पिछला भाग पढ़े:- नई नौकरानी और चुदाई का खेल-1
हेलो दोस्तों, मैं राज आप सब के लिए अपनी कहानी का अगला पार्ट लेके आया हूँ। उम्मीद है आपको पिछला हिस्सा पसंद आया होगा।
पिछले हिस्से में आपने पढ़ा कि मेरा दिल हमारे घर की कामवाली पर आ गया। उसका नाम मधु था, और मैं उसको चोदना चाहता था। फिर मैंने उसको चोदने का प्लान बनाया। लेकिन वो तब फ्लॉप हो गया, जब मैंने अपने बेटे को उसके साथ सेक्स करते देखा।
मेरा बेटा किचन में उसकी चूत चूस रहा था। फिर उसने उसकी चूचियाँ चूसी, और अब मधु घुटनो पर बैठ कर मेरे बेटे का लंड चूस रही थी। अब आगे बढ़ते हैं।
मेरा बेटा उसके मुँह में ज़ोर-ज़ोर से धक्के मार रहा था, और भी उसकी रांड बन के मजे से लंड चूस रही थी। कुछ देर उसको ऐसे ही लंड चुसवाने के बाद उसके मधु को खड़ा किया, और स्लैब के साथ लगा लिया।
अब मधु का चेहरा दीवार की तरफ था, और मेरा बेटा उसके पीछे था। अक्षित का खड़ा हुआ लंड मधु की गांड के साथ टच हो रहा था। इससे पहले कि वो आगे बढ़े मैंने जेब से फोन निकाला और कैमरे पर दोनों की रिकॉर्डिंग करने लगा।
फिर अक्षित उसकी पीठ चूमने लगा, और पीछे से उसके स्तन पर हाथ डाल कर उनको दबाने लगा। मधु एक-दम गरम हुई थी। उसकी चूत लेसदार पानी छोड़ रही थी। उसकी चूत का पानी उसकी जांघों तक पहुंचा हुआ था।
फिर अक्षित ने पीछे से उसकी गर्दन पर हाथ रखा, और उसको झुका कर स्लैब पर रख दिया। अब मधु की कमर से ऊपर का हिस्सा स्लैब से चिपक गया था, और नीचे का हिस्सा स्लैब से नीचे जमीन तक था। मतलब उसकी गांड बिल्कुल अक्षित के लंड के सामने थी।
अक्षित ने अपना लंड हाथ में लिया, और पीछे से उसकी चूत पर रगड़ने लग गया। मधु आह आह आह कर रही थी, और लंड अंदर लेने के लिए तड़प रही थी। लेकिन अक्षित उसकी तड़प का मजा ले रहा था, और उसको और तड़पा रहा था।
फ़िर मधु बोली: डाल दो ना अब अंदर। जान लोगे क्या तड़पा-तड़पा कर मेरी?
अक्षित उसकी बात सुन कर खुश था, और उसने मधु की गांड पर थप्पड़ मारा। फ़िर वो बोला-
अक्षित: बड़ी जल्दी है तुझे रंडी। धीरज रख, तेरी चूत की प्यास मैं दर्द से बुझाऊंगा।
ये बोल कर अक्षित ने उसकी चूत पर अपना लंड सेट किया, और एक ज़ोर से धक्के से अपनी पूरी रॉड उसकी चूत में घुसा दी। “आआआह्ह्ह्ह” मधु ने ज़ोर से गाल निकाली। तभी अक्षित ने पीछे से उसके मुँह पर हाथ रख लिया, और बोला-
अक्षित: रंडी अभी तुझे लंड चाहिए था। अब लंड मिला है तो चीख क्यों रही है? पड़ोसियों को सुनाना है क्या?
ये बोल कर अक्षित ने चूत के मुँह तक लंड बाहर निकाला, और फिर से पूरा का पूरा अन्दर डाल दिया। इसे मधु को फिर दर्द हुआ, और वो कांप गई। लेकिन अक्षित कहा रुकने वाला था। वो धक्के पे धक्का मारे जा रहा था।
कुछ धक्कों के बाद मधु का तिलमिलाना बंद हो गया, और उसकी चूत में लंड एडजस्ट हो गया। ये देख कर अक्षित ने उसके मुँह से अपना हाथ हटा लिया, और उसकी जाँघें पकड़ ली। अब हर धक्के पर मधु कामुक आहें भर रही थी।
अक्षित ने फिर अपनी स्पीड बढ़ाई, और उसके स्तन पर हाथ डाल लिया। मधु की चूत पानी-पानी हो रही थी, और चप-चप की आवाज आनी शुरू हो गई थी। अक्षित तबाद-तोड़ उसको छोड़ जा रहा था। साथ में वो थप्पड़ मार-मार कर उसका मजाक उड़ा रहा था।
15 मिनट की चुदाई में मधु का पानी निकल गया, और वो ढीली पड़ गई। अब उसकी चूत में वो कसाव नहीं आ रहा था। तो अक्षित ने लंड उसकी चूत से बाहर निकाला, और उसकी गांड के सुरख पर रगड़ने लगा। जैसे ही अक्षित ने ऐसा किया, तो मधु बोली-
मधु: नहीं प्लीज़ अक्षित, यहाँ मत करो। पिछली बार तुमने किया था, तो एक हफ्ते तक दर्द हो रहा था।
मैं ये जान कर हैरान हो गया कि अक्षित ने पहले भी मधु को चोदा था। और तो और उसने मधु की गांड भी मारी हुई थी। जिस गांड पर मैं कब से फ़िदा था, वो मेरे बेटे ने चोद भी दी थी।
अक्षित: अरे वो तो पहली बार था, इसलिए दर्द ज़्यादा हुआ था। आज तो तेरी गांड आराम से मेरा लंड लेगी।
ये बोल कर अक्षित ने मधु की गांड के छेद पर थूका। मधु के चेहरे पर दर्द का डर साफ नज़र आ रहा था। फिर अक्षित उसकी गांड के छेद पर दबाव बनाने लगा। मधु आह आह करने लगी, और अक्षित का लंड मधु की मस्त गांड के अंदर जाना शुरू हो गया।
जैसा-जैसा लंड अन्दर धंस गया, मधु की आहें ज़ोर से लगने लगी। उसके चेहरे से ये साफ लग रहा था, कि उसका काफी दर्द हो रहा था। अक्षित ने जैसे-तैसे मधु की गांड में अपना पूरा लंड घुसा दिया, और मधु की जैसे सांसें ही रुक गई।
फिर अक्षित ने लंड अंदर-बाहर करना शुरू किया, और स्पीड बढ़ाने लगा। मधु को धीरे-धीरे मजा आने लगा, और वो आह्ह आह्ह करके मजे से चुदने लगी। 15 मिनट तक अक्षित ने मधु की गांड चोद कर भोंसड़ा बना दिया। अब लंड उसकी गांड में आराम से जा रहा था।
फिर अक्षित ने लंड बाहर निकाल लिया, और नीचे लेट गया। मधु उसके ऊपर आई, और अपनी चूत फैला कर उसके लंड के ऊपर बैठ गई। मधु ने अपने हाथ अक्षित की छाती पर रखे, और उसके लंड पर उछलना शुरू कर दिया।
मधु के उछलते हुए स्तन देख कर मेरे मुँह में पानी आ रहा था। दिल कर रहा था जाके उसको चोदने लग जाउं। लेकिन ये सही मौका नहीं था। 20 मिनट और उनकी चुदाई चली, और फिर अक्षित ने उसको कहा कि वो झड़ने वाला था।
मधु जल्दी से उसके लंड से उठी, और उसको मुँह में लेके उसका पानी निकाल दिया। पानी इतना था, कि मधु के मुँह से बाहर आ रहा था। लेकिन उसने ज़रा सा भी माल बर्बाद नहीं होने दिया, और सारा पी गई। फिर वो अक्षित के ऊपर लेट गई उसको लपेट कर। मैंने रिकॉर्डिंग बैंड की, और घर से बाहर आ गया।
इसके आगे क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा। अगर आपको कहानी पसंद आये तो इसे पसंद जरूर करें। और इसके लिंक को आगे अपने दोस्तों के बीच शेयर करें। धन्यवाद आपका कहानी पढ़ने के लिए।