Drishyam, ek chudai ki kahani-15

This story is part of the Drishyam, ek chudai ki kahani series अर्जुन भी दीदी का हाथ पकड़ कर सिम्मी को घर ले आया और दीदी पर गुस्सा करने लगा। अर्जुन ने दीदी को डाँटते हुए कहा, “दीदी तुम्हें कालिया से उलझने की क्या जरुरत थी? क्या तुम जानती नहीं की कालिया एक छटा हुआ … Read more

Drishyam, ek chudai ki kahani-3

This story is part of the Drishyam series हेल्लो दोस्तों, अब आगे की कहानी पढ़िए! गर्मी का मौसम था, चीलचिलाती धुप थी। अक्सर गुजरात के छोटे कस्बों में दूकानदार दोपहर को १२.३० से चार बजे के बिच में दुकान बंद कर देते हैं और घर जाकर खाना खा कर सो जाते हैं। मैंने अनुभव किया … Read more

Drishyam, ek chudai ki kahani-1

This story is part of the Drishyam series मेरी यह कहानी सत्य तथ्यों पर आधारित है पर पूर्णतया सत्य भी नहीं है। इसमें साहित्यिक दृष्टि से और खास कर इस माध्यम और पाठकों के परिपेक्ष में जो कुछ भी उचित परिवर्तन, सुधार, संक्षिप्तीकरण विस्तृति करण बगैरह करना चाहिए वह करने के पश्चात यह कहानी पाठकों … Read more