पाकिस्तानी अंकल ने चोदी मेरी गांड (Pakistani uncle ne chodi meri gaand)

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मेरा नाम उज्जवल है। मैं दिल्ली में रहता हूं। मेरी उमर 23 साल है। मैं एक एवरेज बॉय हूं, पर मेरा जिस्म कोमल है। मेरे जिस्म पे थोड़े-थोड़े बाल है। मेरी हाइट 5.7 फुट है। मैं एक कॉलेज बॉय हूं।

ये किस्सा कुछ 1 साल पुराना है। मुझे घूमने का बहुत शौक है। कुछ दिन पहले मेरे दोस्तों ने कश्मीर घूमने का प्रोग्राम बनाया था। पर कोई ना कोई वजह से वो प्रोग्राम सफल नहीं हो पाया।

तो मैंने अकेले कश्मीर घूमने का प्रोग्राम बना लिया। मैंने कई बार सोलो ट्रिप किया है। तो मैं घर से कॉलेज ट्रिप बोल कर कश्मीर के लिए निकल गया, ताकि वो परेशान ना हो। मैं कई बार कॉलेज ट्रिप बोल कर अकेले घूमने चला जाता था।

मैं कुछ 4 बजे कश्मीर पहुंच गया। लेकिन वहां पर किसी होटल में रूम नहीं मिल रहे थे। मैंने खूब ढूंढा पर वहां पर सारे होटल फुल थे। मैं बहुत परेशान हो गया था। पर तभी मुझे एक आदमी मिला जो भी होटल में रूम ढूंढ रहा था।

उसका नाम अशरफ था। वो थोड़ा हेल्थी था और जिस्म भी कसा हुआ था। ना जाने क्यों उनकी तरफ मेरा आकर्षण हुए ही जा रहा था। उनकी हाइट मुझसे 1-2 इंच लंबी थी।

उन्होंने मुझे बताया कि इस टाइम पे रूम मिलना बहुत मुश्किल होता है। मैं भी उनसे बाते करने लगा। उन्होंने मुझे अपने बारे में बहुत कुछ बताया,‌ कि वह सऊदी में रहते थे। पर उनका जनम पाकिस्तान में हुआ था। उनकी उमर 50 साल थी। सऊदी में उनका बहुत अच्छा बिज़नेस था। उनकी फैमिली में कोई नहीं था। एक एक्सीडेंट में उनकी फैमिली मर गई थी और उनको कश्मीर बहुत पसंद था। वो यहाँ आते-जाते रहते थे।

मैंने अपने बारे में भी बहुत कुछ उनको बताया कि मुझे घूमने का शौक है। मेरी फैमिली में पापा मम्मी है। मेरे पापा एक छोटा सा बिज़नेस है और मेरी मम्मी एक हाउसवाइफ है। मैं यहां पर घूमे आया हूं। वगैरह वगैरह…

ऐसे बाते करते-करते बहुत टाइम बीत गया। तभी अचानक से उनको पता चला कि किसी की बुकिंग कैंसिल हुई थी। तो वह ये कमरा खुद के लिए बुक कर लेते है। और मुझे अपने कमरे में इनवाइट करते है।

पर मैं मना कर देता हूं। ऐसे-कैसे किसी के भी कमरे में चला जाऊं? पर तभी वो मुझे बोतले है कि इस टाइम पर कहा रूम ढूंढते फिरते रहोगे। और मुझे समझते है कि यह इतनी रात में घूमना भी सही नहीं है। तुम अकेले हो, और कोई भी तुम्हें लूट सकता है। इसीलिए मेरे साथ इस रूम में रहो और आराम करो।

मुझे उनकी ये बात बहुत सही लगती है, तो मैं उनके साथ उनके रूम में रहने को तैयार हो जाता हूं। हम रूम में पहुंचते है। वह रूम भी बहुत अच्छा था। एक डबल बेड था जिसमें दो लोग आराम से सो सकते थे। नीचे एक गद्दा भी लगा हुआ था।

मैंने उनसे बोला कि “आप बेड में सो जाएं मैं नीचे गद्दे पे सो जाऊंगा।” मेरी ये बात सुन कर वह मुस्करा कर बोले कि, “ये डबल बेड है। यहां पर दो लोग आराम से सो सकते हैं। तो तुम आराम से बेड पे सो जाओ।” मैंने उनकी ये बात भी मान ली। फिर वो फ्रेश होने के लिए वॉशरूम में चले गए। मैंने भी अपने कपड़े निकाल कर एक हल्की सी टी-शर्ट और पजामा पाहन लिया।

जब वो अंकल वॉशरूम से बाहर आए तो मेरी तो आंखे फटी की फटी रह गई। वो बिल्कुल नंगे होकर बाहर आए थे। यह तक की उन्होंने अंडरवियर तक नहीं पहना हुआ था। ये नज़ारा देख कर मेरी सांसे तेज हो गई। उफ्फ उनका नंगा कसा हुआ जिस्म और उसके छोटे-छोटे बाल मुझे और भी अंदर से पागल कर रहे थे। लंड थोड़ा-थोड़ा खड़ा हो रहा था उनका। उनका जिस्म सच में बहुत सुंदर था। बहुत ताकतवर और आकर्षक लग रहे थे वह मुझे।

उनके प्रति मेरा आकर्षण और भी ज्यादा बढ़ गया। मेरी गांड में मुझे कुछ अलग सा एहसास हो रहा था। मैंने जैसे-तैसे खुद को संभाला और उनकी थोड़े गुस्से में बोला “ये क्या तरीका है अंकल। आप इस हालत में मेरे सामने क्यों खड़े हुए है?” वह मुझसे बोला कि, “मैं हमेशा नंगा होकर ही सोता हूं।”

दोस्तों मैं सच बोलूं तो मुझे ये सब बहुत अजीब पर अच्छा भी लग रहा था। पर मैं अपनी फीलिंग दिखना नहीं चाहता था। ये मेरे साथ पहली बार था। समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं। उस वक्त दिमाग काम ही नहीं कर रहा था।

मैंने खुद को संभाला और उनको गुस्से में बोलने लगा, “ये क्या तरीका है। मैं ऐसे किसी का साथ बिस्तर पे नहीं सोता। आप या तो कपड़े पहनो, या मैं नीचे गद्दे पे सोता हूं।” मेरा ध्यान उनके नंगे जिस्म पे था।

मेरी ये बात सुन कर वो प्यार से मुझसे बोले, “देखो मुझे ऐसे ही नींद आती है और इसमें बुराई भी क्या है? कोई भी जैसा चाहे वैसे सो सकता है। और तुम फिक्र मर करो, तुम बहुत कंफर्टेबल हो कर मेरे साथ बिस्तर पे सो सकते हो।”

उनके काफी समझाने के बाद मैं उनके साथ बिस्तर पे सोने के लिए तैयार हुआ। दोस्तों बहुत ही अलग और अजीब एहसास था। मैं एक नंगे अंकल के साथ एक ही बिस्तर पे सो रहा था। मुझे नींद नहीं आ रही थी। उनका लंड मुझे अपनी गांड पर फील हो रहा था।

कुछ समय बाद मैंने अपनी टी-शर्ट में एक हाथ फील किया जो मेरे बूब्स को दबा रहा था और मेरी कमर के साथ खेल रहा था। मुझे अजीब और अच्छा दोनों एक साथ लग रहा था। फिर कोई दूसरा हाथ मेरे पजामे में जाकर मेरी गांड दबा रहा था।

क्या बताऊं दोस्तों कमाल का एहसास था एक हाथ मेरे बूब्स के साथ खेल रहे थे और दूसरे मेरी गांड का मजा ले रहे थे। मेरे तो दिमाग ने ही काम करना बंद कर दिया था। अब तो बस में यही चाह रहा था कि जो हो रहा था होने दो।

तभी अचानक से मुझे सुसु आ गया। जैसे ही मैंने वॉशरूम जाने के लिए उठने लगा तभी अंकल ने अपने हाथ वापस अपने पास खींच लिए। शायद वो डर गए थे।
मैं वॉशरूम में जाकर फ्रेश होने लग गया और जैसे ही मैंने हाथ साफ किए तो मेरे सोचा कि क्यों ना खुल कर मजा लूं, मजा तो मुझे भी आ ही रहा था। एक बार ट्राई करके देखता हूं कि ये सब करने में कितना मजा आता है।

ये सब सोच कर मैंने अपने सारे कपड़े निकाल दिए, यहां तक की अंडरवियर भी निकाल दिया। मैं बिल्कुल नागा हो कर बिस्तर पे लेट गया।

जैसे ही उन्होंने अपनी हरकते शुरू करी, तो उनको पता चल गया कि मैं भी अब नंगा था। और अब वो जो चाहे वो कर सकते थे। फिर क्या था, वो मेरे जिस्म से चिपक गये। मेरी कमर पे वो अपना हाथ दौड़ाने लगे। कभी मेरी कमर दबाते तो कभी मेरे बूब्स। मुझे भी बहुत मजा आ रहा था। मैं भी उनका पूरा साथ दे रहा था।

उन्होंने मुझे खुद से चिपकने के लिए बोला। मैं बिना कुछ बोले उनसे चिपक गया। फिर उन्होंने मेरी गांड पे अपने दोनों हाथों से थप्पड़ की मानो बरसात ही कर दी। वो साथ-साथ मुझे लिप तो लिप डीप किस्स भी कर रहे थे। ऐसा लग रहा था कि मैं उनकी बीवी था।

वो अपनी अंगुली मेरे गांड के छेद पे डाल कर उनको अंदर-बाहर करने लगे। उन्होंने मुझे कस के पाकड़ रखा था, मैं हिल नहीं पा रहा था। मैं बस आह अंकल आह अंकल अच्छा लग रहा अंकल और करो अंकल आअ… ” करके मजा ले रहा था।

उन्होंने मुझे बोला, “मुझे अंकल मत बोल। तू मुझे अशरफ बोल। अभी तेरी गांड की सील नहीं टूटी। पर आज में इसे तोड़ के मानूंगा। इसीलिए तू मेरा लंड चूस और इसे इतना गीला कर दे, जिससे ये आराम से तेरे अंदर चला जाये।”

मेरे पास और कोई चारा नहीं था। मैं उनके लंड के पास गया और उसको मुंह में लिए, और उसे लॉलीपॉप के जैसे चूसने लगा।अंकल बोल सिसकियां भर रहे थे “आ आआआआ… क्या चुसता है तू बिल्कुल मेरी बेगम जैसे आआ… मजा आ रहा है और चूस इसे आ…‌। सच बताओ तो मुझे लंड चूसने में बहुत मजा आ रहा था। उनका लंड 7.5 इंच का था। और वो भी मुझे प्यार से अपना लंड चुसवा रहे थे। धीरे-धीरे अपना लंड मेरे मुंह में अंदर-बाहर भी कर रहे थे।

बहुत देर चूसने के बाद वो एक क्रीम अपने बैग से लेकर आए और उनको मेरी गांड के छेद पे लगाने लगे। उसके बाद उन्होंने मुझे पेट के बल लिटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गए। फिर अपना लंड मेरी गांड के छेद पे सेट किया और एक जोर से धक्का मारा और आधा से ज्यादा लंड मेरी गांड में चला गया। मेरी तो मानो जान ही निकल गई। मैं बोल भी नहीं पा रहा था कि इसे निकालो। वो मेरे ऊपर चुप-चाप लेट गए जिससे मैं हिल भी नहीं पा रहा था। मेरी आँखों में आंसू थे।

वो मुझे धीरे-धीरे किस्स भी कर रहे थे। मेरे गालों को बड़े प्यार से चूम रहे थे। कुछ देर बाद मेरा दर्द कम हो जाता है और जैसे ही मैं उठने की कोशिश करता हूं, वह जल्दी से अपना पूरा लंड मेरे अंदर डाल देते है। और में फिर से ढेर हो जाता हूं।

अब उनका लंड मेरी गांड के अंदर था और वो धीरे धक्के मार रहे थे। कुछ समय बाद मेरा दर्द खत्म हो गया। और फिर वो मेरी गांड में अपना लंड आगे-पीछे करने लगे। धीरे-धीरे स्पीड बढ़ने लगी, और साथ में मेरी सिसकियां भी।

मेरे मुंह से बस “आ आआआ आआ अंकल बहुत मजा आ रहा है आ आआ आआआ और चोदो मुझे आआआआअ….”

अंकल मुझे गुस्से में बोलते है “अंकल मत बोल मुझे। अब मैं तेरा शौहर हूं और तू मेरी बेगम। मुझे अशरफ बोल अब मेरी बेगम बन कर मजा ले। ”

ये सुनते ही मानो मुझे तो जन्नत मिल गई। जो पाकिस्तानी मेरे पापा को पसंद नहीं थे, मैं अब पाकिस्तानी की बीवी बन चुका था। बहुत ही खूबसूरत समा था वो। मैंने अब अंकल को मैंने अपना शौहर मान लिया था।

अब में उनको अशरफ ही बोल कर उनको चूदाई के लिए बोल रहा था। मैं उनकी बीवी की तरह बोलने लगा, “चोदो मुझे अशरफ चोदो अपनी बेगम को इश्क़ दो अपना। ये तुम्हारी बेगम की गांड है। आज इस पर अपना इश्क़ फरमाओ। आआआ चोदो मुझे अशरफ चोदो…।”

मेरे इसे बोलते ही मानो उसमें बिजली सी दौड़ पड़ी। उसकी स्पीड और बढ़ गई। मुझे एहसास हो रहा था कि मेरी गांड फूलने लगी थी। और सच में मेरे लिए ये तो कुछ अलग और बहुत ही अच्छा एहसास था।
अब अशरफ मेरे ऊपर से हटा और मुझे बोला, “तुम मेरी बेगम की तरह मेरे लंड की सवारी करो।”

मैं भी अब पूरे जोश में था। मैं उठा और उसकी गोद में बैठ गया। और उसका लंड अपनी गांड में ले लिया और उसके लंड पे कूदने लगा। वो भी इसका बहुत मजा ले रहा था।

मुझे चूमता! मेरे बूब्स अपने दोनों हाथों से दबाता। कभी मेरी गांड पे थप्पड़ मारता। तो कभी मुझे खुद से ज़ोर से चिपका देता।
अशरफ ने मुझे अपने ऊपर से हटाया और अपना लंड मेरे मुंह में डाल कर मेरा मुंह चोदने लगा। फिर कुछ समय बाद उसने अपना पानी मेरे मुंह में डाल दिया, और मुझे पीने को कहा। मैंने वो पानी पी लिया।

अब हम दोनों के बीच बाते होने लगी।

मैंने कहा, “ये मेरा पहेली बार है। और मुझे बहुत मजा आया आपकी बेगम बन कर आपसे चुदाने में। वैसे आप मुझे पहले ही अच्छे लगे थे, पर मैं समझ नहीं पा रहा था।”

अशरफ बोला “मैं समझ सकता हूं। पर तुम बहुत अच्छे से चुदे। सच में, मुझे भी बहुत मजा आया।”

मैं मस्ती में एक सवाल पूछता हूं, “क्या आप सब को अपनी बेगम बना कर ही चोदते हो। या मैं ही इतना स्पेशल हूं?”

वो मुस्करा कर जवाब देते है, ” तुम्हारी ना शकल थोड़ी-थोड़ी मेरी बेगम से मिलती है, और तुम उसी की तरह चुदे हो जैसा वह पसंद करती थी। इसीलिए मैंने तुम्हे अपनी बेगम कहा। सच कहो तो मैंने काफी लड़के और लड़कियां चोदी है। पर तुमको चोदने में मुझे बहुत ज्यादा मजा आया। मुझे अपनी बेगम की याद दिला दी तुमने।”

मैंने प्यार से उनसे बोला, “ठीक है फिर जब तक मैं आपके पास हूं, आप मुझे ही अपनी बेगम समझाइये और मुझे जितना चाहे उतना चोदिए।”

ये सुनते ही अशरफ ने मुझे डीप लिप किस्स किया और मुझे थैंक्यू बोला। उस रात मैंने और अशरफ अंकल ने शौहर बेगम बन कर 4 या 5 बार चुदाई का खेल खेला।

उम्मीद करता हूं आपको ये कहानी अच्छी लगे। और अगर कोई जाने अनजाने से मुझसे कोई गलती हो गई हो, तो मुझे माफ कर देना। थैंक्यू!

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