मेरा नाम अविनाश है, मैं एक राज्य सरकार में ऊंचे पोस्ट पर हूं। मेरे काई कामों में एक काम ये भी था, कि अगर कोई नई लेडी ट्रेनी ऐसी आए, जिनका रहना-सहन या चाल-चलन से ऐसा लगे कि ये आगे चल कर सेक्शुअली फेवर कर सकती हैं, तो ऐसी लेडीज को तलाश करना और बहुत कम ऑफिस वर्क देकर एक्स्ट्रा वर्क करना, उनकी सेक्शुअली फेवर लेना, ताकि वो हाई क्लास डेलीगेट्स को एंटरटेन कर सकें!
इसमें फ़ायदा ये था कि नौकरी में होने के कारण वो अपना चाँद कहीं बाहर नहीं खोल सकती थी और पैसा इतना था कि वो संतुष्ट रहती थी। हमारी कोशिश शादी-शुदा औरतों को चाहने वाली थी, लेकिन अविवाहित भी हम ट्रेन कर लेते थे।
ऐसे ही एक बैच को मैं प्रशिक्षण दे रहा था, तो मैंने दो लेडीज को अच्छे से मॉनिटर किया और मुझे लगा कि ये मेरे काम के लिए उपयुक्त है। शनिवार का दिन था ऐसे सब की हॉलिडे थी, लेकिन मैंने दोनों को कुछ मिसिंग डाक्यूमेंट्स बोल कर रोक लिया था, तथा उन्हें मेरे चैम्बर में बुलाया था और उनसे मुखातिब था।
उनमें से एक का नाम सावित्री था, तथा एक का नाम निशा था। दोनों विवाहित महिला थी। उनकी डिटेल कुछ इस प्रकार है:-
सावित्री: लगभग 33 साल की शादी-शुदा फेयर महिला थी, उसकी हाइट फाइव फ़ीट 4 इंच थी। जिसका चेहरा गोल था और उसमें मुस्कराहट हमेशा रहती थी। बाकी विवरण मैं बाद में दूंगा सावित्री के बारे में।
निशा: वो लगभग 27 साल की शादी-शुदा गोरी महिला थी! उसकी हाइट भी लगभग सेम थी फाइव फ़ीट 3 इंच। उसका चेहरा लम्बा था, और उसकी आँखों में एक बिल्लोरी चमक रहती थी। बाकि विवरण मैं बाद में दूंगा निशा के बारे में।
दोनों ने आकर मुझे अभिवादन किया!
सावित्री: गुड आफ्टरनून सर!
निशा: गुड आफ्टरनून सर।
मैं: गुड आफ्टरनून ब्यूटीफुल लेडीज! बैठिये इत्मीनान से ! पहले ये जान लीजिये कि आपका सारा डॉक्यूमेंट कम्पलीट है और आप लोग की ट्रेनिंग में भी अच्छे मार्क्स हैं। आप दोनों को एक स्पेशल ट्रेनिंग के लिए चुना गया है, जिसके लिए हर साल दो लेडीज को चूस किया जाता है। इस बार मैंने आप लोग को चुना है।
मैं: मैं पहले ये बता दूँ कि अगर तुम दोनों हामी भरती हो तो अभी एक लाख रुपये रिवॉर्ड और एक फोन दोनों को मिलेगा। फिर जब भी काम हो, एक्स्ट्रा मनी मिलता रहेगा।
मैं एक क्षण उनकी प्रतिक्रिया देखने के लिए रुका। उनके चेहरे पर उलझन के भाव थे, और मैं आगे बोलता गया।
मैं: इसमें तुम्हें ऑफिस वर्क ना के बराबर करना होगा। पैसा बाकी सब जितना ही मिलेगा। लेकिन जब तुम्हारी जरूरत हो जोकि महीने में एक या दो बार हो सकती है, तो उसका अलग पैसा मिलेगा।
निशा: लेकिन करना क्या होगा?
मैं: सवाल ये है पहला कि इतनी लड़कियों में सिर्फ तुम दोनों को क्यों चुना गया?
सावित्री: क्यों सर?
मैं: क्योंकि तुम दोनों बाकी सबसे ज्यादा खूबसूरत हो। तो अब जब यहां खूबसूरत पैमाना है क्वालिफाई करने का, तो समझ सकती कि क्या करना होगा! बस तुम लोगों को थोड़ी अपनी जवानी लुटानी होगी कुछ हाई क्लास डेलीगेट के सामने। जब भी ऐसा कॉल हो। अब बोलो तुम दोनों रेडी हो। नहीं तो किसी और को सेलेक्ट कर लेंगे।
मैं: अगर तुम दोनों को सोचना है तो 10 मिनट का समय है। दोनों आपस में बात कर लो, मैं आता हूं तब तक। और हां, अगर रेडी हो तो ये दो आई-फोन, एक-एक दोनों के लिए, और 1 लाख रुपये दोनों को एडवांस ये एक्स्ट्रा है।
ये कह कर मैं निकल जाता हूं। 10 मिनट बाद मैं आता हूं, और फिर नॉन वेज और स्नैक्स का ब्रेकफास्ट आ जाता है। और तीनों टेबल पर बैठ कर खाते हुए डिसकस करते हैं।
मैं: अब बोलो। मैं नॉर्मल लैंग्वेज में बात करूं कि खुल कर बोलूं जो बोलना है?
लास्ट ईयर भी हम लोग दो लड़कियों को ट्रेन किये थे। मैंने ही ट्रेनिंग दिया था। आज दोनों ऐश कर रही है अपनी फैमिली के साथ।
दूसरी: खुल कर बोलिये सर, जैसा बोलना है। मैं तैयार हूं (और अपना दुपट्टा एडजस्ट करती है बूब्स को देख कर)।
मैं: तुम दोनों को हमारे डेलीगेट्स को खुश करना होगा। एंटरटेन करना होगा। साफ-साफ शब्दों में कहा जाए तो तुम लोग दोनों को चुदवाना होगा जब भी जरूरत पड़े। बदले में आराम की ज़िंदगी।
और कब, क्या, कैसे करना होगा, ये सारी ट्रेनिंग मैं दूंगा। एक-एक स्टेप डिटेल में बताऊंगा।
सावित्री: मैं तैयार हूं सर (हंसते हुए और शर्माते हुए)।
निशा: मैं भी तैयार हूं अगर सावित्री तैयार है तो।
मैं: ग्रेट! तुम दोनों को मजा भी आने वाला है, और लाइफ़ भी सेट हो जाएगी तुम्हारी (चाय पीते हुए)।
फिर मैंने चाय का कप रखा, और दराज में से टेप निकल कर ले आया। फिर मैंने सावित्री को एक व्हाइट पेपर और पेन दिया, और निशा को बोला: निशा तुम यहाँ आकर इस पर चढ़ कर खड़ी हो जाओ। मुझे तुम्हारे डिटेल्स लेने हैं। और सावित्री तुम सारा डिटेल नोट करना। फिर जब निशा का हो जाएगा तो तुम्हें बुलाऊंगा।
रूम लॉक्ड था और बहुत धीरे-धीरे कोई सेक्सी म्यूजिक बज रहा था। निशा आकर 1 फीट ऊँचे चबूतरे पर खड़ी होती है, वो रेड सूट और व्हाइट लेगिंग्स में होती है। उसकी उम्र 27 की है और वो अविवाहित महिला है, लेकिन वर्जिन है कि नहीं ये अभी पता लगना बाकी था। और दुपट्टा साथ में होता है।
मैं दुपट्टा हटा देता हूं। फिर बोलता हूं: ये सूट और लेगिंग्स उतरना होगा।
पहले वो शर्माती है, फिर मैं बोलता हूं, अब शर्माने की कोई जरूरत नहीं, ये सब तो शुरुआत है, शर्म पूरी तरह से भूल जाओ।
फिर वो पहले अपना सूट हाथ ऊपर करके निकलती है। अंदर सिर्फ जॉकी गुलाबी ब्रा रह जाता है। फिर नीचे से भी निकाल देती है, फिर मैं उसे ध्यान से देखता हूँ।
मैं: बहुत मस्त फिगर है तुम्हारा निशा।
फिर मैंने टेप से उसका हाइट मेज़र किया, और सावित्री को बोला: लिखो उमर 27, हाइट 5’4″, स्किन कलर व्हाइट। चलो अब हाथ ऊपर उठाओ। स्तन का साइज नापना है। वैसे कितना साइज का ब्रा पहनती हो?
निशा: 36 का है सर।
फिर भी नाप लेता हूं, और फिर मैंने पीठ के पीछे से फीता पार करके चूची के बीच तक 35 प्लस था। इसी क्रम में मैंने बूबे को हल्का दबाया। वो हल्का मुस्करा कर मुझे देख रही थी, हाथ ऊपर था। मैंने देखा अंडरआर्म्स क्लीन थे।
मैं: सावित्री लिखो, चूची साइज 36, कसा हुआ चूची।
और इसी क्रम में मैंने चूची को दोनों हाथ से दबाया, और बोला: बहुत मेंटेन की हो। बूब्स तुम्हारे बहुत टाइट है। सावित्री लिखना, बहुत कसा हुआ चूचियां,
अंडरआर्मस क्लीन शेव्ड।
फिर मैंने कमर के पास ले जाकर मेज़रमेंट लिया, और इस क्रम में नीचे बैठ गया। ब्लैक कलर की पैंटी मेरी आँखों के सामने थी।
मैं: सावित्री लिखो, कमर 28।
फिर मैंने नीचे बैठ कर फीता को गांड से घुमा कर ठीक चूत के सामने दोनों हाथ को मिल कर मेजरमेंट लिया, 36″ की गांड थी।
मैं: सावित्री लिखो, गांड 36″।
फिर हाथ पीछे ले जाकर दोनों चूतड़ को दबा कर देखा, और कहा: लिखो, नितंब कसा हुआ।
अब निशा भी धीरे बोल्ड हो गई थी। उसने एक पैर को हल्का ऊपर उठा कर चूत को मेरे मुंह के सामने कर दिया। मुझे एक मस्त खुश्बू का आभास हुआ।
मैंने पूछा: चूत में भी परफ्यूम लगाती हो?
उसने कहा: हां सर, आपको चाहिए? तो मैं पैंटी उतार कर आपको सुंघा सकती हूं।
मैंने कहा: वो अगला स्टेज है, अभी ये फर्स्ट स्टेज है। इसमें तुम अभी तक अव्वल हो। अब जाकर तुम बैठो। कपड़े पहनने की जरूरत नहीं है, ऐसे ही रहो।
उसने कहा ओके और वहीं चेयर में एक के ऊपर एक पैर इस तरह चढ़ा कर बैठ गई कि अच्छा खासा गांड दिखने लगा।
मैंने कहा: सावित्री अब तुम आ जाओ।
और निशा अब तुम लिखो।
अब निशा सावित्री को देख कर मुस्करा रही थी। वो बोली: जाइए मैडम अपना नाप दे दीजिए सर को। सर अच्छे से नाप लीजिए मैडम का।
सावित्री: चुप!
मैं: मैं चाहता हूं कि माहौल एक-दम लाइट रहे। हम लोग एक-दूसरे को कुछ भी बोल सकते है। ठीक है निशा, सावित्री?
दोनों: ठीक है सर।
सावित्री 32 साल की शादी-शुदा महिला थी। लेकिन फिगर उसका बहुत हॉट था। इसलिए उसे भी चुना गया था। अभी उसने ब्लू साड़ी और मैचिंग ब्लाउज और पेटीकोट पहना था। वो हंसती हुई और निशा को डांटती हुई प्लेटफॉर्म पर खड़ी हो गई। मैंने पहले उसकी हाइट नापी और कहा-
मैं: निशा लिखो, हाइट 5’4″।
फिर मैं उसके चूची की ओर देख कर बोला: आँचल हटाना होगा और ब्लाउज खोलना होगा। तभी सही नाप आयेगा। वैसे क्या साइज है इनका?
तभी निशा बोली: सर 40 से कम नहीं होगा मैडम का। देख कर ही लग रहा।
सावित्री: चुप कुतिया!
निशा हंसने लगी। सावित्री बोली: 36″ ही होगा सर।
सावित्री ने साड़ी का पल्लू हटा दिया। उसके बड़े-बड़े उरोज ब्लाउज में बहुत हॉट लग रहे थे। अंगूर जैसे निप्पल्स ब्लाउज से भी उभरे लग रहे थे। एक मस्त स्मेल आ रही थी उसके ब्लाउज से! ऐसा लग रहा सावित्री कि ज़ोर से सांस लेगी तो पटक-पटक सामने से बटन टूट जाएगा। वो हंसने लगी और अपने हाथ से सामने से ब्लाउज के बटन खोल कर दोनों पल्ले अलग कर दिये, और अपने दोनों हाथ ऊपर उठा कर कहा: सर आपको इसको पीछे से खींच कर निकलना होगा। अक्सर मेरे हसबैंड निकलते हैं, आज आप निकालिये।
उसका ऐसा कहना था कि मेरा लंड खड़ा हो गया, और वो मेरी पैंट के पास उभरे भाग को देख रही थी। मैं उसके पीछे जाकर उसके ब्लाउज को खीच कर निकाल दिया। फिर मैंने ब्लाउज को मुट्ठी में मोड़ कर सूंघ कर बोला: मस्त खुश्बू हैं सावित्री। कौन सा परफ्यूम लगाती हो?
सावित्री शर्माते हुए: मैं कुछ नहीं लगाती, ये तो बॉडी की स्मेल है।
मैं: कसम से जबरदस्त है मैडम।
फिर मैंने कहा तो उसने अपने हाथ ऊपर उठाये। उसके अंडरआर्म्स क्लीन शेव्ड थे। फिर मैंने टेप को पीछे से घुमा कर चूची के बीच में अपने दोनों हाथ लाकर नापा और कहा-
मैं: निशा लिखो, चूची 37.5, अंडरआर्म्स क्लीन, स्तन कसा हुआ।
ऐसा कह कर मैंने हॉर्न की तरह दो-दो बार दोनों को दबाया। उसका क्लीवेज बहुत शानदार था। मैं उसके चिकने पेट को देखते हुए नीचे बैठ गया और फिर मैंने कहा: सावित्री ये साड़ी निकालनी होगी!
उसने कहा: आप ही उतार दीजिए सर (वो अपने दांतों में होंठ दबा कर बोली)।
फिर मैंने आँचल से खींच कर साड़ी को निकल दिया। फिर पेटीकोट का नाड़ा खींच कर उसे खोल दिया, और साड़ी वहीं नीचे गिर गई। अब वो सिर्फ पैंटी और ब्रा में थी, पिंक ब्रा और पिंक पैंटी।
मैं नीचे बैठ गया और फीता लगा कर मैंने कमर का नाप लिया और कहा: लिखो, कमर 34″।
फिर मैंने टेप को गांड के पीछे से निकाल कर चूत के ऊपर तक नापा और कहा: लिखो, गांड 38″।
फिर उसने पेटीकोट के पास उलझे पैर को बाहर निकाला और उसे उठा कर मेरे कंधे पर रख दिया और अदा से मुस्कुराई। इस प्रकार मुझे पैंटी के साइड व्यू से थोड़े काले झांटो की झलक मिली।
फिर मैंने उसी स्थिति में टेप लगा कर उसके पांव की लंबाई नापी और उसे लिखवाया। फिर उसने अपने दोनों हाथों की तर्जनी उंगली को पैंटी के दोनों साइड में चूत के पास डाल कर पैंटी एडजस्ट किया। इस क्रम में मुझे अच्छा-खासा व्यू मिला उसकी झांटो वाली चूत का, और उसने पूछा और क्या डिटेल चाहिए सर।
तो मैंने कहा: हाँ (और ज़ोर से कहा) निशा लिखो, चूत झांटो से भरी।
और सावित्री से कहा अभी बहुत डिटेल चाहिए। और फिर निशा से कहा: निशा वो एक खिड़की खुली है, उसे लगा दो और तुम भी यहाँ आ जाओ! और वहाँ एक थर्मामीटर होगा उसे लेती आओ।