मम्मी ने प्लेन मे मेरा लंड लिया (Mummy ne plain mein mera lund liya)

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हेलो दोस्तों, मेरा नाम नीलेश है, और मेरी उम्र 25 साल है। मेरी नई-नई शादी हुई थी, और मेरी बीवी 24 साल की मस्त माल थी। लेकिन सुहागरात में कुछ ऐसा हुआ कि मेरी ज़िंदगी उथल-पुथल हो गयी।

मैं अपनी शादी से बहुत खुश था, और मैं सुहागरात के लिए बहुत एक्साइटेड था। लेकिन उसी रात मेरी बीवी अपनी प्रेमी के साथ भाग गयी। जब मैं कमरे में गया तो वहां कोई नहीं था सिवाय एक नोट के। उसमें लिखा हुआ था कि वह किसी और से प्यार करती थी, और उसके साथ ही चली गयी।

मैंने जो भी सपने सजाए थे, वो सब एक पल में बिखर गये। सुबह तक सब को पता चल ही गया। लोग मेरे बारे में बाते बनाने लगे कि मैं मर्द नहीं हू़। इस बात से मैं और ज्यादा दुखी हो गया। मेरी मम्मी ने मुझे बहुत समझाया लेकिन मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था। लोगों की उलटी-सीधी बातों से मैं और ज्यादा पागल हो रहा था।

मेरी मम्मी एक बेहद कामुक और आकर्षक बदन की मालकिन है। उन्हें देखने वाले एक बार चोदने के बारे में सोच के मुठ जरूर मारते होंगे। मैंने भी मारी है लेकिन माँ को कभी छुआ नहीं था।

मेरी मम्मी मेरे लिए परेशान थी। उन्होंने पापा से बात की तब पापा मुझे अपने पास बुलाने लगे। पापा अमेरिका में बिज़नेस करते है, साल में एक बार ही आते है। इस बार काम के वजह से वे जल्दी चले गये। मैं अकेले नहीं जाना चाहता था, तब मम्मी बोली कि वो खुद मुझे ले चलेंगी।

हमने प्लेन की टिकट बुक किये, हमारी रात को फ्लाइट थी तो हम टाइम से एयरपोर्ट चले गये। मैं अभी भी उदास था। मम्मी उस दिन सिल्क साड़ी पहनी थी, जिसमें से उनकी आधी चूचियाँ और नाभी दिख रहे थे। मम्मी मेरी काफी मॉर्डन है।

मम्मी का नाम मेनका है और उनकी उम्र 44 साल है। गोरी चिटी गदराई बदन की मालकिन है, उनकी फिगर 38-32-38 है। उनको हर मर्द आगे-पीछे से घूर-घूर कर देखता है।

हम लोग प्लेन में बैठ गये। मैं उदास बैठा था, अचानक जब प्लेन हवा में आयी, तब मुझे मेरी बीवी की बेवफाई याद आने लगी और मैं रोने लगा। मम्मी मुझे चुप करा रही थी। सभी लोग अपने में व्यस्त थे और माँ मेरे लिए परेशान थी। अचानक मम्मी ने मेरे लंड को अपने हाथों से सहलाया। उफ्फ्फ़ मैं उस वक्त सब भूल गया।

मैं मम्मी की ओर हैरानी से देखा तो उसने कहा, “मेरे पास और कोई उपाय नहीं बचा मेरे बेटे। तुम्हें इसी की जरूरत है। मैं जानती हूं ये गलत है लेकिन अपने बेटे के लिए मैं कुछ भी करूंगी।”

मुझे मम्मी की इस हरकत से पहले तो अजीब लगा। लेकिन मम्मी ने एक चादर डाल के जब अच्छे से मेरे लंड को सहलाना शुरु किया, तो मैं सब दुख दर्द भूल गया।
“आअह्ह्ह्ह मम्मी.. मजा आ रहा है, उउउफ्फ्फ़… और करो।”

हम प्लेन में ये सब बड़े सावधानी से कर रहे थे। रात का‌ समय था तो वैसे भी सभी सोने या अपने काम में व्यस्त थे। मम्मी लगातार मेरे लंड को सहला रही थी, फिर उन्होंने कहा, “मैं वाशरूम में जा रही हूं, तू भी वहीं आ जाना।”

फिर मम्मी उठ कर चली गयी और पीछे से मैं भी गया। मैं जब वहां‌ पहुंचा तो मम्मी मुझे वाशरूम में खींच ली, और मेरे लंड को पैंट से निकाल के सहलाते हुए मेरे होंठ चूसने लगी। मैं उन्हें बाहों में लेकर उनके गुलाबी होंठों का मजा ले रहा था। हम दोनों एक-दूसरे में लिपट कर एक-दूसरे को चूम रहे थे। मम्मी बड़े मजे से मेरा लंड सहलाते हुए मेरे होंठ चूस रही थी। उनकी मोटी चूचियाँ मेरे सीने में धंसी हुई थी।

फिर हम अलग हुए, मम्मी नीचे बैठ गयी और मेरे लंड को अपने मुह में ले ली.. आआह्ह्ह्ह.. उनके मुंह की गरम थूक ने मेरे लंड में एक अलग झंझनाहट पैदा कर दी। आआहह्ह्ह्ह… मम्मी लागतार मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह चूस रही थी। उसके बाद मम्मी खड़ी हुई फिर से।

मम्मी मुस्कुराते हुए और अपने गर्म जिस्म को मेरे जिस्म में रगड़ते हुए अपने होंठों को मेरे होंठों में लेकर चूसने लगी। उनकी गर्म सांसे मेरे बदन में आग लगाने लगी। मेरे हाथ अपने आप ही उनके गोल-गोल गांड पर पहुंच गए, और दबाते हुए उनके रसीले होंठों का मजा लेने लगा।

जहाज के वाशरूम में गर्माहट फैल चुकी थी। लेकिन डर भी था कि कोई और ना आ जाये। मम्मी मेरे बदन से चपक के मेरे होठों को चूस रही थी। फिर वह मेरे होंठों को चूसना बंद की और मेरे लंड को सहलाते हुए, मेरी आंखों में वासना की नज़र से देखते हुए, मेरा कॉलर पकड़ कर मुझे ऊपर की ओर खींची, और मेरा हाथ अपने गोरे बूब्स पर रख दिये। मैं उनकी बूब्स को दबा रहा था, और वह मेरे होंठों को चटर-चटर चूस रही थी।

इसी तरह मम्मी साड़ी ऊपर करके नंगी हो गयी। फिर मैं मम्मी को पीछे घुमा कर झुका दिया और उनके पीछे आया, और उनकी 36″ साइज की चूचियों को मसलने लगा। मम्मी मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत पर सेट कर रही थी। मम्मी की रसीली चूचियों को दबाने में मुझे बहुत आनंद आ रहा था।

मम्मी की चूत बिल्कुल चिकनी और गुलाबी थी। मैंने चूत को फैलाया, और अंदर जीभ डाल कर चूसने लगा। मम्मी अपनी आंखें बंद करके आहे भरते हुए मेरे सर को अपनी चूत में दबाने लगी। मैं मम्मी को कुतिया बनाए हुए पीछे से लंड को उनकी चूत पर सेट किया, और हल्के-हल्के धक्के लगा कर पूरा लंड उनकी चूत में उतार दिया। आआअह्ह्ह…. बेटा धीरे कर … कहने लगी।

मैं मम्मी के बालों को पकड़ कर जोर-जोर से उन्हें चोदने लगा। मम्मी आहे भरते हुए दीवार को पकड़ कर खड़ी हुई थी, और मैं पीछे से उनकी चूत चोद रहा था।

फिर मम्मी को सामने से खड़ा किया और आगे से लंड को उनकी चूत में डाल कर चोदने लगा। मम्मी अपनी बाहों को मेरे गले में डाल कर मेरे होंठ चूस रही थी, और मैं उनकी चूत चोदते हुए उनके चूचियां मसल रहा था। मैं मम्मी को जोर-जोर से चोदने लगा। मम्मी बड़े मजे से मेरे लंड का मजा ले रही थी। मम्मी के मखमली चूत को चोदते हुए सब भूल गया था… आआह्ह्ह्ह…. मेरा माल निकलने वाला था, तो मम्मी बोली-

मम्मी: अंदर ही डाल दो। मैं अपने बेटे को महसूस करना चाहती हूं।

मैं मम्मी के होठों को चूसते हुए जोर-जोर से धक्के मारा, और अपने पिचकारी को मम्मी की चूत में ही मार दिया। हम दोनों निढाल पड़ गए। हमारे पास समय नहीं था, कोई भी आ सकता था। तभी मैं खुद को ठीक किया और जल्दी से जा कर सीट पर बैठ गया।

बाद में मम्मी भी अपनी कपड़े ठीक करके आ गयी, एयरहोस्टेस हमे अजीब नज़रों से देख रही थी जैसे उसे पता हो कि हमने क्या किया था। लेकिन आज मम्मी ने जो मुझे दिया वह स्वर्ग जैसा था। मैं अपनी बीवी की बेवफाई भूल गया।

हम लोग अमेरिका पहुंचे, पापा खुद हमें लेने आये थे। पापा की नाईट ड्यूटी थी, तो उनके जाने के बाद हम रात को घूमते और खूब चुदाई करते। मम्मी का मजा सबसे मजेदार है।

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