani dulhan series सुषमा के कहने पर सुषमा के पाँव को छोड़ सुषमा के हाथों को मैंने चूमना शुरू किया। सुषमा की कलाइयां एकदम चिकनी गोरी चिट्टी थीं। हाथों में शादी का चूड़ा पहने हुए सुषमा की कलाइयां बड़ी ही सेक्सी लग रहीं थीं। मैं सुषमा की कलाइयां … Read more

Drishyam, ek chudai ki kahani-48

This story is part of the Drishyam, ek chudai ki kahani series जहां लण्ड और चूत में गर्मी हो वहाँ रस्मोरिवाज का क्या करना? जब प्यार हवस से चुदता है, कोरे अलफ़ाज़ का क्या करना? चूत छोटी सी हो लण्ड बड़ा तगड़ी चुदाई तब होती है लण्ड ठोक रहा नाजुक चूत को चूत हो नासाज़ … Read more

Drishyam, ek chudai ki kahani-39

This story is part of the Drishyam, ek chudai ki kahani series ना डरना ओ मेरे राही अगर राहों में भटके हो। यदि हो चाह मंजिल की तो रास्ते मिल ही जाते हैं। ना हो मुश्किल जो राहों में सफर का क्या मज़ा साहिल, लगादें जान जो अपनी वही मंजिल को पाते हैं। यदि आपके … Read more

स्नेहा की अजीबो गरीब हरकतें-1

तो कहानी शुरु करते है। उन दिनों मैं एक शख्स के साथ काम करता था, जो नगर सेवक के चुनाव में खड़ा था। मेरे कहने पर उसने झाड़ू-पोचे के लिये एक औरत को नियुक्त किया था, जो उसी के घर में काम करती थी। वह शादी-शुदा औरत थी और तीन लड़को की मां थी। वो … Read more