पिछला भाग पढ़े:- बाप का इलाज बेटी की चुदाई-3
हाय दोस्तों, मैं नीना अपनी कहानी का आखिरी भाग लेके आप सब के सामने हाज़िर हूँ। अगर आप में से किसी ने भी पिछले हिस्से नहीं पढ़े हैं, तो पहले उनको जरूर पढ़ें। उम्मीद है आपको मेरी कहानी पसंद आ रही होगी।
पिछले हिस्सों में आपने पढ़ा, कि मैं अपने पापा को ठीक करने के लिए उन्हें उत्साहित करने में लगी थी। इसके लिए मैं उनको वो सब दिखा रही थी, जिससे कोई भी मर्द उत्तेजित हो सकता है। फिर मैं रात को अपने पापा के साथ सो गयी। मैंने शॉर्ट्स और बिना ब्रा के टी-शर्ट पहनी थी।
फिर पापा ने मेरे स्तन दबाये और मुझे चूमना शुरू कर दिया। जब उन्होंने मेरी चूत पर हाथ लगाया, तो मैं जाग गई, और मैंने उनसे पूछा कि वो क्या कर रहे थे। अब आगे बढ़ते हैं-
पापा: बेटी मुझे तुमसे प्यार करना है। कृपया मुझे रोको मत।
मैं: पापा मैं आपकी बेटी हूं, आप मेरे साथ ऐसा नहीं कर सकते।
पापा: ये जो सुबह से लेके शाम तक तुम मुझे अपना बदन दिखा कर पागल कर रही हो, वो एक बेटी की हरकत तो नहीं है।
मैं: पापा डॉक्टर ने कहा था कि आपका इलाज करना जरूरी है। इसलिए मैं ये सब कर रही थी।
पापा: तो चल अब मेरा इलाज पूरा कर।
ये बोलते ही पापा ने मेरे होठों से अपने होठों को चिपका दिया। मैं अलग होने की कोशिश कर रही थी, लेकिन पापा की पकड़ मजबूत थी। वो पागलों की तरह मेरे होंठ चूसने लगे, और एक हाथ मेरी पैंटी में डाल कर मेरी चूत मसलने लगे। 10 मिनट लगातार किस्स करने से मैं गरम होने लगी।
अब मैंने अलग होने की कोशिश छोड़ दी। मैं अपने पापा के लिए सब कुछ करने को तैयार थी। जब पापा ने देखा कि मैंने उनको दूर करने की कोशिश बंद कर दी थी, तो उन्हें मेरे होंठों को दूर कर दिया। फिर मुझे सीधा करके वो मेरे ऊपर आ गये, और मेरी टी-शर्ट स्तनों के ऊपर कर दिए।
मेरे रस से भरे स्तनों को देख कर उनकी आंखें चमक उठी। उन्हें मेरे दोनों स्तनों को पकड़ा, और उन्हें मसलना शुरू कर दिया। मैं आह्ह आह्ह करने लग गयी। वो बड़ी ज़ोर से मेरे स्तनों को मसल रहे थे, जैसे किसी रंडी को पैसे दिए हो, और पैसे पूरे कर रहे हो। फिर वो आगे बढ़े, और एक-एक करके मेरे निपल्स को ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगे।
मुझे कामुकता चढ़ती जा रही थी, और मेरी चूत पानी-पानी हो रही थी। कुछ देर जी भर के उन्होंने मेरे स्तन चूसे। फिर वो मेरे पेट को चूसने लगे, और नाभि में जीभ डाल-डाल कर चूसने लगे। मैं कामुकता भरी सिसकियां ले रही थी। फिर वो नीचे आये, और मेरी शॉर्ट्स को कमर से पकड़ कर नीचे खींचने लगे।
मेरी शॉर्ट्स उतार दी, और साथ ही मेरी पैंटी भी निकाल दी। अब मैं अपने पापा के सामने पूरी नंगी थी। मेरी चूत को देख कर पापा बोले-
पापा: तू बिल्कुल अपनी माँ जैसी खूबसूरत है।
ये बोल कर उन्हें मेरी तरफ देखा, तो मैंने मुंह साइड में कर लिया। फिर पापा ने मेरी चूत में मुँह लगा दिया, और उसको अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया। जैसे-जैसे उनकी जीभ मेरी चूत पर पड़ती, मेरी बॉडी में करंट सा लगता। वो नीचे से ऊपर मेरी चूत पर अपनी जीभ फिरा रहे थे। मैं इतनी गरम हो गई थी, कि मैंने अपना हाथ उनके सर पर रख दिया, और उनके सर को अपनी चूत में दबाने लगी। साथ में मेरे मुँह से आह आह की आवाज निकलती जा रही थी।
फिर पापा अपनी जीभ को मेरी चूत के अंदर डालने लगे। इससे तो मानो मैं पागल ही होने लग गई। मैं गांड उठा-उठा कर अपनी चूत चटवाने लगी। कुछ देर ऐसे ही मुझे तड़पाने के बाद पापा ने अपने सारे कपड़े उतार दिये। उनका लंड काफी तगड़ा था। फ़िर पापा मेरे ऊपर आके मेरी ब्रेस्ट पर बैठ गये। वो अपना लंड मेरे होठों पर रगड़ने लगे जिसे मैं समझ गई कि वो अपना लंड चुसवाना चाहते थे।
फिर जैसे ही मैंने अपना मुँह खोला, पापा ने अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया। पापा ज़ोर-ज़ोर के धक्के मेरे मुँह में देने लगे। मैं सांस नहीं ले पा रही थी, लेकिन उनको इसमें कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। कुछ देर उन्हें जबरदस्त तरीके से मुझे लंड चुसवाया। फ़िर वो नीचे मेरी टांगों के बीच आ गई।
उन्हें अपना लंड मेरी चूत के मुँह पर रखा, और उसको रगड़ने लगे। मेरी गांड अपने आप ही उत्तेजना में हिलने लगी। फिर उन्हें लंड चूत के मुँह पर टिकाया, और ज़ोर का धक्का मार कर लंड अंदर घुसा दिया। चूत बहुत गीली थी, तो पूरा लंड फिसला हुआ अंदर चला गया। मेरी आह्ह निकल गयी, और साथ ही पापा की भी आह्ह निकल गयी।
फ़िर वो लंड अंदर-बाहर करके मुझे चोदने लग गये। क्या मजा आ रहा था। मैं अपने बाप से चुद रही थी। मुझे ख़ुशी भी थी, क्योंकि मेरे पापा ठीक होने वाले थे। फिर क्या था अगर मुझे इसके लिए उनकी रंडी बनना पड़ा तो। पापा ज़ोर-ज़ोर से मेरी चूत चोद रहे थे। साथ में वो मेरी चूत के दाने को भी मसल रहे थे।
मैं तो जैसी जन्नत में थी, मुझे इतना मजा आ रहा था। फ़िर पापा मेरे ऊपर लेट गये, और मेरे स्तन चूसते हुए मुझे चोदने लगे। कुछ देर ऐसे ही हमारी चुदाई चली। मैं एक बार झड़ चुकी थी, लेकिन पापा अभी नहीं झड़े थे।
फिर पापा ने मेरी चूत में से लंड निकाला, और मुझे उलट दिया। उसके बाद वो मेरी गांड पर बैठ गये, और मेरे चूतड़ खोल कर अपना लंड मेरी चूत में घुसा दिया। फिर वो मेरे ऊपर लेट गए, और उसी पोजीशन में मुझे चोदने लगे। मुझे फिर से दर्द होने लगा। शायद इस पोजीशन में चूत कस जाती है इसलिए।
15 मिनट पापा ने मुझे और चोदा। इस दौरान वो मेरी पीठ चूमते रहे, और उस पर अपने दांतों के निशान डाल दिए। फिर पापा ने अपना लंड चूत में से निकाला, और पूरा माल मेरी गांड पर ही डाल दिया। उसके बाद वो मेरे ऊपर ही सो गए।
दोस्तों उस दिन से आज तक हमारी रोज़ चुदाई होती है। अब तो मैं उनकी बीवी ही बन चुकी हूं, बस शादी करने की देरी है। कहानी का मजा आया हो तो दोस्तों के साथ भी शेयर करें।