सिगरेट पीने से हुई चुदाई-1 (Cigarette peene se hui chudai-1)

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हेलो दोस्तों, मैं अंजली गुप्ता आज अपनी सेक्स स्टोरी लेके आ गई हूं। चलिए अब बातों में ज्यादा वक्त ना गंवाते हुए अपनी आज की कहानी शुरू करती हूं।

सबसे पहले मैं अपने बारे में बता देती हूं। मैं 23 साल की हूँ, और मेरा फिगर 34-29-36 है। रंग मेरा गोरा है, और जो भी लड़का या मर्द मुझे एक बार देख ले, वो मेरा दीवाना हो जाता है। मैं पंजाब से हूं। इस कहानी में मैं आपको बताती हूं, कि कैसे मुझे पापा ने चेकिंग के लिए बुलाया।

बात कुछ महीनो पहले की है। मम्मी-पापा, और मेरा भाई किसी फंक्शन में चले गये। मुझे ऑफिस से एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट मिला था, जिस पर अभी बहुत काम बाकी था। इसलिए मेरे पास टाइम नहीं था, तो मैंने फंक्शन पर जाने से मन कर दिया।

घर वालो के जाने के बाद मैंने काम शुरू कर दिया, और 3 घंटे लगी रही। उसके बाद टाइम देखा तो 11 बजे थे, और मुझे नींद आने लग गई थी। लेकिन काम पूरा होने में अभी भी 2-3 घंटे लगने वाले थे। इसलिए मैंने सोचा नहा कर फ्रेश हो जाती हूं।

फिर मैं बाथरूम में जा कर नहा कर आई, और उसके बाद लाल शॉर्ट्स और सफेद टी-शर्ट पहन ली। अब मैं फिर से काम में लग गई। शुरू-शुरू में तो मैं फ्रेश फील कर रही थी, लेकिन एक घंटे बाद नींद फिर से आने लगी।

फिर मैंने सोचा कि क्यों ना सिगरेट पीते-पीते काम करूं। दोस्तों मुझे सिगरेट पीते हुए कभी नींद नहीं आती। लेकिन मेरे घर पर इस बात का पता नहीं था कि मैं कभी-कभी सिगरेट पीती हूं।

फिर मैंने अपनी छुपाई हुई सिगरेट के पैकेट में से एक सिगरेट निकाली, और उसको जला दिया। अब मैं कश लगाते हूए काम करने लगी। मेरी एकाग्रता भी बढ़ गई थी। काम करते-करते मुझे पता ही नहीं चला कि कब पापा घर के अंदर घुसे, और कब मेरे कमरे में मेरे पीछे आके खड़े हो गए।

दरअसल पापा अपना पर्स घर पर भूल गए थे, इसलिए वो मम्मी और भाई को फंक्शन पर छोड़ कर वापस आये थे। उनके पास घर की चाबी रहती है, क्योंकि वो मुझे सोई हुई समझ कर चुप-चाप अंदर आए थे, ताकि मैं परेशान ना होऊं। लेकिन यहां तो उनको कुछ और ही देखने को मिल रहा था।

फ़िर उनको मुझे आवाज़ लगायी: अंजली!

उनकी आवाज सुन कर मेरी गांड फट गई। मैं पीछे मुड़ी, और उनको देखा। मेरे मुँह में सिगरेट थी, जो मुँह से गिर गई। फ़िर मैं बोली-

मैं: पापा आप यहां कैसे? आप तो गए थे फंक्शन पर।

पापा: मेरा पर्स रह गया घर पर वो लेने आया था। लेकिन तुम सिगरेट कब से पी रही हो?

मैं: वो पापा एकाग्रता नहीं बना पा रही थी, तो दोस्त ने कहा कि सिगरेट पीने से नींद पर कंट्रोल हो जाएगा।

पापा: ये क्या बकवास है! फिर तो सारे ही पीना शुरू कर दे। सच बताओ कब से पी रही हो?

मैं: पापा आज ही एक लेके आयी हूं दोस्त से। एक ही थी।

पापा: झूठ मत बोलो।

मैंने सिगरेट का पैकेट अपने शॉर्ट्स की अंदर वाली जेब में रखा था, जो बाहर से नहीं दिख रहा था। मुझे लगा यहां तक पापा कभी नहीं पहुंचेंगे। लेकिन वो बोले-

पापा: इधर आओ मुझे चेकिंग करनी है।

ये सुन कर मैं घबरा गई कि कहीं उनके हाथ लग गया पैकेट तो? लेकिन मुझे ये भी था, कि इतने अंदर तक नहीं जायेंगे। फिर पापा कुर्सी पर बैठ गए, और मैं उनके पास जाके खड़ी हो गई। उन्होंने मेरे घुटनों पर हाथ रखे, और दबाते हुए चेकिंग करने लगे।

पहले उन्होंने मेरे घुटनों पर हाथ फेरा। फिर ऊपर की तरफ आने लगे। उन्होंने मेरी जांघों पर हाथ फेरा और उनको दबाया। ना-जाने क्यों, लेकिन इसे मुझे अजीब सी फीलिंग आने लगी। उसके बाद पापा मेरी गांड पर अपने हाथ लेके आये, और मेरे चूतड़ों को दबाने लगे। इससे मैं गरम होने लगी।

मेरी चूत ने चुदाई का स्वाद ले रखा था। और बहुत वक्त हो चुका था चुदे हुए, तो एक मर्द के स्पर्श से मुझे वैसी वाली फीलिंग आने लगी।

चूतड़ों पर हाथ फेरते हुए पापा आगे हाथ लेके आये, और जांघों पर फेरने लगे। वहीं पर सिगरेट का पैकेट था। जैसा ही उनको पैकेट महसूस हुआ वो बोले-

पापा: निकाल इसको।

मैं: पापा कुछ नहीं है। कपड़ा है वो।

पापा: ड्रामा मत कर।

मैं: नहीं पापा, कुछ नहीं है।

पापा: रुक मैं अपना आप निकाल देता हूँ।

ये बोल कर पापा मेरी शॉर्ट्स के अंदर अपना हाथ डालने लगे। मैंने शॉर्ट्स को कमर से कस कर पकड़ लिया, ताकि उनका हाथ अंदर ना जाए। लेकिन पापा भी पूरी कोशिश करने लगे हाथ अंदर डालने की।

जैसे-तैसे पापा का हाथ शॉर्ट्स के अंदर चला गया। मैंने सोचा पीछे हो जाती हूं, तो मैंने पीछे की तरफ ज़ोर लगाया। पापा ने शॉर्ट्स खींचा, और वो नीचे उतर गया। अब शॉर्ट्स मेरी गांड के नीचे आ चूका था, और मेरी सफ़ेद पैंटी आराम से दिख रही थी। तभी पापा बोले-

पापा: मेरा हाथ पैकेट तक पहुंच चुका है। अब तू पकड़ी गई है। ज़ोर लगाने का कोई फायदा नहीं है। ज़िद छोड़ दे।

अब मुझे भी लगा कि मैं पकड़ी तो जा ही चुकी थी, तो ज़ोर लगा कर भी कोई फायदा नहीं था। इसलिए मैं उनके पास होके सीधी खड़ी हो गई। मेरी शॉर्ट्स टाइट थी, तो पापा ने शॉर्ट्स थोड़ी और नीचे की, और अंदर वाली पॉकेट में हाथ डाल कर सिगरेट का पैकेट बाहर निकाल लिया। फिर पापा बोले-

पापा: तू तो कह रही थी कि तेरे पास एक ही सिगरेट है। तो फिर ये कोई बाहर से आके डाल गया तेरी जेब में?

पापा ने पैकेट हाथ में पकड़ा था। तभी उनको पैकेट की एक तरफ कुछ गीला-गीला महसूस हुआ। उन्हें उंगली फेर कर देखा, और उनको कुछ चिपचिपा सा लगा। फिर उन्हें मेरी शॉर्ट्स की तरफ देखा और बोले-

पापा: ये गीला क्यों है?

मैंने बोला: पता नहीं पापा।

और ये बोलते हुए मैंने नीचे देखा। मैंने देखा कि मेरी पैंटी चूत वाली जगह से गीली हुई पड़ी थी, क्योंकि पापा के छूने से मैं उत्तेजित हो गई थी। ये देख कर मैंने पापा की तरफ देखा, कहीं उनकी नज़र वहां ना पड़ जाए।

दोस्तों कहानी यहीं रुक रही है। आगे की कहानी अगले भाग में। यहां तक की कहानी आपको कैसी लगी कमेंट करके ज़रूर बताएं।

अगला भाग पढ़े:- सिगरेट पीने से हुई चुदाई-2

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