तो दोस्तों ये एक सीरीज है, जिसमें मैं आपको बताऊंगा कि मैंने अपनी मां, चाची और बुआ के साथ जंगल ट्रिप में कैसे सेक्स किया। तो अब मैं कहानी शुरू करने से पहले उनके बारे में थोड़ा बताता हूं।
मेरी मम्मी का नाम अंजलि है। उनकी उम्र 42 साल है। उनका फिगर 34-30-40 है। मेरी मम्मी हल्की से मोटी हैं और इसी वजह से उनकी गांड काफी मोटी और बड़ी हैं और उनके स्तन भी काफी मस्त हैं। उनकी हाइट 5 फीट 4 इंच है और उनकी त्वचा का रंग सफेद है। वो ज्यादातर घर पर साड़ी पहनती हैं।
मेरी बुआ का नाम गीता है। उनकी उम्र 45 है। उनका फिगर 33-36-40 है और उनकी हाइट 5 फीट 6 इंच है। वो काफी लंबी हैं और मॉडर्न हैं, वो जींस और टी-शर्ट पहनना पसंद है।
मेरी चाची का नाम अनुराधा है। उनकी उम्र 39 साल है। उनका फिगर 35-34-38 है। मेरी चाची भी मेरी मम्मी की तरह साड़ी ही पहचानती हैं आम तौर पर।
तो अब मैं शुरू करता हूं कहानी को-
तो मेरे पापा, मेरे फूफा जी और मेरे चाचा जी, मेरी बुआ, चाची और मम्मी को झूठ बोल के गोवा घूमने के लिए 5 दिन की यात्रा पे चले गए। इस वजह से सारी औरतें घर में गुस्सा होके बैठी हुई थी।
मम्मी: मैं पक्का कहती हूं अनुराधा हमारे पति ना गोवा में लड़कियों को घूरने गए हैं। तभी तो हमें लेकर नहीं गए।
बुआ: हां मुझे भी ऐसा ही लगता है। अनुराग (उनके पति) तो हमेशा वहां पर जाते रहते हैं। मुझे तो ऐसा ही लगता है कि वो किसी और लड़की के साथ मिल कर मेरे ऊपर धोखा कर रहे हैं।
वो तीनो बहुत ज्यादा गुस्से में थे। तो मैंने ये हालात देखे पापा को कॉल कर दिया। क्योंकि मुझे नहीं पता था कि ये सब हैंडल केसे करूं और उन तीनो को शांत केसे करवाऊं। तो पापा ने मुझे बोला कि तू उनको उनकी कोई पसंद की जगह पर लेके चला जा, कहीं ट्रिप पे। तभी वो तीन शांत होगी। तो मैंने मम्मी से पूछा-
मैं: मम्मी आप सब कहां जाना पसंद करोगे? पापा ने मुझे आपको हमारी लाल वाली कार (वो कार मम्मी की पसंदीदा थी) से घुमाने के लिए कहा है।
मम्मी: अनुराधा और गीता जी, आप दोनों बताइये। क्योंकि मुझे तो कहीं पर भी जाना चलेगा।
चाची: क्यूं ना हम सब कहीं वन क्षेत्रों में जाएं, और वहां पे हरियाली तलाशें, और प्राकृतिक आवास भी देखें। इसमें बहुत मजा आएगा। मुझे एक जगह पता है, हम वहां पर चलते हैं।
तो वो सब तैयार हो गए और सब गाड़ी में बैठ गए, और मैं गाड़ी चलाने लगा। मुझे मेरी चाची रास्ता गाइड कर रही थी, क्योंकि उनको ही इस हिडन लोकेशन के बारे में पता था।
हमें बीच रास्ते पर बहुत भूख लग जाती है। इसलिए मैं एक ढाबा देख कर गाड़ी रोक देता हूं। तो मम्मी, चाची और बुआ उतर जाते है। मैं भी गाड़ी पार्क करने के लिए जगह ढूंढता हूं। मुझे ये सब करते-करते 5 मिनट हो जाते है। फिर मैं जब ढाबा के अंदर जाता हूं, तब मैं देखता हूं कि मेरी मम्मी, बुआ और चाची 3 लड़कों से बातें कर रही थी।
मम्मी: बेटा इनसे मिलो। ये लोग भी वहीं जा रहे हैं जहां हम जा रहे हैं। मगर इनकी गाड़ी का पेट्रोल बीच रास्ते में ही ख़तम हो गया। तो क्यूं ना हम लोग इन्हें अपनी कार से घुमाने ले चले?
मैं: हां मम्मी, जैसा आप बोलो। पहले खाना खा लेते हैं।
खाना खाते समय भी वो लोग लगातार मेरी मम्मी, मेरी बुआ और मेरी चाची से फ़्लर्ट कर रहे थे।
पहला लड़का जिसका नाम वसीम था, बोला: आंटी (मेरी मम्मी को) आप तो इस उमर में भी काफी खुबसूरत हो। आप कौन सा डाइट मेंटेन कर रही हो आंटी?
मेरी मम्मी शर्मा गई। तभी दूसरा लड़का जिसका नाम पंकज था, वो बोला: अंजलि आंटी, आपके पति तो कसम से बहुत भाग्यशाली हैं।
मेरी चाची ये सब देख कर ईर्ष्यालु हो गई और वो बोली: सारा ध्यान उसी पर है क्या तुम्हारे? मैं तुम लोगो को अच्छी नहीं लगी क्या?
तीसरा लड़का अहमद बोला: आंटी आप तो बम हो, आप इतनी खुबसूरत हो कि मेरा दिल प्यार से भर चुका है।
मेरी मम्मी: कहना पड़ेगा तुम तीनों को फ़्लर्ट करने और तारीफ करने में कोई नहीं हरा सकता है। पक्का तुम्हारी बहुत सारी गर्लफ्रेंड्स रही होंगी।
पंकज: नहीं आंटी हम तो सिंगल हैं।
चाची: तुम तीनों जैसे हैंडसम मर्द सिंगल हो। ये तो काफी चौंकाने वाली बात है।
बुआ: वहीं तो, तुम लोग इतने हॉट हो कि…(खुद को कंट्रोल करते हुए), छोड़ो अभी चलते हैं। जल्दी से वहां पहुंच के घूमना शुरू करेंगे।
मैंने गाड़ी चलाना शुरू किया। मेरे बाजू वाली सीट पर मम्मी बैठी थी। पीछे वाली सीट पर चाची पंकज और अहमद के बीच में बैठी थी, और उसके पीछे वाले में बुआ और वसीम बैठे थे। वो लड़के गाड़ी में भी उन सबसे फ़्लर्ट कर रहे थे और मेरी मम्मी, चाची और बुआ इस चीज़ के मजे ले रहे थे।
उनको ये अटेंशन काफी अच्छा लग रहा था और उनको इसमें काफी मजा आ रहा था।
मेरी मम्मी तो जान-बूझ कर बार-बार अपनी साड़ी का पल्लू गिरा देती थी, जिसमें उन लड़कों को उनका क्लीवेज साफ दिखता था। मैं समझ चुका था कि ये औरतें भी इनसे चुदवाना चाहती थी। क्योंकि मेरे पापा, फूफा जी और चाचा जी उन्हें संतुष्ट नहीं करते थे, और वो लोग अपनी सेक्स लाइफ को इन लड़कों के साथ पुनर्जीवित करना चाहते थे। काफी देर बाद हम सब पहुंंच जाते हैं। हमारी मंजिल पे और सब एक-एक करके उतरते हैं।
बुआ: चलो दोस्तों, अभी रेस लगाते हैं।
मम्मी: आपको लगता है आप इन लोगो से जीत पाओगी?
बुआ: हां कोशिश करने में क्या जाता है?
मेरी मम्मी, बुआ और चाची खड़े हो जाते हैं उनके साथ दौड़ने के लिए।
तभी पंकज बोलते हैं : पर आंटी अगर हम रेस जीते तो? विजेताओं के लिए कुछ तो पुरस्कार होना चाहिए।
चाची: क्या पुरस्कार लोगे तुम?
अहमद: हम बस आपके साथ एक टेंट में रहना चाहते हैं।
बुआ: तो ठीक है। अगर तुम जीते तो तुम हमारे साथ टेंट में रह सकते हो, और प्रतीक (मेरा नाम प्रतीक हैं) तुम भी आ जाओ इस रेस में भाग लेने।
मैं भी उनके साथ रेस करने के लिए खड़ा हो जाता हूं। फिर पंकज रेस के लिए सीटी देता है। मेरी मम्मी की गांड भागते वक्त पूरी हिल रही थी। जिस व्यू के मजे वो तीनों लड़के ले रहे थै। इसलिए वो तीनों उनके पीछे चल रहे थे, ताकि वो उनकी गांड का व्यू अच्छे से ले सके। मैं तो वहीं पर पागलों की तरह भाग रहा था, ताकि मैं उनके टेंट में रह पाऊं। तो आखिर में मैं जीत गया।
पंकज: वाह अंजलि आंटी, आपका बेटा तो काफी तेज़ भागता है।
मम्मी: हां बेटा, बचपन से ही ये स्पोर्ट्स में काफी अच्छा है।
बुआ: वाह प्रतीक, कितने कमाल हो तुम।
ऐसा कह के वो मुझे जोर से गले लगाती हैं। मेरी छाती उनके स्तनों से पूरा स्पर्श हो रही थी। ये देख के वो तीनो ईर्ष्यालु हो गए थे और मुझे बुआ अपने टेंट में सोने के लिए बुला लेती हैं। क्योंकि बहुत रात हो गई थी, इसलिए हमने सोचा था कि अब कल शुरू करेंगे एक्स्प्लोर करना।
बुआ: प्रतीक बेटा आज बहुत दिनों बाद इतना भागी हूं। मेरी पीठ दर्द कर रही है। मेरे बैग में तेल है, उससे मेरी मालिश कर दो ना।
मैं उनके बैग की जिप खोल के तेल की बोतल निकाल देता हूं, और बुआ अपनी टी-शर्ट उतार देती हैं। ये देख कर मैं हल्का सा हैरान था क्योंकि अब वो मेरे सामने बस पिंक ब्रा और जींस में थी। फिर वो जींस भी उतार देती हैं। अब वो मेरे सामने बस पिंक ब्रा और ब्राउन पैंटी में थी।
बुआ: प्रतीक मेरे पैरों की मालिश भी कर देना और दर्द चला जाना चाहिए। अच्छे से मालिश करना।
मैं उनकी पीठ पर तेल लगा के मालिश करने लगता हूं, और कुछ देर बाद बुआ को नींद लग जाती है। पर मैं मालिश जारी रखता हूं। मैं उनको पैंटी और ब्रा में देख कर कामुक महसूस कर रहा था, और मुझे मन कर रहा था कि मैं उन्हें नंगा करके पेल दू क्योंकि वे भी उन लड़को से बहुत फ़्लर्ट कर रही थी। इसका मतलब तो साफ था कि वो लंड की भूखी थी।
ये सोच में थोड़ा साहसी कदम उठाने का सोचता हूं, और मैं भी अपनी जींस उतार देता हूं, और अपने अंडरवियर के ऊपर से अपने लंड को उनकी गांड पर रगड़ने लगता हूं। वो कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं देती हैं। फिर मैं उनकी पैंटी के अंदर हाथ डालता हूं। उनकी चूत पूरी गीली थी और तभी मेरी बुआ उठ जाती हैं।
बुआ: प्रतीक तू ये क्या कर रहा है?
मैं: वहीं जो आप चाहती हो।
बुआ: क्या बकवास है ये?
मैं: सच कह रहा हूं मैं बुआ। आज मैंने आपकी आंखों में साफ हवस देखी है। जब आप उन लड़कों से बात कर रही थी और उनसे फ्लर्ट कर रही थी।
बुआ: वो तो तेरी मां भी कर रही थी, और उनका और हमारा कुछ रिश्ता नहीं है। पर मैं तेरी बुआ हूं।
मैं: वहीं तो बुआ। आप उनसे रिलेटेड नहीं हो। वो आपको नहीं समझ सकते। पर मैं समझ सकता हूं। प्लीज आप मुझे एक मौका देकर तो देखो। मैं आपको संतुष्ट कर दूंगा, मैं वादा करता हूं।
बुआ: पर एक और वादा कर कि तू इसके बारे में किसी को भी नहीं बताएगा।
मैं: हां, मैं वादा करता हूं।
आगे के पार्ट्स में पढ़ें कि मैं अपनी बुआ को चोदता हूं, और हमारे सेक्स सफर की असली शुरुआत अगले पार्ट्स से होगी। उम्मीद करता हूं कि आपको कहानी पसंद आई होगी।