मुसीबत में चढ़ी बॉस के लंड पर-2 (Museebat mein chadhi boss ke lund par-2)

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पिछला भाग पढ़े:- मुसीबत में चढ़ी बॉस के लंड पर-1

नमस्कार दोस्तों, मैं अनुष्का अपनी चुदाई कहानी का अगला पार्ट लेके हाज़िर हूं। उम्मीद है आपने पिछला पार्ट पढ़ लिया होगा। अगर नहीं पढ़ा है तो उसको पहले ज़रूर पढ़े।

पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कि मैं अपने सेक्सी फिगर इस इस्तेमाल करके जॉब पर लगी। फिर एक दिन मुझे पता चला कि मेरी जॉब जाने वाली थी। तो मैंने अपने ठरकी बॉस के पास जा कर उनको चुदाई का ऑफर दे दिया। वो भी मान गया और मेरी जॉब बच गई। लेकिन उसने मुझसे एक ट्रेलर मांगा। मैं भी तैयार थी। अब आगे-

मैं: हां जो आप चाहे सर। बोलिए क्या करना है?

तभी बॉस खड़े हो गए और उन्होंने वो खिड़की जहां से बाहर से केबिन में दिखता था, बंद कर दी। फिर बॉस अपनी पैंट खोलने लगे। मैं समझ गई कि वो ब्लोजॉब के लिए कहेंगे।

दोस्तों मैं ये सब कुछ इतना इसीली इसलिए ले रही थी, क्योंकि मैं अपने बॉयफ्रेंड से चुदी हुई थी। हां बस वो एक जवान लड़का था, और ये एक बुड्ढा। लेकिन जॉब के लिए कुछ भी।

फिर बॉस ने अपना लंड निकाला, जो तकरीबन 7 इंच का था। इतना बड़ा लंड होगा बॉस का, ये मैंने सोचा नहीं था। लंड पूरा तना हुआ था, जो मेरे सेक्सी जिस्म का कमाल था। लंड निकाल कर बॉस ने मुझे इशारा किया। मैं अपने घुटनों पर बॉस के सामने बैठ गई।

अब बॉस का लंड मेरे मुंह के सामने था। इतना बड़ा लंड तो मेरे बॉयफ्रेंड का भी नहीं था। मैंने बॉस के लंड को अपने हाथ में लिया। पूरा तना हुआ था, एक-दम लोहे की रॉड के जैसे। फिर मैंने बॉस की तरफ देख तो वो मुस्कुराने लगे। मैंने भी मुस्कुराते हुए अपना मुंह खोला, और जीभ बाहर निकाल कर लंड के टोपे पर फिराई।

लंड से हल्की बदबू और नमकीन स्वाद आ रहा था। धीरे-धीरे करके मैं बॉस के लंड को चाटने लगी। बॉस प्यार से मेरे सर पर हाथ फेरने लगे। फिर मैंने अपना मुंह खोला और लंड को मुंह में लेके चूसना शुरू कर दिया। लंड बड़ा था, तो आधा ही मेरे मुंह में जा रहा था। अब मुझे भी मजा आना शुरू हो गया था और मैं लंड चूसते हुए हल्की आहें लेने लगी थी।

तभी बॉस को पता नहीं क्या हुआ। उन्होंने मेरे सर के पीछे हाथ रखा और लंड अंदर धकेलने लगे। लंड मेरे गले तक जाने लगा, जिससे मेरी सांस रुकने लगी। लेकिन बॉस धकेलते जा रहे थे। मैंने उनकी जांघ पर हाथ मार कर उनको इशारा भी किया रुकने का, लेकिन वो नहीं रुके।

धक्का मारते हुए उन्होंने पूरा लंड मेरे मुंह में घुसा दिया। जब सांस रुकने से मेरा मुंह लाल हो गया, तो उन्होंने लंड बाहर निकाल लिया। लंड बाहर निकलते ही मैं ज़ोर-ज़ोर से खांसने लगी।

फिर बॉस ने दोबारा लंड मेरे मुंह में डाला और किसी रंडी की तरह मेरे मुंह की चुदाई करने लगे। मैं मन ही मन सोच रही थी कि ये बुड्ढा तो जवान से भी तगड़ी चुदाई कर रहा था मुंह की, कहीं ये मेरी बैंड ही ना बजा दे।

अभी कुछ ही देर हुई थी उन्हें मेरे मुंह की चुदाई करते, कि तभी उनको हेड ऑफिस से फोन आया। बॉस ने लंड मेरे मुंह से निकाला और फोन सुना। उन्होंने कुछ ही सेकंडस बात की और फिर मेरी तरफ देखा। वो मेरी तरफ देख कर मुस्कुराने लगे। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि वो क्यों मुस्कुरा रहे थे।

तभी वो बोले: बधाई हो अनुष्का। तुम्हारी नौकरी बच गई।

फिर उन्होंने अपने प्रिंटर से एक प्रिंटआउट निकाला और मेरे हाथ में दे दिया। मैंने देखा तो उसमें मेरा जॉब कंटिन्यू करने का ऑफर था। ये देख कर मैं बहुत खुश हो गई।

तभी बॉस बोले: अब तुम्हारा काम हो गया। चलो अब तुम्हारा प्रॉमिस पूरा करने का टाइम है।

मैं: जी सर।

ये बोल कर मैं फिर से उनका लंड चूसने के लिए आगे बढ़ी।

तभी वो बोले: नहीं, अब सिर्फ ये नहीं, बाकी सब भी करेंगे। चलो मेरे साथ।

फिर बॉस ने अपना लंड अंदर किया और केबिन के बाहर निकल गए। मैं उनके पीछे गई। हम लोग लिफ्ट में जाके सीधे पार्किंग पहुंचे। वहां बॉस ने मुझे अपनी गाड़ी में बिठाया और होटल ले गए।

बॉस मुझे 5 स्टार होटल लेके गए। वहां रूम बुक किया और कमरे की तरफ चल पड़े। अब मैं और वो होटल रूम में थे। होटल रूम में जाते ही बॉस अपने कपड़े उतारने लगे। फिर पूरे नंगे हो कर बिस्तर पर सीधे लेट गए। मैं वहीं खड़ी उनको देख रही थी।

तो वो बोले: देख क्या रही हो, कपड़े उतारो।

फिर मैंने अपने कपड़े उतार दिए। अब मैं पिंक ब्रा और पैंटी में थी। मुझे ऐसे देख कर उनके चेहरे पर चमक आ गई। फिर वो लंड हाथ में लेके बोले-

बॉस: चलो शुरू करो।

फिर मैं आगे बढ़ी और उनके ऊपर आ गई। मैंने उनका लंड मुंह में लेके चूसना शुरू कर दिया। बॉस सीधे लेट कर रिलेक्स करने लगे। 2-3 मिनट बाद उन्होंने मुझे अपने ऊपर आने को कहा 69 पोजीशन में। मैंने वैसे ही किया। अब मेरी पैंटी में छिपी चूत उनके मुंह के सामने थी और उनका लंड मेरे मुंह के सामने।

मैं फिर से लंड मुंह में लेके चूसने लगी। बॉस अपनी उंगली से, पैंटी के ऊपर से मेरी चूत को रगड़ने लगे। इससे मुझे मस्ती चढ़ने लगी। उनकी उंगली सीधे मेरी चूत के दाने को मसल रही थी, जिससे मेरे जिस्म में करेंट सा उठ रहा था।

कुछ देर वो ऐसे ही पैंटी के ऊपर से मेरी चूत के दाने को रगड़ने लगे, और मैं उनका लंड चूसती रही। फिर उन्होंने मेरी पैंटी निकाल दी। अब उनके सामने मेरी चिकनी चूत थी। मेरे बॉस ने चूत देखते ही मेरी चूत पर अपना मुंह लगा लिया और उसको चाटने लगा। वो लंबी-लंबी जीभ फेरने लगा मेरी चूत पर, जिससे मैं और मदहोश होने लगी। लंड चूसते हुए मेरे मुंह से हम्म-हम्म की आवाजें निकलने लगी।

फिर बॉस मेरी चूत के अंदर जीभ डालने लगे और चूत की चुस्कियां लेके उसको चूसने लगे। वो ऐसे मेरी चूत चूस रहे थे, जैसे सारा पानी चूस कर ही निकाल लेंगे।

कुछ देर हम दोनों का ऐसे ही चलता रहा। इसके आगे क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा। कहानी कैसी लगी [email protected] पर बताएं।

अगला भाग पढ़े:- मुसीबत में चढ़ी बॉस के लंड पर-3

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