मैं और मेरी मामी-1 (Main aur meri mami-1)
प्रतीक के जीवन में मामी मंजू एक ऐसी उपस्थिति थी जो हमेशा एक नरम, रेशमी धुंध की तरह मंडराती रहती थी। उनकी उम्र लगभग अड़तीस के करीब थी। पर उनके भरे-पूरे बदन पर ढीली-ढाली, चिकनी साड़ियाँ कुछ इस तरह लिपटती थी कि उनकी हर चाल में एक मादक प्रवाह होता था। साड़ी हमेशा उनकी नाभि … Read more