पिछला भाग पढ़े:- पड़ोसी लड़कों की हवस का शिकार हुई छोटी बहन-8
आशा है कि आपने पिछली कहानी को पढ़ लिया होगा कि जब अमर सपना को जम कर चोद रहा था, तभी विनय ने खुद चोदने के लिए एक झटके में अमर को धक्का देकर हटाना चाहा। तो दोनों के बीच अनबन हो गई। तो वो दोनों बोले कि, “चलो एक शर्त रखते हैं। जो जीतेगा वो पहले चोदेगा।” तो दोनों मान जाते हैं। पर शर्त कोई नहीं जीत पाता, तो दोनों सहमति से एक साथ मिल कर सपना को चोदने का प्लान बनाते है।
और फिर वो दोनों सपना को अपनी बाहों में भर लेते हैं, और कुछ देर बाद सपना की चुदाई शुरू कर देते हैं। वो अपने-अपने लंड को सपना की चूत और गांड में घुसाए रहे। फिर विनय समर को बोला, “अब भाई तू चोद जम कर, मैं रुकता हूं। फिर मैं चोदूंगा और तुम रुक जाना।”
ये सुन कर समर बोला, “अब देखो विनय भैया, आज सपना की चूत ना सुजा दिया तो मेरा नाम भी समर नहीं।” इतना कहते हुए समर सपना की ओर बढ़ा और बोला-
समर: सपना डार्लिंग! अब से तुम मेरी रखैल हो। तुम्हे अपने लंड पर बिठा कर तुम्हारी चुदाई सुबह-शाम करूंगा।
सपना: नहीं यार, तुम सब सुनते नहीं हो। मेरी चूत चोद-चोद कर पावरोटी बना दिए हो। देखो कितनी सूज गयी है मेरी चूत।
समर: मैं सुनता तो हूं तुम्हारी बात मेरी छम्मक-छल्लो, सपना रानी।
और ऐसा कहते हुए अपने लंड को पकड़ कर थोड़ी देर हिलाया। फिर जैसे ही लंड टाईट होकर खड़ा हुआ, तुरन्त वो सपना पर झुक गया और सपना की चूत के फांको के बीच अपने लंड को रख कर थोड़ा दबाया। जैसे लंड का टोपा अन्दर गया, तुरन्त एक जोर का झटका देकर, आधा लंड सपना की चूत में पेल दिया, और फिर बोला, “अब बताओ कैसा लगा ये लड़का?”
सपना: उफ्फ दर्द हो रहा यार, अब रुक जाओ प्लीज।
समर: सपना बेबी तुम मेरी रंडी हो अब। अब तुम्हे चाहे दर्द हो चाहे तुम्हारी चूत फटे, अब से मेरा जो मन करेगा मैं वो करूंगा तुम्हारे साथ। तुम्हारी चूत को चाट-चाट कर साफ कर दूंगा। तुम्हारी गांड मार-मार कर तुम्हारी कद्दू जैसे गांड की रेल बना दूंगा।
सपना: तो फिर अभी क्या कर रहे हो? अभी भी तो रेल ही बना दिए हो। ठहर जाओ, सांस तो ले लेने दो। बहुत जलन हो रहा है चूत और गांड में।
समर: डार्लिंग तुम्हारी चूत कितनी रसीली है, देखो कितना रस बह रहा है। तुम्हारे रस से मेरा लंड भीग गया है बेबी। तुम्हारी चूत की गर्मी मुझे जला रही है। मेरा लंड सांस नहीं ले पाएगा अगर मैं रुक गया, इसलिए चुप-चाप लेटी रहो, और मेरे हर धक्के को मुस्कुराते हुए झेलो।
सपना: जलना हो रही यार उफ्फ अअआआआआहहहहहह उम्मम्म्म्म्म्म कितना तेज पेल रहे हो। धीरे-धीरे करो ना, दर्द हो रहा।
समर: रुक बहन की लौड़ी, चुप-चाप रह साली रंडी, ओहहहहहहहह क्या चूत है रे तेरी, गांडमारी, तेरी चूत को चोद डालूं साली रंडी। ओहहहहहहो क्या मजा आ रहा है। वाहहहहहह बेबीइइइईईईईईई ओहहहोओहोहोओहो….
कहते हुए जोर जोर से ताबड़तोड़ बिना रुके झटके मारने लगा।
सपना: ओहहहहहह उम्म्म्म बेट बेट बेट बेट ओहहहहो ओह माई गाड… ओह माई गाड… ओह माई गाड… प्लीज धीरे चोदो, उम्म्म्ममम अइइईईईईईई उफ्फ्फफफ की आवाज निकालते हुए चिल्लाती है।
उधर समर के हर जोरदार धक्के से जब सपना की जांघ पर, और गांड पर चोट लगने से चट चट चट चट फट फट फट फट की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी।
कुछ देर धक्कमपेल चुदाई करते-करते समर अपने चरम सीमा पर पहुंच जाता है और जोर-जोर से चिल्लाता है-
समर: ओह… यस… ओह यस… ओह… यस बेबी ओह यस ओह यस ओह फक यू माई डार्लिंग, मेरी रंडी, मेरी छिनार, मेरी रखैल, फक यू हार्डर बेवी ओह यस ओह यस।
ऐसा करते-करते समर हांफने लगता है, और कुछ ही देर में वो सपना से चिपक कर लिपट जाता है, और कुछ सेकंड बाद वो दो तीन झटके धीरे-धीरे मारता है और फिर थक कर उससे लिपट जाता है। जैसे वो उसे पकड़ कर लेटता है, तो हम सब देखते हैं कि समर ने अपना माल सपना की चूत में गिरा दिया था, जो टपकना शुरू हो जाता।
अभी भी वो अपना लंड सपना की चूत में घुसाए हुए सोए रहता है। पर सपना भी थक चुकी थी तो उसकी आंखे बन्द हो चुकी थी। शायद वो वीर्य की गर्मी उसे अच्छी लग रही थी। फिर करीब एक दो मिनट बाद समर उठा, और सपना की चूचियों को पीने लगा। फिर अपनी कमर को मटका-मटका कर अपने लंड को सपना की चूत में घुसाए रहा।
शायद समर चाहता था कि उसका माल सपना की चूत में ही रह जाए। पर कुछ देर बाद जब हम सब ने बोला कि, “भाई अब उठ जा, अब हमें भी मौका दे।” तो वो उठा। तो उसका लंड पूरा वीर्य से सना हुआ था, और टप टप टप टप करके विस्तर पर टपकने लगा।
पर सपना को देख ऐसा लग रहा था कि शायद सपना भी अपनी चरम सीमा पर पहुंचने वाली थी, और वो भी अपना माल छोड़ना चाहती थी। पर उसके पहले ही समर झड़ गया। ये बात रमेश भाप लिया। फिर वो तुरन्त सपना की तरफ दौड़ पड़ा, क्यूंकि वो जानता था कि लड़की को चुदाई में मजा उसके साथ ही आता है जो उसको इतना चोद दे कि उसकी चूत पानी छोड़ दे।
रमेश झट से सपना के पास पहुंचा और वो सपना को हाथ देकर उठाया। फिर सपना को पकड़ कर अपनी आगोश में लिया, और सपना के होठों पर अपना होंठ रख दिया। फिर सपना के होठों को चूमने लगा। कुछ देर रमेश सपना के होठों को चूमता रहा और सपना के पीठ सहलाता, तो कभी सपना की गांड की गांड सहलाता। कभी सपना के बालों में अपना हाथ फेरता।
ऐसे करते-करते वो सपना को जीत लिया था। क्यूंकि पिछले चार-पांच घंटे की चुदाई में पहली बार सपना इतनी खुश लग रही थी। वो खुद अब रमेश का साथ देने लगी थी। रमेश के होठों को चूमती तो कभी वो भी रमेश के पीठ को सहलाती, और अपनी कमर मटका-मटका कर रमेश के लंड पर अपनी रसीली चूत रगड़ रही थी।
ये सब देख हम पांचों चौंक गये थे, कि रमेश के साथ वो घुल मिल गयी थी। जिस तरह वो रमेश से चिपक-चिपक कर उसके होठों को चूमती और उसके लंड पर अपनी चूत रगड़ रही थी, वो देख ऐसा लग रहा था कि अब रमेश के साथ वो असली चुदाई करेगी। उधर रमेश भी सपना के जिस्म से लिपटा हुआ था। वो होठ चूमते-चूमते धीरे-धीरे चूचियों पर आ गया था, और चूचियों को अपने मुंह में भर कर पीना शुरू कर दिया था। वो चूचियों को चूसता तो सपना होठों को दांत से काटती, ऐसा लग रहा था कि सपना अब खुश थी, एक-दम से गर्म हो चुकी थी।
सपना की चूचियों के साथ चूसते, उसकी जवानी के साथ खेलते हुए सपना को अपनी गिरफ्त में कर लेता है और वो सपना को पकड़ कर अपनी गोद में बैठा लेता है। अब सपना की भारी भरकम चूची उसकी छाती से टकराते हुए रमेश को मदहोश करने लगी। जिससे रमेश की आंखे बन्द होने लगी।
कुछ ही मिनटो में वो अपने आप को सपना की रसीली मखमली जवानी में खो चुका था। उधर सपना उसके होठों को चूमती रही और अपने चूचों को बार-बार उसके सीने से स्पर्श कराती, और अपनी गांड मटकाते हुए आगे-पीछे करती। जिससे उसकी चूत की गर्मी रमेश के लंड को तड़पने पर मजबूर कर देती।
तभी अचानक से रमेश की आंख खुल जाती है और वो तुरन्त अपने लंड को हाथों से पकड़ कर सपना की चूत के द्वार पर सेट करता है। फिर सपना की पीठ के पीछे अपने हाथों को ले जाकर सपना को अपनी ओर खींचता है, जिससे रमेश का लंड सपना की चूत में अन्दर जाने लगता है। तो सपना ऊपर की ओर मुंह करके अआआआ आआहहह अआआहहहहहहह की आवाज निकालती है।
वो सपना को आगे-पीछे करने लगता है। सपना उफ आह उह आह उह आह की आवाज निकालने लगती है। तभी रमेश अपनी स्पीड दोगुनी कर देता है, तो सपना की चीख तेजी से निकलने लगती है। तो तुरन्त रमेश सपना के मुंह पर हाथ रख देता है, और धड़ाधड़-धड़ाधड़ लंड अन्दर पेलने लगता है।
सपना को मजा तो आ रहा था, पर वो दर्द उसकी आंखों में दिख रहा था। पर रमेश बिना रुके सटासट सटासट लंड अन्दर पेल रहा था, और कुछ ही देर में उसका लंड सफेद पानी से भीगा-भीगा लगने लगा। शायद सपना झड़ चुकी थी, पर रमेश अभी रुका नहीं था, बल्कि और जल्दी-जल्दी लंड पेलने लगा। क्यूंकि सपना की चूत से निकला पानी ल्यूब्रीकेन्ट का काम कर रहा था।
वो सपना के होठों को काटता, तो कभी सपना की चूचियों को चूमता, फिर ऐसा करते-करते उसकी स्पीड कम होने लगी और अचानक से बोला, “अआआआआहहहह मेरी जान, मैं मैं मैं गया मेरी जान। ओहहहहो मजा आ गया रंडी साली।” और ऐसा कहते हुए वो दो तीन झटके और मारा और फिर रुक गया।
फिर रमेश सपना की चूत में अपना गरम-गरम माल गिरा देता है, उसका गाढ़ा-गाढ़ा वीर्य, सपना के भूरे-भूरे चूत के बालों पर जाकर चिपक जाता है, और धीरे-धीरे रिस-रिस कर सपना की जांघो पर फैलने लगता है। ये देख सपना की आंखो में खुशी दिख रही थी, वो शायद अब खुश थी। रमेश ने सपना को जम कर चोदा था, शायद रमेश ने अपनी चुदाई से सपना को खुश कर दिया था।
रमेश ने अपना वीर्य भले ही सपना की चूत में गिराया पर लंड चूत से बाहर नहीं निकाला। क्यूंकि शायद वो अभी भी सपना को चोदना चाहता था। इसलिए वो सपना के चूचियों को चूमता है और फिर सपना को घोड़ी बनने को बोलता है, तो सपना बिना कुछ सोचे घोड़ी बन जाती है क्यूंकि अब उसे मजा आने लगा था।
रमेश झट से सपना के पीछे गया और उसके सिर के बालों पर बंधे जूड़े को खोल दिया। चूंकि सपना के बाल बड़े बड़े थे तो उसके बाल पीठ को पूरी तरह से ढक लिए और सपना की गांड को आधा ढक लिए। ऐसा देख रमेश और उत्तेजित हो गया।उसने सपना के बालों को संवारा और एक हाथ में पकड़ लिया, और सपना के चूत पर अपना लंड सेट करके जोर का धक्का मारा, तो सपना की चूत में उसका लंड फिसलते हुए अन्दर घुसता चला गया। तो सपना का मुंह खुला का खुला रह गया और उसके मुंह से ओहहहहहहहहह मम्मीईईईईईईईईई जोर की आवाज निकली।
पर अब रमेश कहां रुकने वाला था। वो सपना के बालो को पकड़ कर खींचता और जोर-जोर के धक्के मारता। तो सपना की गांड से रमेश की जांघ लड़ने से चट चट चट चट की आवाज निकलती, पर हर झटके में चूत से फुच्च फुच्च पुच्च पुच्च की जोर-जोर से आवाज निकलती, जो पूरे रूम को मादक बना चुकी थी।
कभी रमेश सपना की चूचियों को मसलता, कभी पीठ सहलाता। ऐसे करते-करते करीब पांच मिनट वो सपना की धक्कम-पेल चुदाई करने के बाद फिर से सपना की चूत में झड़ जाता है, और फिर सपना से लिपट जाता है। और सपना को बोलता है-
रमेश: तुम बहुत मस्त लगती हो मुझे। मैं तुम्हें ऐसे ही हमेशा चोदना चाहता हूं। क्या मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी? रानी बना कर रखूंगा।
सपना मुस्कुराते हुए शरमाती है पर कुछ बोलती नहीं।
रमेश: तो क्या मैं तुम्हारी मुस्कान को हां समझूं मेरी जान?
ऐसा कहते हुए रमेश सपना को चूमता है और अपने बाहों में भर लेता है और फिर लेट जाता है। अब सपना रमेश के ऊपर लेटी रहती है और वो दोनों एक-दूसरे की आंखों में कुछ देखते हैं और फिर एक-दूसरे को ऐसे चूमना शुरू करते हैं कि जैसे महीनों बाद मिले हों और अपनी भूख मिटा रहे हों।
ये सब देख सभी दंग रह जाते हैं पर तभी मैं देखता हूं कि विकास और अमर कुछ खा रहे होते है। मैं जब उनके पास जाकर उनसे पूछता हूं, कि तुम क्या खा रहे हो, तो वो दोनों एक साथ बोलते हैं कुछ नहीं भाई थोड़ा चाकलेट खा रहे थे।
आखिर वो चाकलेट क्यूं खा रहे थे जानने के लिए बने रहें अपने भाई राजू के साथ।
धन्यवाद !
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