शादी में मैं चुद गई (Shadi mein main chud gayi)

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दोस्तों मेरी पड़ोसन ने मुझे खूब चुदवाई अपने पति के बॉस से, आपको बता दूँ कि ये कहानियां 70 फीसदी सच है और 30 फीसदी काल्पनिक।

एक बार मैं एक रिश्तेदार की शादी में बिहार के छपरा जिले में गई थी। लड़की की शादी थी। जहां मुझे बारात के दो लोगों ने और लड़की के पिता के दोस्त मेरी चुदाई की।

तो दोस्तों मैं 30 नवंबर को शादी में पहुंच गई। उसी दिन शादी थी, शाम को मैंने नेट वाली हरी साड़ी पहन ली, और मेरी 36″ की चूचियां और 34″ की गांड कमाल की लग रही थी।

ब्लॉउज मेरी चूचियों से कसा हुआ था। झुमके और गहने और मंगलसूत्र मेरे कसे हुए ब्लॉउज और चूचियों पर लटक रहे थे। मेरे ब्लॉउज और चूचियों के बीच की गहराई और मेरी सुंदरता बढ़ा रही थी।

शादी में सभी मुझे देख रहे थे। लड़के ऐसे देख रहे थे कि मौका मिलते ही मुझे पटक के चोद देते। हर कोई भीड़ का फायदा उठा‌ कर मेरी चूचियों और कमर को छूने की कोशिश करता।

तभी कुछ रिश्तेदार के पास पड़ोस की औरतें भोजपुरी में बोलती हैं, “कहो भौजी, लगता की आज तू दोबारा शादी करबू का। आज तो बाराती वाले तोहै के उठा ले जाहिए। और पटक के तोहर दोनों भेली दबा दिए।”

दूसरी, “अरे ई का कहात बाटु अरे दूल्हा राजा ता पटके बुरीये मारे लगीये।”

मैंने नोटिस की एक लड़का जो करीब 25 साल को होगा, मेरी तरफ ध्यान से देख रहा था। जब मैं स्टेज पर गई तो वो भी आ गया और मुझसे मुसकुराते हुए नमस्ते बोल कर बोला,‌ “आप बहुत खूबसूरत हो भाभी।”

मैंने चारों तरफ देखा तो सब लोगों का ध्यान स्टेज पर ही था। तो उस लड़के ने अपने हाथ मेरी जांघों पर फेरते हुए मेरी पीठ सहलाना शुरू किया। मैं कुछ ना बोली और मुस्कुरा कर चल दी। फिर जब मैं खाने गई तो देखी वहीं लड़का मेरे पास आ गया और बोला, “अरे भाभी, मेरे रहते हुए आपको किसी भी चीज की कमी नहीं होगी।”

खाना खाने के बाद उस लड़के के बारे में सोच कर मुझे भी कुछ होने लगा था। इसलिए मैंने कहा, “मैं पूरी रात नहीं जाग सकती मुझे सोना हैं।” ये शादी में असली चुदाई की बात है, और मैं सोच कर शर्म और उत्तेजना दोनों में थी।

घर में जगह नहीं थी। तभी वो लड़का बोला, “अरे चाची इनको मेरे घर भेज दो। वैसे कोई हैं नहीं, तो ये आराम से सो सकती हैं।”

वो बोली: ठीक हैं बेटा, ले जा, पहुंचा दे।

और मैं उसके साथ चल दी। रास्ते में उस लड़के ने तो हद ही कर दी। मेरी पूरी बॉडी पर हाथ फेर रहा था और साथ में गांड भी दबा रहा था। लेकिन मैंने कोई ऐतराज नहीं कि। फिर दोनों बगीचे की तरफ जिधर सुनसान था, पहुंच गए।

बगीचे में एक कोने में जाकर दोनों रुक गए और उस लड़के ने मुझे बाँहों में भर कर मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। मैं उसे दूर करने का नाटक करने लगी, पर वो नहीं माना।

मैं बोली: ये क्या कर रहे हैं?

उस लड़के ने बोला: क्या गलत है भाभी जी? गलत होता तो वहीं बोल देती। मुझे मालूम हैं तू कितनी गरम हैं। ठंडा तो करना पड़ेगा आपको।

अब वो लड़का मेरे कामुक जिस्म के फुल मजे ले रहा था। वो कभी मेरी चूचियां दबाता, तो कभी गांड। दोनों काफी मस्ती कर रहे थे। मैं भी अब पूरी तरह गर्म हो गईं। मेरे दोनों हाथ उस लड़के की पीठ पर थे। कुछ ही देर में वे दोनों आउट ऑफ़ कंट्रोल हो चुके थे। अब दोनों एक-दूसरे के होंठों को बड़े जोश से चूस रहे थे और वो लड़का मेरी गांड दबा रहा था।

थोड़ी देर बाद उसने मेरी साड़ी आगे से उठा कर मेरी पेंटी में हाथ घुसा दिया। मैंने भी उस लड़के की पैन्ट की जिप खोल कर उसका लंड बाहर निकाल लिया और उससे खेलने लगी, उसे आगे-पीछे सहला कर जैसे मुठ सी मारने लगी।

दोनों एक-दूसरे को करीब 5 मिनट तक चूमते सहलाते रहे। फिर उस लड़के ने ब्लाउज को खोल कर चूचियां बाहर निकाल ली और एक निप्पल को चूसने लगा। वो बदल-बदल कर मेरी चूचियां चूस रहा था।

फिर बोला: वाह क्या गजब माल हो भाभी। क्या गदराई हो, बिल्कुल दुधारू हो रंडी कहीं की।

फिर वो बोला: सॉरी भाभी गाली दे दिया।

मैं बोली: कोई बात नहीं, मुझे पसंद है।

फिर क्या था, कुछ देर बाद उस लड़के ने इशारे से अपना लंड चूसने को बोला। वहीं नीचे अपने पंजों पर बैठ गई मैं और उस लड़के के लंड को अपने मुंह में ले लिया।
लड़के का लंड करीब छः इंच का लग रहा था। तीन-चार मिनट तक लौड़ा चूसने के बाद उसने मुझे खड़ा किया और आगे से उठा कर पैंटी पूरी निकाल दी। फिर साड़ी के अंदर मुंह घुस गया।

वो मेरी चूत चाटने लगा था। लगभग 5 मिनट की चूत चुसाई के बाद मैं मचलने लगी। बदन कांपने लगा, मुंह से आनन्द भरी सिसकारियां निकलने लगी, जो रात की नीरवता में साफ-साफ सुनाई दे रही थी। मैं अपनी चूत चटवा चुसवा कर झड़ गई थी।

लड़का: वाह रे रंडी, तू तो बहुत बड़ी चुदक्कड़ हैं।

तभी वहां 4 लोग या गए और बोले: हां ये रंडी बहुत बड़ी चुदक्कड़ और छिनार हैं साली।
मैं कपड़े ठीक करने लगी और बोली: क्या बकवास है। मैं तो वो वो!

उनमें से एक बोला: हां बोल क्या? ये देख क्या है।

उसने विडिओ बना लिया था।

लड़का बोला: भाभी डरो मत, ये साले सब मेरे ग्रुप के है।‌ हम आज एक रंडी को खोज रहे थे चोदने के लिए। पर हमारी किस्मत तो देखो आप जैसी सुंदर घरेलू रंडी मिल गई। अगर आप चाहे तो आपको पूरा मजा मिलेगा। आपकी चूत चाट कर मुझे लग रहा एक लंड से आपकी प्यास नहीं बुझेगी। तो क्या बोलती हो?

मैं कुछ ना बोली (नाम बदले हुए- खदेरु उम्र 50 , मजनू 40, छोटू 30, रमेश 25, और कुशल 45 )

तभी कुशल ने मुझे वहीं एक पेड़ की टहनी पकड़ा कर झुका दिया। इधर मैं तो फिर से गीली हो गई थी सोच कर कि बगीचे में पाँच लोग मुझे चोदने वाले थे। कुशल मेरी साड़ी उठा दिया और मेरी गांड सहला कर एक थप्पड़ मार कर बोल, “खादेरु काका, मस्त माल आज हाथ लगी हैं। साली आज तो आपकी किस्मत जग गई।”

तभी खादेरु काका आए और मेरी गांड सहला कर फिर मेरी चूचियां पकड़ लिए, और बोले, “हां रे छोटू, ये तो गजब थन वाली रांड है बुरचोदी। आज तो मैं इसको अपने लंड पर नचाऊँगा छिनार को।”

और खादेरु जी ने अपना धोती खोल कर अपना लंड निकाल दिया। वाह क्या लंड था, 9 इंच का था। मैं तो रंडी कुतिया उस लंड को चूसना चाहती थी। और तभी उसने अपना लंड मेरी मुंह के पास ला कर मेरे मुंह में ठूस दिया।

छोटू मेरी चूचियों को चूसने लगा और इधर-उधर चूमने-चाटने लगा। इधर मैंने उसका लंड पूरा अपने मुंह के अंदर घुसा लिया। मैं अपने दोनों होंठ बंद करके लौड़ा चूसने लगी। मुझे मज़ा आने लगा। जुबान को मैं टोपे पर घुमाने लगी।

मैं लंड चूसना बहुत पसंद करती हूं। कुछ देर में उसने मेरे बाल पकड़े और लौड़ा अंदर-बाहर बड़ी जल्दी-जल्दी करने लगा।
यानी वो मेरा मुंह चोदने लगा। मैं तो मुंह चुदवाने में एक्सपर्ट हूं। दूसरी तरफ कुशल मेरी टाँगें फैला कर मेरी चूत पर बिना हाथ लगाए लंड सेट कर दिया। फिर धीरे-धीरे लंड पेलने लगा। पेलते-पेलते पूरा लंड पेल दिया। लंड बड़ी दूर तक अंदर घुस गया।

खादेरु: देख रंडी साली ने पूरा लंड पिलवा लिया। कुशल, भोसड़ी के चूत में पूरा घुस जा!

कुशल मुझे जोर-जोर धक्का देकर मेरी चूत चोद रहा था। मेरे मुंह से आआईई ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ जोर से आवाज निकली।

करीब 5 मिनट के बाद मुझे मज़ा आने लगा और मेरी आग बढ़ गई। उसने मुझे हचक कर चोदा और बिना झड़े अपना लंड बाहर निकाल लिया। उसके हटते ही मजनू ने मेरी चूत में लंड डाल कर मुझे चोदने लगा। फिर उसने बड़ी जल्दी-जल्दी चोदना शुरू किया। मुझे उसका इस तरह चोदना अच्छा लगने लगा।

मैं भी गांड उठा-उठा कर चुदवाने लगी।कुछ देर में खादेरु , “यार स्वेता रंडी, मुझे तेरा मुंह चोदने में ज्यादा मज़ा आ रहा है! लड़कियां साली मुझसे खुल कर नहीं, डर-डर कर चुदवाती हैं, तो पूरा मज़ा नहीं आता। तुम बिल्कुल मस्ती से निडर होकर चुदवा रही हो! असल रंडी इसे कहते हैं तुझे तो सरे आम चोदने मे मजा आएगा।”

ऐसा बोल कर उसने जोर-जोर से झटके मारना शुरू कर दिया। मैं भी उसे जवाब देने लगी। मेरे मुंह से निकलने लगा, “आआ आऊ ऊऊओ हहहह साला तू बड़ा मादरचोद है! मेरी चूत फटी जा रही है! आआआ हह हहए ऊऊऊओ तेरी बिटिया की बुर, साले कमीने, तेरा लौड़ा बड़ा बेरहम है! कुत्ते भोसड़ी के, अपनी बीवी की तरह चोद रहा है तू! ऊऊ ऊओ हहहह हह और चोदो ना।”

बाकी तीनों मेरी चूचियां मेरी गांड और पूरे बदन को नोच रहे थे। तभी छोटू बोला, “अरे काका, हमें भी तो इस रंडी को चोदने दो। साली गदराई बदन वाली रंडी हैं।”

खादेरु: हां-हां‌‌, ले चोद इसके मुंह को। अब मैं इसकी चूत मारूँगा। ऐसा पेलूँगा इसका भोंसड़ा बना दूंगा।

फिर खादेरु ने मेरी चूत में अपना लंड पेल दिया और छोटू ने मेरी मुंह में। वो जितना हचक-हचक के चोद रहा था, मुझे उतना ही मज़ा आ रहा था। फिर मेरी चूत साली ढीली हो गई।

रमेश: क्या मस्त चुद रही हैं कामिनी भाभी। कितनों के लंड ले चुकी हो भाभी रंडी? काश तू इसी गांव की होती तो तुझे रोज पेलता छिनार। बोल तू रंडी हैं ना?

मैं: हां, तुम सब की रंडी हूं। जब तक यहां हूं।

इस तरह सब ने बारी-बारी मुझे उस बगीचे में चुदाई की। फिर वो बोले भी मेरी अभी प्यास नहीं बुझी। फिर वो बोले क्या किया जाए इस रंडी के साथ अब।‌ तभी खादेरु बोला, “इस साली को नंगी ही घर ले चलते हैं। फिर घर पर आराम से चोदेंगे। क्या पता फिर कब मिलेगी ऐसी रंडी।”

मैं बोली: कोई देख लेगा तो?

रमेश: भाभी अभी 2 बज रहे हैं। सब शादी में है। कोई नहीं देखेगा।

और मैं नंगी ही चल दी। उफ्फ़ क्या नजारा था। मैं नंगी चल रही थी। साथ में पाच आदमी थे। उनमें से कोई मेरी गांड दबा देता, कोई चूचियां, तो कभी कभी वहीं खेत में लंड चुसाने लगते और और मेरी चूत भी मार लेते।

इसके आगे की कहानी अगले भाग में बताऊंगी। बताए कैसी लगी तो आगे की कहानी बताऊं आपको आपकी रंडी छिनार स्वेता।

तो कैसे लगी मेरी चुदाई आप जरूर बताए कमेंट में। ईमेल आईडी- [email protected]

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