पिछला भाग पढ़े:- अदला-बदली करके चुदाई का मजा उठाया-1
हैलो दोस्तों, मैं आसिफ आपके सामने एक और नई सेक्स कहानी के साथ हाजिर हूं। यह कहानी मेरी और मेरी एक पाठिका कृती सक्सेना और उनके पति राघव सक्सेना की है।
कृती की उम्र 29 साल है और दिखने में बहुत खूबसूरत के साथ सेक्सी फिगर वाली औरत है। पतली कमर पर बूब्स और गांड उभरे हुए थे। राघव की उम्र 33 थी, और दिखने में अच्छे है। फिट एंड फाइन और नेचर भी ठीक था, और एक एमएनसी कंपनी में जॉब करते है। इस कहानी की एक और पात्र है उसका जिक्र आगे कहानी में होगा।
हम दोनों हमारी फोटो भेजते है और थोड़े दिनों तक हमारी ऐसे ही चैट विडिओ काल पर बाते होती है एक-दूसरे को जानने और समझने के बाद हम चारों मिलने का प्लान बनाते है।
राघव: हैलो फ्रेंड्स!
रागिनी: हेय हेंडसम!
राघव: कैसी हो रागिनी?
रागिनी: मैं बिलकुल बढ़िया हूं।
कृती: हैलो रागिनी।
मैं: सेक्सी कृती, कैसी हो?
कृती: मैं भी ठीक हूं।
राघव: अगले वीकेंड पर मिलने का प्लान बनाते है। अब रहा नहीं जा रहा रागिनी से मिले बिना।
मैं: इतनी पसंद आ गई क्या आपको रागिनी?
राघव: हाँ बहुत यार। ऐसी जवान लड़की किसे पसंद नहीं आएगी?
कृती: अच्छा राघव, बहुत शॉक है तुमको जवान लड़कियों का?
राघव: हाँ मेरी जान, तुमसे बेहतर कौन जनता है यह बात।
मैं: ओके, फिर कहां और कैसे मिलना है?
राघव: तुम दोनों जबलपुर आ जाओ। यहीं यही इंजॉय करते है।
मैं: हाँ ठीक है, रागिनी ठीक रहेगा ना?
रागिनी: हाँ अच्छा है। इसी बहाने घूमना-फिरना भी हो जाएगा।
कृती: हाँ आप दोनों का इंतज़ार रहेगा।
मैं: लगता है राघव अपने बिस्तर पर देखना चाहता है, उसकी बीवी की चुदाई कैसे होती है।
राघव: सिर्फ देखूँगा नहीं तुझे भी दिखाऊँगा तेरी गर्लफ्रेंड को तेरे सामने चोद कर।
मैं: ओके राघव, फिर मिलते है अगले हफ्ते।
मैं और रागिनी शुक्रवार को जबलपुर के लिए निकाल जाते है। हमारा रात भर का सफर था। मैं और रागिनी बस में भी थोड़े मजे कर लेते है, पर अपना सारा जोश कृती के लिए बचा कर रखा था।
रागिनी: तुम दोनों मिल कर राघव को पागल बना रहे हो।
मैं: दोनों नहीं, हम तीनों मिल कर बना रहे है।
रागिनी: तुमने बोला इसलिए कर रही हूं मैं तो।
मैं: उसको जवान लड़की चाहिए है। वो उसको तो मिल रही है, और क्या चाहिए उसे?
रागिनी: हाँ तो ठीक है, पर उसे पता चल गया तो?
मैं: एक बार कृती बाहों में आ जाए। उसके बाद कुछ प्रॉब्लेम नहीं है।
रागिनी: अच्छा कृती के पूरे बदन को नोचड़ लोगे तुम तो?
मैं: हाँ बस तुम कुछ पता मत चलने देना हम दोनों कपल नहीं है।
रागिनी: अरे हाँ, कुछ पता नहीं चलेगा उसे।
हम दोनों ऐसे ही बात करते-करते और बस में थोड़े मजे करते हुए सुबह जबलपुर पहुंच जाते है। राघव और कृती हमसे पहले बस स्टैंड पहुंच जाते है। मैं कृती को रियल लाइफ में पहली बार देख रहा था। वो नॉर्मल हाउसवाइफ की तरह साड़ी पहन कर आई थी। उसका गोरा बदन और पतली कमर देख उससे नज़र ही नहीं हट रही थी मेरी। हम दोनों उनके पास जाते है और उनसे मिलते है।
मैं: हैलो राघव और कृती जी।
कृती: हैलो आसिफ।
राघव: हाई रागिनी।
रागिनी: हैलो कृती, लुकिंग प्रिटी।
कृती: थैंक्स, तुम भी कुछ कम नहीं हो।
हम चारों गाड़ी में बैठ कर उनके घर पहुंच जाते है। कृती अपना बच्चा पहले ही उसके घर नाना-नानी के पास छोड़ कर आ जाती है। मैं रागिनी और राघव हाल में बैठ जाते है। कृती किचेन में पानी लेकर चली जाती है।
राघव: सो आसिफ, तुम्हारी गर्लफ्रेंड तो बहुत सुंदर है। आँखों के सामने कुछ ज्यादा ही सेक्सी लग रही है।
मैं: अब मेरी गर्लफ्रेंड है, सेक्सी तो होगी ना।
रागिनी: थैंक्स राघव।
राघव: आसिफ तुम भी बहुत फिट हो जिम वाले बंदे।
मैं: इसलिए तो कृती जी ने मौका दिया है उनको खुश करने का।
कृती पानी लेकर आ जाती है और राघव के बगल में बैठ जाती है।
कृती: आप दोनों थोड़ी देर आराम करो। आपका दोनों कमरा तैयार कर दिया है।
रागिनी: हाँ आराम की जरूरत तो है। थक गए है।
मैं: एक सफर पूरा हो चुका है। अब दूसरा सफर करना है। उसके लिए थोड़े आराम की जरूरत तो है।
मैं और रागिनी कमरे में चले जाते है और थोड़ी देर आराम करने के बाद जब कमरे से बाहर निकलता हूं, रागिनी अभी भी सो रही थी। मैं घर में इधर-उधर देखता हूं। शायद राघव बाहर गया था और कृती किचेन में कम कर रही होती है।
मैं पीछे से जाता हूं और उसको पकड़ लेता हूं। उसकी पतली चिकनी कमर पर हाथ घूमता हुआ अपने पास खींच लेता हूं। उसको पहली बार छू रहा था और छूते ही शरीर में करंट दौड़ गया और लंड अपने असली आकार में आने लगा।
कृती: आहह आसिफ, थोड़ी तो इंतजार करो रात तक।
मैं: तुमको कैसे पता आसिफ ही है?
कृती: क्यूंकि राघव बाहर गया है और उसकी पकड़ इतनी टाइट और मजबूत नहीं है जितनी तुम्हारी है।
मैं: अभी तो बहुत कुछ टाइट और मजबूत चीज तुम्हारा इंतजार कर रही है।
मैं उसको पीछे से गले पर किस्स करने लगता हूं। उसका भी पूरा मन होता और वो थोड़ा नाटक कर रही थी। मैं उसके दोनों हाथ पकड़ लेता हूं। एक हाथ से उसका पेट मसलता हूं। पीछे से उसकी गांड में लंड चुभाने लगता हूं। वो भी मूड में थी, पर उसको राघव के सामने ही करना था। तो कृती मुझे धक्का देकर दूर के देती है।
कृती (मेरी पेंट की तरफ देख कर हवस भरी आवाज में बोलती है): आसिफ मिया, बस रात तक सब्र करो। फिर मैं तुम्हारी हूं।
मैं फिर से उसके करीब जाता हूं और दीवार से चिपका देता हूं। उसकी प्यासी आँखों में देख कर उसके बाल खोल देता हूं।
मैं: सामने हुस्न की परी हो तो कैसे सब्र करू कृती जी?
कृती: जैसे मैं कर रही हूं आसिफ जी।
इतने में रागिनी उठ कर किचेन में आ जाती है और हमको देख लेती है। मगर मैं कृती को छोड़ता नहीं हूं।
रागिनी: अरे वाह, तुम दोनों शुरू हो गए अकेले-अकेले। मैं चली जाती हूं फिर।
कृती: मैं शुरू नहीं हुई, आसिफ जी से कंट्रोल नहीं हो रहा है।
रागिनी: कंट्रोल होगा भी कैसे? उसके सामने इतनी सेक्सी औरत है तो।
मैं: अब तो रागिनी ने भी तुम्हारी तारीफ कर दी कृती जी।
इतने में घर की डोर बेल बजती है।
कृती: शायद राघव ही होगा तुम हाल में बैठो, मैं दरवाजा खोलती हूं।
राघव आता है हम सब लंच करते है। शाम को चारों जबलपुर घूमने निकल जाते है। 8 बजे तक हम घर आ जाते है। हमारा माइंड भी फ्रेश हो जाता है। रात को मैं और राघव बोतल खोल कर बैठ जाते है। एक-एक बियर हमारी खतम हो जाती है।
राघव: आसिफ भाई रागिनी एक नंबर की माल है यार।
मैं: कृती भी कम नहीं है। उसके हुस्न की खुशबू आदमी को पागल कर देती है।
राघव: हाँ वो तो है पर रागिनी एक जवान लड़की है, और कृती एक बच्चे की मां है।
मैं: फिर भी कृती ने अपने आप को मेंटेन करके रखा है। उसको देख लगता है वो अभी भी कालेज की जवान लड़की है।
हम दोनों ऐसे ही दोनों सेक्सी औरतों की तारीफ करते है। इतने में रागिनी और फिर कृती भी जॉइन कर लेती है। रागिनी तो पहले से ही दारू बियर पीती है, पर कृती नहीं।
रागिनी: अरे कृती, पियो ना। नशे में चुदाई का और मजा आता है।
कृती: मैंने आज से पहले कभी पी नहीं है।
मैं: तो आज पी लो कृती (मैं एक बोतल खोल कर उसको देता हूं)।
राघव: पिलो कृती आज सब मिले है तो।
कृती भी हमारे साथ पीने लग जाती है। बोतल खाली करने के बाद वो कीचेन में जाने लगती है: आप लोग इंजॉय करो, मैं खाना बना लेती हूं।
मैं उसका हाथ पकड़ कर के वापिस बैठा लेता हूं।
मैं: कृती जी आज खाना बाहर से मंगवा लेंगे। आप भी यह इंजॉय करो।
रागिनी राघव के पास जा कर बैठ जाती है और मैं कृती को अपने पास खींच लेता हूं। राघव का ध्यान सिर्फ रागिनी पर था और उसकी सेक्सी पत्नी को मैंने अपनी बाहों में भर लिया था।
रागिनी राघव की गोद में बैठ जाती है और उसको किस्स करने लगती है। राघव मजे से उसके होंठ चूस रहा था। मैं और कृती दोनों देख कर गरम हो रहे थे। मैंने कृती का सारी का पल्लू हटाया और उसको किस्स करने लगता। उसके मीठे होंठों का स्वाद ही अलग था। मैं उसके होंठ चूसने लगता हूं। कृती को सोफ़े पर गिरा कर उसके ऊपर चढ़ कर होंठ गले गाल हर जगह चूमने लगता हूं।
राघव भी रागिनी को पूरी शिद्दत से प्यार कर रहा था। राघव भूल चुका था उसकी बीवी भी वहां थी और किसी और के साथ मजे कर रही थी। रागिनी ने उसको अपने बदन की तरफ ऐसा आकर्षित करके रखा था, कि उसका ध्यान इधर-उधर जा ही नहीं रहा था।
कृती: बेडरूम में चलते है बिस्तर पर आराम से करेंगे।
मैं: मुझे तो करने से मतलब है कृती जी।
मैं कृती को उठा कर बेडरूम में ले जाता हूं। रागिनी हमको देख लेती है। राघव उसका टॉप निकाल कर ब्रा के ऊपर से बूब्स मसल रहा था, और मैं कृती को बिस्तर पर लिटा देता हूं। कमरे के अंदर आने के बाद उसके अंदर की औरत बाहर आ जाती है। वो मुझे खींच कर मेरे ऊपर आ जाती है। मेरी टी-शर्ट निकाल कर मुझे चूमने लगती है।
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