सभी का स्वागत है, मेरी नयी सेक्स कहानी में। ये कहानी है मेरी बीवी की बड़ी बहन की है, जिसकी मैंने बहुत चुदाई करी और उसको प्रेग्नेंट करके उसके साथ बच्चा पैदा किया। तो चलिए शुरू करते है-
मेरी बीवी का नाम रुचिका है, और उसकी बड़ी बहन का नाम अनीता है। मैं हमेशा अपनी बीवी कि उसके मायके छोड़ने जाता था। मैं जब भी अपनी बीवी को छोड़ने उसके मायके जाता, मुझे अनीता हमेशा सिर्फ टी-शर्ट और टाइट लैगिंग्स में दिखती थी। उसे देख कर ऐसा लगता था कि इससे होनी चाहिए थी मेरी, और मैं शादी रात भर इसकी चुदाई करता।
अनीता का फिगर इतना अच्छा तो नहीं था, लेकिन उसकी गांड मुझे बहुत पसंद थी। मैं जब भी अपने ससुराल जाता था, तो उसे देखता रहता था, क्यूंकि वो हमेशा ही लेगिंग्स में रहती थी, और लेगिंग्स में उसकी गांड बाहर आती थी।
मुझे उसकी गांड बहुत अच्छी लगती थी। मन करता था इसको कमरे में ले जाकर इसकी लैगिंग्स उतार कर इसकी इसकी गांड मारू। लेकिन मैं कंट्रोल कर लेता था।
अनीता का फिगर कुछ खास तो नहीं था। लेकिन उसकी गांड काफी बड़ी थी। उसका शरीर 28-26-30, गदराई गांड उसकी बहुत ही गोल और प्यारी लगती थी। उसकी शादी हो चुकी थी पर लगता नहीं था कि वो शादी-शुदा थी। एक-दम कुंवारी लड़की की तरह ही लगती थी।
एक दिन की बात है। मैं अपनी बीवी को लेने अपने ससुराल गया, लेकिन मेरे सास-ससुर ने ज़िद करके मुझे एक वहीं रोक लिया कि अब शाम हो चुकी है, कल सुबह से निकल जाना आराम से। मैंने भी हां कर दी।
एक-दम से अनीता मुझे बाथरूम से निकलती दिखी। उसके बाल भीगे और टी-शर्ट और लेगिंग्स में बहुत ही हॉट लग रही थी। बालों का पानी उसके चेहरे पर गिर रहा था
उसे देख कर मेरा मन भी हो गया के चलो अब रुक ही जाते है। ज्यादा से ज्यादा क्या हो जाएगा। शाम तो हो ही चुकी है। कल निकल चलेंगे आराम से घर। और ये सुन के मेरी बीवी भी खुश हो गयी कि उसे एक दिन और रहने को मिलेगा उसके पापा-मम्मी के घर।
सब अपने काम में व्यस्त हो गए और अनीता तैयार होने लग गयी। मैं भी बाहर बैठ कर मोबाइल चलाने लग गया। मेरे मोबाइल में एक-दम से गन्दी-गन्दी विडियो आने लगे जिसे देख कर मेरा लंड खड़ा होने लगा। मुझसे रहा नहीं गया तो मैं सीधे बाथरूम में जाने लगा। मैंने धीरे से गेट खोल कर देखा कि कोई देख तो नहीं रहा बाथरूम की ओर।
फिर मैंने उसकी ब्रा को उठाया। देख कर मजा ही गया। क्या सॉफ्ट ब्रा थी उसकी। मैं उससे खेलने लगा। उसकी निप्पल वाली चोंच से खेलने लगा। फिर मैंने अपना लंड हिलाया और अपना पानी निकाला। बहुत पानी निकला, और सीधे उसकी ब्रा पर निकल गया। मैंने उसे धो कर रख दी, फिर भी सूखने के बाद निशान रह जाते है। फिर मैंने उसकी ब्रा को वापस टांग दिया।
फिर मैंने उसकी चड्डी उठा ली। उसकी चूत वाले हिस्से पर मेरी नजर गई। वहां पीला-पीला निशान था। मैं समझ गया कि उसका पेशाब निकला होगा, इसीलिए पीली पड़ गई थी। फिर मैं उसकी चड्डी से खेलने लगा, और उसे अपने लंड पर रगड़ने लगा। मजा आ रहा था और मैं आ… आ… आ… आवाज निकाल रहा था। मेरा जोश बढ़ रहा था।
(जिसने ऐसा किया हो, कमेंट करके जरुर बताना। तुमने कभी किसकी चड्डी सूंघी है, और अपना लंड हिलाया है?)
मैंने उसकी चड्डी कि फोटो भी खींच ली। 28 नंबर की चड्डी थी। मेरा बहुत सारा पानी वही उसपे गिर गया। मैंने उसे तुरंत साफ़ करके वही रख दी, और बाहर आ गया।
शाम हो चुकी थी। मेरी बीवी और उसकी बहन बिस्तर लगाने लगी। जब अनीता बिस्तर लगा रही थी, तब मेरी नज़र उसकी गांड पर थी। लेगिंग्स में अन्दर घुसी हुई थी। मन कर रहा था अभी इसकी लेगिंग्स निकाल कर पटक कर गांड मार लू।
मेरे ससुर का अच्छा घर था। लेकिन सब एक ही रूम में सोते है। मेरे ससुर बाहर सोते थे। मुझे रात को नींद नहीं आ रही थी। मैंने अपनी बीवी को इशारे से कहा कि बाहर आओ मुझे कुछ करना है। लेकिन वो मना करने लगी, कि अभी नहीं घर ही अपने। लेकिन मेरी हालत ख़राब थी। फिर मैं उठ कर बाहर चला गया, और बाहर पलंग पर सोने लगा।
रात के 2 बज रहे थे। मुझे नींद नही आ रही थी। अनीता ने मुझे बाहर देखा, और बाहर धीरे से आकर कहा, “तुम सोये नहीं अभी तक। क्या हुआ नींद नहीं आ रही क्या?”
मैंने उसे कहा, “मुझे नींद नही आ रही है, क्या करू?”
जवाब में उसने कहा: सो जाओ, आ जाएगी नींद। तुम्हारे भाईसाहब को भी यहाँ नींद नही आती जब आते है। तो फिर सुलाना पड़ता था
मैंने कहा: फिर वो सोते कैसे है यहाँ?
अनीता: ठीक है बता रही हूं। पर रुचिका को कहना मत।
मैंने हां कहा।
उसने कहा: मैं उन्हें बाथरूम में लेजा कर अपना दूध पिला देती हूं, और वो सो जाते है बाद में।
मैं: आप उन्हें दूध पिला देती हो और वो आकर सो जाते है, बस?
अनीता: नहीं, थोड़ा सा उनको अपने दूध दबा लेने देती हूं, जिससे उनका मन बहल जाता है, और वो आकर सो जाते है
मैं: तो क्या कोई सुनता नहीं क्या? जब वो आपके दूध दबाते होंगे तो आपको दर्द तो होता होगा ना? आपकी आवाज बाहर नहीं जाती क्या?
अनीता: मैं कंट्रोल कर लेती हूं। अब चिल्ला तो नहीं सकती ना, कहीं किसी ने सुन लिया कि ये मेरे दूध दबा रहे है, और मैं इनका लंड हिला रही हूं। मैं उनका पानी निकाल देती हूं, और वो थक कर सो जाते है।
मैं: भाईसाब का तो अच्छा है, ससुराल में भी मजे ले रहे है आपके। यहाँ आपकी बहन आ ही नही रही है। सोच ही नहीं रही है मेरे बारे में। वैसे अगर मैं आपको कुछ कहूं, तो बुरा तो नहीं मानोगी?
उसने बोला: नहीं मानूंगी बोलो।
मैंने उससे कहा: आप अगर थोड़ी सी मेरी भी मदद कर दो, तो मुझे भी नींद आ जाएगी।
वो गुस्सा हुई, और धीमी आवाज़ में कहने लगी: तुम्हे शर्म नहीं आती क्या? मैं तुम्हारी बीवी की बड़ी बहन हूं। रिश्ते में तुम्हारी सास लगती हूं। और तुम मुझसे ऐसा कह रहे हो।
मैंने कहा: आप तो गुस्सा हो गयी। मैं तो बस ये कह रहा था कि जैसे आप भाईसाब के साथ करती हो, वैसा थोड़ा आप मेरे साथ भी कर लोगी तो मुझे भी नींद आ जाएगी। सिर्फ एक बार ही। वैसे भी हम कल चले जायेंगे, किसी को कुछ पता नहीं चलेगा।
अनीता: अब मत कहना मुझसे ऐसी बात।
मैं: ठीक है, मैं जबरजस्ती नहीं करना चाहता आपसे। वो तो आपने अपनी और भाईसाब की बातें बताई, तो मेरा मूड हो गया था बस। कि थोड़ा सा अगर भी मुझे वैसा कर देती, तो अच्छा लगता मुझे, और आप भी तो कभी 2-3 महीनो से यहाँ हो। तो शायद आपका भी मन करता होगा।
वो थोड़ा गुस्सा हुई और उसने कहा: मन होता है, तो अपने बहन के पति के साथ कुछ भी कर लू?
मैंने कहा: अच्छा सॉरी, आप गुस्सा मत हो। हम बात यही ख़त्म कर देंगे, किसी को कुछ नहीं बताएँगे।
उसने फिर कहा: नहीं, मैं तो कहूँगी ये बात रुचिका से। कि तुम मेरे साथ क्या करना चाह रहे थे। उसकी बड़ी बहन के साथ।
मैंने सॉरी बोला और और वो उधर मुंह करके बाथरूम जाने लगी। जैसे ही गयी, मैं भी उसके पीछे चला गया, और बाथरूम में घुस गया, और उसके मुंह पर हाथ रख दिया।
आगे कि कहानी अगले पार्ट
में।