पिछला भाग पढ़े:- आंटी की प्यास और जवान किरायेदार-1
नमस्कार दोस्तों, मैं सीमा अपनी हॉट सेक्स स्टोरी का अगला भाग लेकर हाजिर हूं। उम्मीद है पिछला हिस्सा आप सब ने पढ़ लिया होगा, और आपको पसंद भी आया होगा।
पिछले भाग में आपने पढ़ा कि हमारे घर में एक जवान लड़का किरायेदार बन कर आया। उसको देखते ही मेरी प्यासी चूत लंड मांगने लगी। फिर मैं उसका लंड देखने के लिए उसके कमरे में चली गई, जहां वो बाथरूम में नंगा हो कर किसी लड़की के साथ वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। अब आगे-
अंकुश जिस लड़की से बात कर रहा था, वो उसकी गर्लफ्रेंड थी। ये उनकी बातों से पता चल रहा था। वो उससे गंदी बातें कर रहा था, और अपना खड़ा लंड उसको फोन पर दिखा रहा था। मेरी नज़र तो अंकुश के लंड से हट ही नहीं रही थी। कम से कम 6.5 इंच का लंड लग रहा था। और मोटा तो इतना था, कि मेरी कलाई भी उसके सामने पतली लगने लगी।
अंकुश का लंड देख कर मैं सोच रही थी, कि इतना बड़ा लंड अंदर लेने में तो मुझे जैसी शादी-शुदा औरत को तकलीफ होगी। तो उसकी गर्लफ्रेंड कैसे मैनेज करती होगी? फिर मैंने सोचा कि पता नहीं, अभी तक उन्होंने सेक्स किया भी होगा के नहीं।
अंकुश जितनी गंदी बातें अपनी गर्लफ्रेंड से कर रहा था, उससे ये साफ था कि वो कितना कामुक था, और चुदाई की प्यास उसको भी बहुत थी। मैं उसकी बातें सुन-सुन कर ही मजा ले रही थी। मेरा हाथ अपने आप ही उसको देखते हुए मेरी चूत पर चला गया। मेरी आंखें बंद हो गई, और मैं सब भूलने लगी।
तभी मुझे अंदर से शॉवर बंद होने की आवाज आई, तो मैं जल्दी से कमरे से बाहर जाने लगी। हड़बड़ी में मेरा हाथ रास्ते में पड़े वास पर लग गया और वो गिर गया। उसकी आवाज़ सुन कर अंकुश ने अंदर से आवाज़ दी-
अंकुश: कौन है?
मैंने कोई जवाब नहीं दिया और जल्दी से वहां से निकल के अपने कमरे में आ गई। जब मैं कमरे में आई तो मेरी धड़कने बहुत तेज़ थी। मुझे बहुत डर लग रहा था कि कहीं अंकुश ने मुझे नहीं देखा। मैं काफ़ी देर ऐसे ही बैठी रही। अब रात के 9 बज चुके थे। अंकुश मेरे पास अभी तक नहीं आया था। मैंने सोचा कि उसने मुझे नहीं देखा होगा। फिर मैंने अपना नाइट सूट (टी-शर्ट और पायजामा) पहना और किचन में जाके काम करने लगी।
सबसे पहले मैं बर्तन धोने लगी, जो शाम के पड़े थे। अभी मैं बर्तन धो ही रही थी, कि अचानक पीछे से मेरी कमर में 2 हाथ आए, जिन्होंने मुझे जकड़ लिया। मैंने घबरा कर पीछे देखा, तो वो हाथ अंकुश के थे। उसको देख कर मैं हैरान हो गई। मैंने उसको पीछे करने की कोशिश की, लेकिन उसकी पकड़ मजबूत थी। फ़िर मैंने उसको कहा-
मैं: ये क्या कर रहे हो अंकुश?
अंकुश: वही कर रहा हूँ, जिसकी आपको और मुझे ज़रूरत है।
मैं: क्या मतलब तुम्हारा?
अंकुश: मैंने देख लिया था तुम्हें बाथरूम के बाहर खड़े हुए। और मैं जानता हूँ तुम भी बहुत प्यासी हो। अंकल जिस हिसाब से घर पर रहते हैं, तुम्हारी क्या ही चुदाई करते होंगे।
जब अंकुश मुझसे ये बोल रहा था, तब उसका मोटा लंड मेरी गांड पर चिपक रहा था कपड़ों के ऊपर से। मैं पकड़ी जा चुकी थी, तो मैं उसको बोलती भी क्या। और मेरी चूत तो वैसे ही लंड मांग रही थी। इसलिए मैंने चुप रहना ही बेहतर समझा।
तभी अंकुश ने मुझे अपनी बाहों में घुमाया। अब हमारे चेहरे आमने-सामने थे। हमारी आंखें एक-दूसरे को देख रही थी, और हमारी सांसें तेज़ थी। तभी वो बोला-
अंकुश: तरस आता है अंकल पर। जिनके पास इतनी अच्छी माल है। लेकिन उनको इसका एहसास नहीं है।
ये बोल कर उसने अपना चेहरा मेरे चेहरे की तरफ बढ़ाया और होठों से होठों को जोड़ दिया। अब वो जवान लड़का मेरे होंठ चूस रहा था। शुरू-शुरू में मैंने उसका साथ नहीं दिया। लेकिन कुछ ही सेकंड बाद मैंने अपना कंट्रोल खो दिया और उसका साथ देने लगी। आख़िरकार मैं भी तो यही चाहती थी। अब हम दोनों पैशनेट किसिंग कर रहे हैं।
वो किस्स करते हुए मेरे स्तनों को मसल रहा था, जिससे मैं और ज्यादा कामुक हो रही थी। कुछ देर की किसिंग के बाद मैं काफी गरम हो गई थी। उसने जब छोड़ा तो मैंने उसको एक हवस भरी मुस्कुरा दी। वो भी समझ गया कि अब मैं उसका माल थी।
उसने मेरी टी-शर्ट और ब्रा निकाली, और मेरे स्तनों को चूसने लगा। बहुत मजा आ रहा था। वो मेरे स्तनों को खा जाना चाहता था। स्तन चूमते हुए वो नीचे बैठा, और मेरा पेट चाटने-चूमने लगा। फिर उसने मेरा पायजामा उतार दिया। रात में मैं पैंटी नहीं पहनती, तो अब उसके सामने मेरी नंगी चूत थी।
उसने देखते ही मेरी चूत पर अपना मुँह लगा लिया और उसको चाटने लगा। इस तरह से उसने मेरा एक सपना पूरा कर दिया। उसकी चूत चाटने में मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैंने सोचा भी नहीं था कि इतना मजा आता होगा। उसने तकरीबन 10 मिनट में मेरी चूत चाटी। इससे मैं खड़ी-खड़ी ही झड़ गई, और वो मेरा पानी पी गया।
फिर वो खड़ा हुआ और अपने कपड़े उतार कर नंगा हो गया। उसका लंड खड़ा था, और मुझे पता था क्या करना था। मैं अपने घुटनों पर बैठी, और उसके लंड को चूसने लगी। वो मेरे बाल पकड़ कर मुँह में धक्के देने लगा। जब वो मेरी सांस रोकता है तो मुझे बहुत मजा आता है।
कुछ देर मुह की चुदाई के बाद उसने मुझे बाहों में उठाया। आज तक मुझे ऐसे किसी ने नहीं उठाया था। वो मुझे मेरे बिस्तर पर ले गया, और मैंने टांगें खोल कर उसका स्वागत किया। फ़िर वो मेरे ऊपर आया, और अपना लंड मेरी चूत पर सेट किया। उसके बाद उसने धक्का मारा, जिससे आधा लंड मेरी चूत में चला गया। मेरी चीख निकल गई, लेकिन वो रुका नहीं, और प्रेशर बना कर पूरा लंड चूत में घुसा दिया।
मुझे अपनी चूत भरी-भरी लगने लगी, और दर्द भी हो रहा था। लेकिन मज़ा ज़्यादा आ रहा था। फिर उसने धीरे-धीरे मुझे चोदना शुरू किया। साथ में वो मेरे होंठों और स्तन चूसने लगा। थोड़ी देर में मुझे बहुत मजा आने लगा। ये देख कर अंकुश ने अपनी स्पीड बढ़ानी शुरू कर दी। कुछ ही देर में वो राजधानी एक्सप्रेस की स्पीड से मेरी चुदाई करने लगा। मैं भी आह्ह आह्ह करते हुए, टांगें उठा कर चुदाई का मजा लेने लगी।
2 घंटे तक उसने मेरी चुदाई की। उसने मुझे बहुत सारे पोजीशन में चोदा। मैं 3 बार झड़ चुकी थी। फिर आख़िरकार उसने अपने माल से मुझे नहला दिया। उसके बाद मैं थकी हुई नंगी ही लेटी रही, और वो भी मेरे साथ लेट गया।
दोस्तों उस दिन से वो जब चाहे मुझे चोदता है। मुझे भी बहुत मजा आता है। आपको कहानी पढ़ कर मजा आया तो [email protected] पर मेल करके फीडबैक दे।