संस्कारी विधवा मां का रंडीपना-24 (Sanskari vidhwa maa ka randipana-24)

पिछला भाग पढ़े:- संस्कारी विधवा मां का रंडीपना-23 मां की चुदाई कहानी अब आगे- माँ के चेहरे का होश उड़ गया था, और उनके होंठ खुले के खुले रह गए थे। माँ कुछ देर बिना कुछ बोले, जुनैद की आँखों में बड़ी नरमी से देखती रहीं। फिर अपने चेहरे पर हल्की मुस्कान लाकर बोली: “जुनैद … Read more

Cousin Sister ke sath husband Swapping-12

Pichla bhaag padhe:- Cousin Sister ke sath husband Swapping-11 Hello friends, thanks meri story pasand karne ke liye. And sorry main sab ko reply nahi de paati isliye. Par aapke feedback mere liye bahut important hai, so please mail karte rahiyega. Bahut se mere readers ne request ki hai ki meri writing itni achi hai … Read more

संस्कारी विधवा मां का रंडीपना-20 (Sanskari vidhwa maa ka randipana-20)

पिछला भाग पढ़े:- संस्कारी विधवा मां का रंडीपना-19 हिंदी सेक्स कहानी अब आगे- मौसी जैसे ही बाथरूम से बाहर आई, उनका बदन काले बेबी डॉल नाइटी में लिपटा हुआ था। हल्के पारदर्शी कपड़े से उनकी दूध सी गोरी चमड़ी झलक रही थी। ऊपर की तरफ़ गहरे कट से उनके गोल-गोल बूब्स आधे बाहर थे, बीच … Read more

संस्कारी विधवा मां का रंडीपना-18 (Sanskari vidhwa maa ka randipana-18)

पिछला भाग पढ़े:- संस्कारी विधवा मां का रंडीपना-17 दोस्तों, मम्मी जुनैद की आँखों में ऐसे बेसब्री से देख रही थी, जैसे उनकी आँखें कहना चाहती हों कि मेरी तरह मेरे पाठकों को भी इस सुहागरात का इंतज़ार बेसब्री से है। आगे– जुनैद अपने हाथों में एक खिला हुआ गुलाब लेकर मम्मी के करीब जाता है। … Read more

बड़ी बहन के साथ छुप-छुप कर बदन की आग बुझाई-4 (Badi behan ke sath chhup chhup kar badan ki aag bujhayi-4)

पिछला भाग पढ़े:- बड़ी बहन के साथ छुप-छुप कर बदन की आग बुझाई-3 भाई-बहन सेक्स कहानी अब आगे- स्नेहा दीदी काम के लिए बैंगलोर चली गई और अचानक सब कुछ बदल गया। जब आपकी बड़ी बहन जिसके बदन से आप किसी भी वक्त खेल सकते हैं, वह आपसे दूर चली जाती है तो सब उदास … Read more

पड़ोसी ने तोड़ी मेरी दीदी की सील-21 (Padosi Ne Todi Meri Didi Ki Seal-21)

पिछला भाग पढ़े:- पड़ोसी ने तोड़ी मेरी दीदी की सील-20 हिंदी सेक्स कहानी अब आगे- सलीम से अपनी अच्छी खासी चुदाई करवाने के बाद मम्मी घर आयी, तब मैं और दीदी आंगन में बैठे थे। मम्मी की साड़ी उलझी हुए थी। बाल थोड़े बिखरे हुए थे। उनकी चाल भी बदल गई थी। मैंने देखा दीदी … Read more