Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 51

This story is part of the Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din series सुनीलजी ने बंदूक अपने हाथ में लेते हुए कहा, “यह तो ठीक है। पर मेरा काम कलम चलाना है, बंदूक नहीं। मुझे बंदूक चलाना आता ही नहीं।” जस्सूजी थोड़ा सा चिढ कर बोल उठे, “काश! यहां आपको बंदूक चलाने की ट्रेनिंग … Read more

Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 49

This story is part of the Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din series काफिले के पीछे उनके पालतू हाउण्ड घोड़ों के साथ साथ दौड़ पड़े और देखते ही देखते काफिला सब की आंखोंसे ओझल होगया। उस समय सुबह के करीब ११३० बज रहे थे। ज्योतिजी, कैप्टेन कुमार और नीतू बाँवरे से जस्सूजी, सुनीता और … Read more

Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 48

This story is part of the Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din series कैप्टेन कुमार और नीतू भीगी बिल्ली की तरह कर्नल साहब के पीछे पीछे चलते हुए मुख्य राह पर पहुँच गए। इस बार जान बुझ कर जस्सूजी ने सुनीता से कुमार और नीतू की और इशारा कर धीरे चलने को कहा। नीतू … Read more