मेरे मामा की बीवी-4 (Mere mama ki biwi-4)

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पिछला भाग पढ़े:- मेरे मामा की बीवी-3

नमस्कार दोस्तों, पिछली कहानी में बहुत सारे फीडबैक आए। बहुत सारी शादी-शुदा औरतों, लड़कियों और आदमियों के मैसेज आए। फीडबैक के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। कई औरतों लड़कियों ने मिलने के लिए और बहुत से लोगों ने हेल्प लेने के लिए भी मुझे मैसेज किया। मैं सबके रिप्लाई धीरे-धीरे कर रहा हूं। मुझे कनेक्ट करने के लिए आप मुझे “[email protected]” पर मेल कर सकते हैं।

मैं संगीता मामी से एक बार चिपक चुका था और अपना मोटा 7 इंच का लंड भी उसे दिखा चुका था। मैं सगी मामी की चूचियां और उसकी चूत भी अच्छे से रगड़ के मसला चुका था। अब आगे की बातें बताता हूं।

वापस जाने के बाद मैं हर दूसरे तीसरे दिन मामी को अपने लंड की फोटो भेजा करता था। मामी और मैं लगभग रोज फोन पर बात करते थे। मामी ने मुझे अपने बारे में बहुत कुछ बताया।

एक दिन फोन पर बात करते-करते मैं मामी से पूछा कि मामा कितनी देर तक आपकी चूत मारते हैं? आपकी चुदाई बढ़िया से करते हैं या नहीं?

तो मामी ने बोला कि मामा का जल्दी हो जाता है। मामी ने बताया कि मामा अच्छे से चोद नहीं पाते और बहुत जल्दी झड़ जाते है।

लगभग तीन-चार-छे महीने तक हम लोगों की बातें ऐसे ही चलती रही। एक दिन कॉल पर मामी ने बोला कि मुझे मामी मत बुलाया करो, मुझे संगीता कह कर पुकारा करो। इसके बाद से मैं भी उसे कभी संगीता और कभी मामी कह कर बुलाता था। हम यही सब बातें करते थे। जैसे गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड करते है।

मैं उसकी ब्रा-पैंटी का रंग, उसके ब्रा पैंटी का साइज और फिगर सब कुछ पूछता था। मैंने यह भी पूछा कि उसके पीरियड कब आते हैं और वह अपने चूत के बाल यानि अपनी झांट और बगल के बाल कब बनाती है। हमारी खूब ढ़ेर सारी बातें हुई। कुछ दिन बाद मामी ने मुझे अपने घर बुलाया।

जब मैं मामी के घर पहुंचा तो मामी बहुत नॉर्मली बिहेव कर रही थी। ऐसा लग ही नहीं रहा था कि हम लोगों ने फोन पर इतनी बातें करी है। मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। फिर हमने खाना खाया और खाना खाने के बाद मामी ने बोला कि-

मामी: मैं बाहर नाइट वॉक पर जा रही हूं, थोड़ी देर बाद आऊंगी।

ये सुन कर मैं भी मामी के साथ बाहर टहलने निकाल दिया। थोड़ी देर बाद मेरी और मामी की बातें शुरू हुई:

मामी बोली: और बताओ खाना कैसा लगा?

मैंने बोला: खाना बहुत बढ़िया था।

फिर मामी ने पूछा: आने में कोई दिक्कत तो नहीं हुई?

मैंने बोला: नहीं कोई दिक्कत नहीं हई।

मामी ने बोला: अच्छा वेरी गुड।

उसके बाद हम वॉक करने लगे। थोड़ी देर बाद मैने बातें शुरू की:

मैंने बोला: मामी आप बहुत प्यारी बहुत सुंदर लग रही हो।

मामी बोली: अच्छा ऐसा क्या है मुझमें?

मैंने बोला: सब कुछ तो है आप में। आपकी चूचियां बहुत मोटी-मोटी और टाइट है। आपकी गांड पूरी भरी हुई और गोल और इतनी मोटी है। आप चल रही हो तो आपकी गांड लहरा रही है। आपने दुपट्टा ले रखा है उसके बाद भी साफ-साफ पता लग रहा है आपके दूध कितने बड़े-बड़े हैं। आपका चेहरा कितना सुंदर है मामी। आपके होंठ भी बहुत रसीले हैं। मन हो रहा है आपको यही रोड पर लेटा के पूरा चूस लूं भर लूं दबोच लूं।

यह सुन कर मामी बिल्कुल चुप हो गई। उसकी सांस थोड़ी गहरी और भारी हो गई थी। और वह बस चले जा रही थी। वह कुछ बोल नहीं रही थी मैं समझ गया कि मामी भी गर्म हो गई थी। मेरा मोटा लंड बहुत टाइट हो गया था।

मैंने बोला: जब से हम लोग साथ टहल रहे हैं तब से मेरा लौड़ा बिल्कुल टाइट है। यह बस तुम्हारी चूत में जाने के लिए बेचैन है। मेरे शरीर में आग लग रही है। मुझसे रहा नहीं जा रहा है। मुझसे अपनी चूत मरवा लो, अपनी चूदाई करवा लो मामी।

मैं यह सब बोल ही रहा था कि मामी ने मेरी बात काटी और बोली कि: अब से एक भी बार मुझे मामी मत बुलाना। मुझे सिर्फ और सिर्फ संगीता बुलाओ। जब मैं अकेली हूं तो तुम्हारी संगीता हूं। दुनिया के सामने बस मैं तुम्हारी मामी हूं।

इसके बाद मैंने बोला कि मुझे तुम्हारा दूध पीना है और मुझे तुम्हारी चूत देखनी है। तो संगीता मामी ने बोला कि अभी घर चलेंगे तो कमरे में मत जाना पहले तुम छत पर जाना, फिर मैं छत पर आऊंगी।

घर पर जाने के बाद मैं फोन पर बात करने के बहाने छत पर चला गया। थोड़ी देर बाद काम निपटा कर मामी भी छत पर आई। मामी ने नीले रंग का सूट पहना हुआ था। मामी को देख कर मैं बहुत जोश में आ गया। मेरा लड पूरा तन गया। मैं खुद को काबू नहीं कर पाया और मैं मामी के ऊपर लपट पड़ा।

छत की दीवार पर लगा कर खड़े-खड़े ही मामी की गोरी चिकनी गुलाब जैसी महकती गर्दन को चूमने लगा मामी को चाटने लगा। मामी अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह करने लगी। मामी सिसकारियां भरने लगी।

छत की दीवार पर लगा कर खड़े-खड़े ही मामी की गोरी चिकनी गुलाब जैसी महकती गर्दन को चूमने लगा मामी को चाटने लगा। मामी अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह करने लगी। मामी सिसकारियां भरने लगी। इसके बाद मैं अपने दोनों हाथों से मामी के मोटे-मोटे चूचे दबाए। मैं बहुत कस के मामी के दूध दबा रहा था।

उनके निप्पल मुझे पता लग रहे थे कपड़े के ऊपर से ही और मैं कपड़े के ऊपर से ही मामी के निप्पल दबाने लगा। जब मैं मामी को कस के चूस रहा था, उसका शरीर चूमे जा रहा था, उसके मोटे-मोटे भरे हुए स्तन और दो बच्चों की मां के मोटे निप्पल को हाथ से दबा रहा था, तब मामी ने कांपती हुई आवाज में बोली: रुक जाओ यहां कोई देख लेगा।

मैंने मामी की बात नहीं सुनी और उनको चूसते रहा। उनकी गर्दन चूस ही रहा था कि जोश में आकर मैंने उनका सूट साइड से सरकाया। सूट इतना फिटिंग का टाइट था कि साइड से हल्का सा फट भी गया। सूट फटने की वजह से मामी की अंदर की सफेद ब्रा साफ़-साफ़ दिखाई दने लगी।

इसके बाद मैंने अपना हाथ मामी की ब्रा के अंदर घुसा दिया और जबरदस्ती खींचते हुए मामी के मोटे-मोटे दूध बाहर निकाल लिए। मैं मामी के चूचियों पर चूमने लगा। मामी की चूचियां चूसने लगा। मैं मामी के निप्पल को चूस रहा। मामी आह भर रही थी अह्ह्ह आह्ह, ऐसी आवाज निकाल रही थी।

हम लोग घर की छत पर थे शायद कोई देख भी सकता था। लेकिन मैं इतना जोश में था की छत पर ही मामी की चूचियों को नंगा कर दिया। अब मैं मामी की चूचियों को खूब कस-कस के दबा रहा था और अपने दोनों हाथों से एक-एक मोटे चूचे पकड़ता, उसको रगड़ के दबाता, उसके बाद अपने मुंह से उनके निप्पल चूस रहा था।

ऐसे करते-करते मामी बहुत गर्म हो गई। वह मेरा सर अपने चूचों पर दबाए जा रही थी। मैं भी बहुत मदमस्त हो गया था। इसी मस्ती में मैं मामी के मोटे निप्पल को दांत से काटना, मुंह से चूसना और हाथ से दबाना शुरू कर दिया। मामी भी आवाज निकाल रही थी वो सिसकारियां भरे जा रही थी। अह्ह्ह उफ्फफ ओह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह उफ्फफ ईईई ओह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह्ह्ह्ह, मामी यह सब आवाज निकाल रही थी।

दोस्तों मैं अपने सगी मामी को ऊपर से नंगा कर दिया था और उसके शरीर को चूसने भी लगा था। मामी भी पूरे मूड में थी। अब उसके बाद जो हुआ मैं आपको अगली कहानी में बताऊंगा। क्योंकि ये कहानी बहुत बड़ी होती जा रही है। यह सब बिल्कुल सच्ची घटना है।

आगे की कहानी मैं आपको अगले भाग में बताऊंगा, क्योंकि कहानी बहुत लंबी हो जाएगी। आप मुझे अपना फीडबैक अवश्य दें। फीडबैक के लिए या किसी हेल्प या रियल मीट के लिए भी मुझे ईमेल करे।

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