संता बन कर दोस्त की मम्मी को खुश किया (Santa ban kar dost ki mummy ko khush kiya)

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हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम कमल है। मैं अभी 21 साल का हूं, और अभी बी.ए. फर्स्ट ईयर में हूं। मेरा एक अच्छा दोस्त है, राघव। वो भी 21 साल का है। बहुत ही हसमुख और मजाकिया लड़का है। जब भी मिलता है, खुश कर देता है। उसके इसी अंदाज पे लड़कियां मरती है। उसने कई सारी भाभी, आंटी और लड़कियों को चोदा भी है।

मैं अपनी मम्मी और दीदी के साथ हिमाचल में रहता हूं। पापा काम की वजह से बाहर रहते है। दीदी की रिसेंटली शादी हुई है तो वो भी ससुराल में रहने लगी।

मम्मी का नाम सीमा है, उनकी उम्र 42 साल है और दिखने बहुत ही सुंदर लगती है। जिस्म भरा हुआ है, जिससे इनकी आउटफिट काफी हॉट लगती है। मम्मी साड़ी पहनती है, जिसमें से उनकी गांड और चूचियाँ टाइट मालूम पड़ती है।

ठंड का मौसम चल रहा था। मम्मी अब घर पे थोड़ा अकेला फील कर रही थी। मैंने अपने दोस्त राघव को बताया, तब वो मेरे घर पे आया और मम्मी से बाते करने लगा। मम्मी उसकी बातों पे खूब हस्ती थी। उन्हे उसके साथ बहुत अच्छा लगने लगा।

एक दिन तो राघव ने संता (Santa) बन कर मेरे घर आ गया, और मम्मी को इतना हसाया कि मम्मी उसके बाहो में गिर पड़ी, राघव भी मम्मी को कमर में हाथ डाले पकड़े हुए था।

मम्मी: बस कर राघव, आज तक मैं इतना कभी नहीं हसी।

राघव: आंटी आप बस हस्ते रहा करो। आपकी सेक्सी स्माइल पे तो पूरा हिमाचल मरता है।

मम्मी उसकी बातो से शर्मा गयी, राघव ने भी मम्मी को थोड़ा अपने बाहों में कसा और संता के नकाब को हटाया और अपने होंठ माँ के करीब ले गया।

राघव: आंटी आपको तो हक़ है हमेशा खुश रहने का। पता नहीं अंकल कैसे आपसे दूर रह लेते है। मैं होता तो…

मम्मी: क्या करते.. अगर तुम होते तो राघव?

राघव में मम्मी के होंठों पे अपना होंठ रख दिये और उन्हे किस्स करने लगा। मम्मी को कई दिनों से किसी का प्यार नहीं मिला था। मम्मी ने भी राघव के होंठों को चूसते हुए उसका जम के साथ दी। फिर दोनों अलग हो गये।

मम्मी: कमल घर पे ही है, फिर कभी।

मम्मी एक बार फिर से राघव की संता वाली भेष पर हसने लगी। तब राघव ने फिर से माँ को बाहो में भर लिया, और किस्स करते हुए कहा-

राघव: कल पक्का पूरा करेंगे।

मम्मी: हां, मेरे संता कल कर लेना।

मैं दूसरे दिन कॉलेज के लिए निकला, लेकिन फिर याद आया कि राघव और मम्मी ने आज मिलने का प्लान बनाया था। मैं फिर घर की चला आया। तब तक गेट बंद हो गया था। मैं समझ गया कि राघव आ गया होगा। मैं किसी तरह घर के पीछे से गया और मम्मी के बेड रूम में देखने लगा। इससे पहले कि मैं रूम का दरवाजा खोलता, मेरी नज़र अंदर के नजारे पर चली गयी।

मम्मी अपनी नाइटी उतार कर नंगी लेटी हुई थी। उनकी नंगी चूचियों को वो राघव अपने हाथों से दबा रहा और चूस रहा था। मैं तो देख कर दंग रह गया। राघव ने भी अपने कपड़े उतारे हुए थे और वो केवल अंडरवियर में थ। वो मम्मी के ऊपर लेट कर उनकी चूचियों को जोर-जोर से दबाते हुए पी रहा था।

मम्मी के मुंह से आह्ह आह्ह की आवाजें निकल रही थी, जो ज्यादा साफ नहीं सुनाई दे रही थी, क्योंकि टीवी की आवाज भी साथ में आ रही थी। मैं वहीं पर बाहर खड़ा होकर देखने लगा। मैं एक तरफ छिप गया था कि किसी को दिखाई ना दूं। फिर राघव ने मम्मी को किस्स करना शुरू कर दिया। वो पहले तो काफी देर तक लिप किस्स करता रहा, और फिर वो मम्मी को पूरी बॉडी पर किस्स करने लगा।

दस मिनट तक वो किस्स करते रहे और मैं अपने लंड को वहीं पर खड़ा होकर सहलाता रहा। मुझे मम्मी को इस तरह से देख कर बहुत मजा आ रहा था। पहली बार मैंने मम्मी को नंगी देखा था। चूंकि वो राघव मेरी मम्मी के ऊपर नंगे लेटा हुआ था तो मैं मम्मी की चूत नहीं देख पा रहा था।
उसके बाद मम्मी ने राघव का अंडरवियर नीचे खींच दिया और राघव अपने लंड को हाथ में लेकर मम्मी की चूत पर फिराने लगा।

राघव का लंड 7 इंच के लगभग लम्बा था और एक-दम से काला लंड था। उसका लंड का सुपारा बहुत मोटा था।

मम्मी बोली: ये क्या है?

राघव: आपकी खुश करने की इंजेक्शन है ये!

राघव ने अब मम्मी को अपनी ओर खींच लिया और उसकी चूत में हाथ को रगड़ने लगा। वो दूसरे हाथ से मम्मी की गांड को सहला रहा था। मम्मी राघव की गांड को सहलाते हुए एक हाथ से उनके लंड को सहला रही थी।

फिर राघव ने मम्मी को नीचे झुका लिया लंड चूसने का इशारा किया। मम्मी ने अपने राघव के लंड को मुंह में ले लिया और चूसने लगी। फिर राघव ने उनको 69 में कर लिया। अब मुझे मम्मी की चूत साफ दिखाई दे रही थी।

उनकी चूत पर काले हलके झांट थे। राघव मेरी मम्मी की चूत को छेड़ते हुए उनके झांटों से खेलने लगा। मम्मी उनके लंड को चूसने में लगी हुई थी। फिर राघव उसकी चूत में उंगली करने लगा। अब मम्मी भी अपनी चूत को राघव की ओर धकेलने लगी।

फिर उनके राघव ने मम्मी की चूत को चाटना शुरू कर दिया और वो दोनों एक दूसरे को पागलों की तरह चूसने लगे। ये देख कर मेरा वीर्य छूटने को हो गया।क्योंकि मैं भी इतनी देर से अपने लंड को निकाल कर हिला रहा था। अब मैंने मुठ मारना बंद कर दिया। मैं अभी और मजा लेना चाहता था।

राघव से मम्मी की चुदाई मैं पूरी देखना चाहता था। काफी देर तक वो दोनों के दूसरे के लंड और चूत को चूसते रहे। मम्मी की प्यास बढ़ती जा रही थी। मम्मी अपने राघव के लंड को लॉलीपॉप की तरह चूस रही थी।

अब राघव उठ गया। राघव ने उनकी टांग को उठाया और मम्मी की चूत पर लंड को रगड़ने लगा। मम्मी सिसकारने लगी। वो राघव बार-बार मम्मी की चूत पर अपने लंड का सुपारा हल्का सा अंदर करता और फिर दोबारा से बाहर निकाल लेता। इस तरह से मम्मी पूरी चुदासी हो गयी।

राघव ने मम्मी की चूत पर लंड रखा और एक-दम से अंदर धकेल दिया। मम्मी चिल्ला उठी और बोली: निकालो आह्ह .. जल्दी निकालो मर गयी आह्ह फट गयी है चूत प्लीज़ निकालो।

मगर राघव ने मम्मी की बात नहीं सुनी। वो लंड को निकालने की बजाय मम्मी को ही बेड पर दबाने लगा और धीरे-धीरे अपना पूरा लंड उनकी चूत में उतार दिया। मम्मी रोने लगी लेकिन राघव ने लंड को घुसाना जारी रखा।

अब वो मम्मी के ऊपर लेट कर उनकी चूचियों को पीने लगा। मम्मी छटपटा रही थी। कुछ देर तक मम्मी तड़पती रही और फिर शांत होने लगी।‌ अब राघव ने मम्मी की चुदाई शुरू कर दी। अपनी गांड को हिलाते हुए वो मम्मी की चूत में धक्के देने लगा।

राघव के धक्के के साथ मम्मी का पूरा बदन हिल रहा था। वो अपनी चूत में राघव के लंड को बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। राघव भी अपने लंड को पूरा उनकी चूत में जड़ तक घुसा रहा था।

अब धीरे-धीरे राघव उनको चोदने की रफ्तार तेज कर दी। अब मम्मी भी उनका साथ देने लगी थी। राघव ने एक बार फिर से मम्मी को अपनी ओर खींचा क्योंकि वो उनके धक्कों से आगे खिसकती जा रही थी।

मम्मी की टांग को अपने हाथ में उठा कर वो जोर-जोर से चूत में लंड को पेलने लगा।अब मम्मी के मुंह से आह्ह आह्ह फक आह्ह चोदो आह्ह कमॉन राघव आह्ह फक मी हार्ड (जोर से चोदो) ओह्ह राघव आह्ह ओह्ह की आवाजें आ रही थी। मैं हैरान था कि मम्मी कितनी मस्ती से अपने बेटे के दोस्त से चुदवा रही थी। अब मम्मी पूरा मजा लेकर राघव के लंड को ले रही थी।

देखते ही देखते मम्मी की चूत से पानी जैसा लिक्विड निकलने लगा।उसकी चूत से काफी सारा पानी निकला और फिर वो शांत पड़ गयी। मम्मी की चूत की गर्मी ने राघव को भी पिघलने पर मज़बूर कर दिया और वो भी मम्मी को बाहों में पकड़ कर निढाल लेट गया। फिर मैं वहां से भाग गया, उसके बाद से मैं माँ और अपने दोस्त की चुदाई देख कर मुठ मारने लगा।

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