पिछला भाग पढ़े:- ऑफिस कलीग के साथ सेक्स-1
दोस्तों मेरी ऑफिस सेक्स स्टोरी के पिछले भाग के लिए आप सब का रिस्पांस देख कर काफी खुशी हुई। अब आगे-
फिर वहां से नीचे उतरते समय मैं राजेश का हाथ पकड़ कर नीचे उतर रही थी। लेकिन मैं काफी थक गई थी। राजेश ने मुझे पिगी राईड दी और किसी बच्चे की तरह बहुत प्यार से मुझे नीचे तक लेकर आया। मैंने बीच में पूछा कि, “राजेश तुम थक तो नहीं गए?” वह बोला, “नहीं मैं बिल्कुल भी नहीं थका हूं।”
मेरे दोनों बड़े-बड़े बूब्स राजेश की पीठ पर सटे हुए थे। जब मैं नीचे उतरी, तो देखा कि राजेश का लंड तना हुआ था। फिर हम वहां से वापस उसकी बाइक पर गेस्ट हाउस आ गए।
रात मैं मैंने शार्ट पहने थे, राजेश मेरी मोटी मोटी जांघों, बड़ी गांड और बड़े बूब्स को ताड़ रहा था। फिर बोला, “आकृति मैं हल्का वाईन पिऊंगा। आपको बुरा तो नहीं लगेगा?” मैंने कहा, “नहीं।”
राजेश ने अपने ट्रॉली बैग में से महंगी शराब की बोतल निकाली और उसने अपना पैक बनाने से पहले मेरे से पूछा। तो मैंने भी हां कर दिया। फिर राजेश ने दो पैक बनाए और हम लोगों ने एक-एक पैक लिया। हम लोग बातें कर रहे थे और बातें करते-करते हम लोगों ने तीन-तीन पैक ले लिए थे। तब मुझे भी शराब का नशा हल्का-हल्का चढ़ गया था।
फिर राजेश ने डिनर ऑर्डर किया और कुछ देर बाद वेटर डिनर देकर चला गया। मैंने और राजेश ने साथ में डिनर किया। डिनर करने के बाद मैं बोली कि, “राजेश मुझे थोड़ा वाक करनी है।” राजेश मेरे साथ वॉकिंग करने चल पड़ा। हम लोग गेस्ट हाउस के कैंपस मैं ही वाकिंग के लिए चले गये।
जब मैं और राजेश वॉकिंग कर रहे थे, तो उसे समय वहां कैंपस में बहुत सारे और कपल्स भी वॉकिंग कर रहे थे। राजेश मुझे बोला कि, “आकृति तुम्हें बहुत से लोग घूर कर देख रहे हैं।” तो मैं बोली कि, “लोगों की छोड़ो, क्या तुम मुझे घूर कर नहीं देख रहे हो सुबह से?”
तो राजेश बोला कि हां वह भी मुझे घूर कर देख रहा था। फिर उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और वॉकिंग करने लगा। मैंने राजेश को कुछ बोला नहीं।
कुछ देर बाद उसने मेरे कंधे पर हाथ रख दिया और हम बातें करते हुए चल रहे थे। मैं राजेश के कंधे तक ही पहुंच रही थी। उसकी हाइट मेरे से काफी ज्यादा थी। मैंने राजेश को बोला कि, “तुम्हारा क्या इरादा है?” तो राजेश बोला कि, “इरादा तो बहुत गंदा है आकृति। तुम सुन नहीं पाओगी।”
मैं बोली, “फिर भी बता दो।” तो राजेश बोला कि, “मेरा मन तो कर रहा है कि तुम्हें अभी खुद ही मेरे बेडरूम में लेकर जाऊं और फिर…।”
मैं बोली, “फिर क्या?”
तो राजेश बोला कि, “रहने दो यार, तुम बुरा मान जाओगी।” मैं बोली, “बुरा नहीं मानूंगी।” राजेश बोला, “नहीं, यह अच्छा नहीं लगेगा। हम लोगों ने पी रखी है और मैं अपनी लिमिट क्रॉस नहीं करना चाहता।”
मैं बोली, “बता दो, मैं बुरा नहीं मानूंगी। और जब मैं तुम्हारे साथ एक ही कमरे में रह रही हूं, तो लिमिट की तो कोई बात ही नहीं है।”
राजेश बोला कि उसका मन कर रहा था कि वह मुझे गोदी में लेकर बेडरूम में जाए और पूरी रात सोने नहीं दे, और चार-पांच राउंड चुदाई करे। मैं बोली, “क्या तुम इतना कर पाओगे?” वह बोला, “आज़मा कर देख लो।”
फिर उसने मुझे बोला कि, “रूम में चलते हैं।”
मैं उसके साथ चल पड़ी। जैसे ही सीढियां स्टार्ट हुई, उसने मुझे गोदी में उठा लिया। फिर वो मुझे लेकर रुम में आया और बैड पर मुझे लिटा दिया। उसने मेरे कन्धे और गर्दन पर किस्स करना स्टार्ट कर दिया। मैं बहुत गर्म हो रही थी। वो मुझे लिप किस्स करने लगा।
फिर राजेश एक-एक पैक और बना कर लाया और हमने साथ में पिया। राजेश ने मुझे एक और पैक पिला दिया। उसने अपना टी-शर्ट लोअर उतार दिया। अब वो मेरे सामने वी-शेप अंडरवियर में खड़ा था। फिर उसने मेरे भी शार्टस उतार दिये। मैं ब्रा-पेंटी में उसके सामने थी।
राजेश मेरे पांव और मेरी जांघों को सहलाते हुए किस्स कर रहा था। मैंने 3 महीने से चुदाई नहीं की थी, इसलिए बहुत एक्साइटेड हो रही थी। फिर उसने मेरी ब्रा उतार दी।
राजेश मेरे 34डी साईज के बूब्स को मुंह में लेकर चूस रहा था। फिर उसने मेरी पेंटी उतार कर मुझे नंगा कर दिया। वो मेरी चूत में जीभ डाल कर चाटने लगा। मेरी चूत दो बार पानी छोड़ चुकी थी। राजेश मेरी चूत का सारा पानी पी गया। उसने अपना अंडरवियर उतारा, और मुझे अपना लंड मुंह में लेने को कहा। तो मैं उसका लंड अपने मुंह में लेकर लालीपॉप की तरह चूसने लगी। मैं उसका 8 इंच लम्बा और तीन इंच चौड़ा लंड बहुत पसंद कर रही थी।
कुछ देर बाद राजेश ने मुझे लिटा दिया और अपना लंड मेरी चूत पर फेरने लगा। मुझे बहुत ज्यादा चुदाई की इच्छा हुई। मैं बोली कि, “करना है तो डाल दें ना, तड़पा क्यूं रहा हैं?” मैं शराब के नशे में राजेश को गाली देकर बोली, “बहन के लोड़े सिर्फ गर्म ही करेगा या चोदेगा भी?”
वो बोला, “साली छिनार, अभी बताता हूं तुझे।” फिर उसने अपने लंड पर क्रीम लगाई और मेरी चूत में डालने लगा। मैं काफी समय यानि तीन महीने से चुदी नहीं थी, इसलिए राजेश का लंड अंदर आसानी से नहीं जा रहा था। फिर उसने थोड़ा अंदर घुसा दिया मुझे दर्द होने लगा। मैं बोली, “राजेश प्लीज़ बाहर निकालो।” पर उसने मेरी एक नहीं सुनी और कुछ ही देर में पूरा लंड अंदर पेल दिया। अब मेरी चूत में उसका मोटा लंड समा गया था। मुझे हल्का दर्द हो रहा था।
मैं: ओहहहहह राजेश बहुत दर्द हो रहा हैं, प्लीज़ छोड़ दो मुझे।
राजेश: डार्लिंग थोड़ा एडजस्ट करो, सब ठीक लगेगा अभी तुम्हें।
राजेश ने अब मिशनरी पोजीशन में मेरी चुदाई स्टार्ट कर दी। वो मेरी चूत में तेज़-तेज़ झटके मार रहा था। मुझे दर्द के साथ मज़ा भी आ रहा था। फिर उसने मुझे टेढ़ा करके लिटा दिया और चोदने लगा। वो मेरी गांड और बूब्स दबाते हुए मुझे चोद रहा था। फिर उसने मुझे मिशनरी पोजीशन में किया और तेजी से स्पीड बढ़ा कर चोदना शुरू किया। मेरी चूत इस दौरान दो बार पानी छोड़ चुकी थी।
उसने तेज़-तेज़ झटके लगाए और मेरी चूत में ही अपना स्पर्म गिरा दिया। जब उसके लंड से उसका वीर्य मेरी चूत में निकल रहा था, तो उसके लंड के तेज झटकें और उसके वीर्य की गर्म पिचकारी मुझे बहुत प्लेजर और आनंद दे रही थी। मैं आज राजेश से चुदवा कर संतुष्ट हो गई थी।
इसके आगे की कहानी अगले पार्ट में। फीडबैक [email protected] पर दें।
अगला भाग पढ़े:- ऑफिस कलीग के साथ सेक्स-3