पिछला भाग पढ़े:- ऑफिस में साली की चुदाई-1
नमस्कार दोस्तों, मैं आकाश अपनी हॉट सेक्स स्टोरी का अगला भाग लेके हाजिर हूं। उम्मीद है आपने पिछला हिस्सा पढ़ लिया होगा। अगर नहीं पढ़ा है तो पहले उसको पढ़ ले।
पिछले हिस्से में आपने पढ़ा कि मेरी साली की पढ़ाई पूरी होने के बाद मेरी बीवी ने मुझे उसको नौकरी लगवाने को कहा। फिर मैंने अपने ही ऑफिस में उसकी सेटिंग करवा दी। एक दिन मैंने देखा कि मेरी साली और मनीष नाम के लड़के के बीच इशारे चल रहे थे। फिर वो दोनों उठ कर लिफ्ट में चले गए। उसके बाद मैंने उनका सेक्स शुरू होते हुए देखा। अब आगे-
रितिका मनीष का लंड चूस चुकी थी। अब वो फिर से खड़ी हो गई। उसके खड़े होते ही दोनों एक-दूसरे को किस्स करने लगे। किस्स करते हुए मनीष ने रितिका की स्कर्ट ऊपर करनी शुरू कर दी। उसकी स्कर्ट इतनी ऊपर कर दी, जिसमें रितिका की नेट वाली ब्लैक पैंटी नज़र आने लगी।
फ़िर वो पैंटी के ऊपर से उसका चूतड़ दबाने लगा। जब भी वो रितिका की गांड दबाता था, वो और जोश में किस्स करने लगती थी। चुंबन के बाद दोनों अलग हुए। फिर मनीष ने उसको घुमा दिया और उसके हाथ सामने की दीवार पर रखवा दिये।
रितिका ने हाथ दीवार पर रखे और थोड़ा झुक गई। इससे उसकी गांड बाहर की तरफ आ गई। ये सब देख कर मेरा लंड पैंट फाड़ कर बाहर आने को हो गया। मैंने अपना मोबाइल निकाला और उनकी रिकॉर्डिंग करने लगा।
फ़िर मनीष ने उसकी पैंटी नीचे की, और उसकी गांड में मुँह घुसा दिया। अब मनीष रितिका की चूत और गांड चाट रहा था, और रितिका आहें भर रही थी। कुछ देर ऐसी ही चूत और गांड चाटने के बाद मनीष सीधा हुआ, और अपना लंड रितिका की चूत पर सेट करने लगा। रितिका ने भी गांड हिला कर उसका लंड एडजस्ट करने में मदद की।
जैसा ही उसका टोपा रितिका की चूत पर टिका, उसने धक्का मार कर लंड चूत में घुसा दिया। दोनों की आह निकल पड़ी और मनीष ने फुल स्पीड पर रितिका को चोदना शुरू कर दिया। दोनों पूरे मजे में चुदाई कर रहे थे। लंड और चूत के मिलन से थप-थप की आवाज आ रही थी। तकरीबन 5 मिनट मनीष धक्के देता रहा। उसके बाद वो आह्ह आह्ह करने लगा।
तभी रितिका बोली: रुको! अभी मेरा नहीं हुआ है।
मनीष रुक नहीं सका और झड़ गया। रितिका का मुंह बन गया। फ़िर मनीष बोला-
मनीष: सॉरी यार, तुम्हारी चूत इतनी गरम है, कि मैं रोक नहीं पाया।
रितिका (झूठी मुस्कान देके): कोई बात नहीं। चलो चलते हैं।
फिर दोनों ने कपड़े सेट किये और वापस ऑफिस में आ गये। अब मेरे पास रितिका के रंडी होने का सबूत था। और इसको इस्तमाल कैसे करना था, मुझे पता था। थोड़ी देर बाद मैंने रितिका को अपने केबिन में बुलाया।
रितिका: क्या मैं अंदर आ सकती हूँ सर?
मैं: हाँ, अंदर आओ।
रितिका: जी सर, आपने बुलाया।
मैं: हां रितिका, आज तुम्हें मैं घर छोड़ दूंगा (रितिका वैसे रेगुलर कैब से घर जाती थी)।
रितिका: क्यों, क्या हुआ जीजू?
मैं: मुझे उधर वाली साइड पर ही जाना है, इसलिए।
रितिका: ठीक है। फ़िर ऑफिस बंद हो गया और मैं बेसमेंट में आ गया अपनी गाड़ी के पास। वहां जाके मैंने रितिका को फोन किया। फिर रितिका भी आ गई और हम दोनों गाड़ी में बैठ गए। गाड़ी में बैठे ही मैंने अपना फोन निकाला और रितिका की वीडियो चला दी। रितिका अपना वीडियो देख कर हैरान हो गई। फिर मैंने कहा-
मैं: रितिका, ये क्या है?
रितिका रोने लग गई और कुछ नहीं बोली। फिर मैंने उसे कहा-
मैं: अरे रोने की ज़रूरत नहीं है।
ये बोल कर मैंने उसके कंधे पर हाथ रख कर उसको हौसला दिया।
मैं: जवानी में ऐसा हो जाता है। प्लीज रोना बंद करो रितिका।
रितिका को लगा कि मैं उसकी शिकायत नहीं करूंगा घर पर, तो उसने मुझे गले लगा लिया। फिर मैंने उसको बोला-
मैं: लेकिन मुझे एक शिकायत है तुमसे।
रितिका (हैरान हो कर): क्या जीजू?
मैं: तुम्हें एक बार भी मेरा ख्याल नहीं आया?
रितिका: मतलब?
मैंने कुछ नहीं बोला और अपनी पैंट खोल कर लंड बाहर निकाल लिया। मेरा खड़ा लंड देख कर रितिका हैरान होते हुए बोली-
रितिका: जीजू आप क्या कर रहे हो?
मैं: रितिका मैं तुमको बहुत पसंद करता हूं। अपनी चूत तो तुम बांट ही रही हो। अपने जीजू को भी थोड़ा प्यार देदो।
रितिका: मैं दीदी को धोखा नहीं दे सकती।
मैं: क्या तुम अपने जीजू को पसंद नहीं करती। थोड़ा प्यार नहीं दे सकती अपने जीजू को?
ये सुन कर रितिका चुप हो गई। फिर मेरी तरफ देख कर मुस्कुराई। मैं समझ गया कि अब वो किसी चीज़ के लिए मना नहीं करेगी।
वो बोली: ठीक है जीजू, मैं आपको प्यार दूंगी।
फिर मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपने लंड पर रख दिया। उसके बाद उसका हाथ पकड़ कर अपना लंड हिलाने लगा। दूसरे हाथ से मैं शर्ट के ऊपर से उसके स्तन दबाने लगा। उसकी सांसें तेज़ होने लगी।
फिर मैंने उसके होंठों से होंठ चिपकाए, और किस्स करने लगा। रितिका भी थोड़ा साथ देने लगी। कुछ देर किस्स करने के बाद मैंने उसे बाल पकड़ कर उसका मुँह लंड की तरफ किया, और लंड उसके मुँह में ठूस दिया। अब वो लंड चूसने लगी और मैं उसका मुँह लंड पर दबाने लगा। उसकी सांस रुकने लगी और मुझे बहुत मजा आता।
लंड चुसवा कर मैंने लंड पैंट में वापस डाला और उसको लेके एक होटल में चला गया। वो चुप-चाप मेरे साथ चलती रही। कमरे में जाते ही मैंने उसको बिस्तर पर लिटाया और उसकी स्कर्ट और पैंटी उतार दी। अब उसकी चिकनी चूत मेरे सामने थी।
मैं उसकी चूत चाटने लगा, जिससे वो गरम हो कर आह्ह्ह आह्ह्ह की सिसकियाँ निकलने लगी। वो मेरा मुँह अपनी चूत में दबाने लगी। फ़िर वो बोली-
रितिका: आह्ह जीजू, बहुत मजा आ रहा है।
अब वो भी मजे लेने लगी थी। फ़िर मैंने अपने कपड़े उतारे। उसने भी अपने बाकी के कपड़े उतार दिये। नंगा होते ही मैं अपनी नंगी साली पर टूट पड़ा। मैं उसे ऊपर लेटा, और उसकी चूत पर अपना लंड सेट किया। फिर ज़ोर का धक्का मार कर लंड अंदर घुसा दिया। उसकी चीख निकल गयी।
अब मैं उसकी चूत चोदने लगा और उसके रसीले स्तन चूसने लगा। मैं धक्के पे धक्का मारे जा रहा था, और वो आह आह करने जा रही थी। उसका चेहरा देख कर पता चल रहा था कि वो बहुत मजे में थी। 15 मिनिट हो चुके थे। मेरे धक्के फुल स्पीड में चल रहे थे।
फ़िर रितिका का जिस्म अकड़ने लग गया। मैं समझ गया वो झड़ने वाली थी। फिर वो अचानक से कांपने लगी, और उसकी चूत ने मेरे लंड को जकड़ लिया। अब एक गरम-गरम लावा मुझे मेरे लंड पर महसूस हुआ।
रितिका झड़ चुकी थी। लेकिन मैं अभी भी धक्के मारे जा रहा था। 5 मिनट और मैंने उसकी चुदाई की। उसके बाद अपना माल उसकी नाभि पर निकल दिया। जब मैं उसके ऊपर से उतरा तो वो बोली-
रितिका: जीजू, दीदी बहुत लकी है। और आज के बाद आपका जब दिल चाहे मुझे चोद लेना। मैं उसकी तरफ देख कर मुस्कुराया। फीडबैक Authorcrazyfor@gmail।com पर दे।