पिछला भाग पढ़े:- मामी और उनकी बेटी की चूत मारी-5
सेक्स कहानी अब आगे-
अब असली ड्रामा शुरू होता है।
शाम को मामी ने मम्मी और पापा को अपने घर बुला लिया। सब लोग एक साथ बैठे और फिर मामी ने ड्रामा किया।
मामी: हाय रे मेरी टूटी किस्मत, मैंने कभी नहीं सोचा था कि ये दिन देखना पड़ेगा।
मम्मी: क्या हुआ, तू क्यों रुक रही है?
मामी: ये मेरी लड़की माला प्रेग्नेंट है।
इतना सुनते ही सब शॉक्ड हो गए और मामी ने माला को मारना शुरू कर दिया, जो कि मुझे बुरा लगा और मैंने उन्हें रोका।
मामी: कौन करेगा इससे शादी? इसका तो प्रेमी भी भाग गया।
मम्मी: हे भगवान, ये आज-कल के बच्चे भी ना।
मामी: हांजी दीदी, मेरी कुछ समझ नहीं आ रहा है। मैं सुसाइड कर लूंगी ताकि मुझे लोगों के ताने ना सुनने पड़ें।
मम्मी: पागल है क्या? कुछ और सोचो।
मामी: क्या सोचू, मेरा तो दिमाग ही काम नहीं कर रहा है। जब यह बात सब को पता लगेगी तो क्या होगा?
मम्मी: कुछ तो सोचना पड़ेगा।
माला मेरे गले लग कर रो रही थी, पर मुझे बुरा लग रहा था क्योंकि मामी ने उसको सच में मारा था।
मामी: दीदी मैं क्या सोच रही हूँ…
मम्मी: बोलो?
मामी: नहीं रहने दो।
मम्मी: बोल भी, सब घर के लोग हैं।
मामी: क्यों ना हम माला और जस की शादी करा दें? घर की बात घर में रह जाएगी।
मम्मी: पागल है क्या, ये कैसे हो सकता है?
मामी: फिर दीदी मुझे सुसाइड ही करना पड़ेगा।
पापा: नहीं इसकी नौबत नहीं आएगी। मुझे कोई एतराज़ नहीं है, पर दोनों बच्चों से पूछो।
मामी: माला इस लायक नहीं है कि इसकी मर्जी चले, जस्सी से पूछ लेते हैं।
मामी: बोलो जस तुम अपना लोगो माला को?
मम्मी: बोलो बेटा, क्या तुम माला से शादी करोगे?
पापा: बोलो बेटा, हम तुम्हें फोर्स नहीं करेंगे।
मैं: जैसा आप लोगो को ठीक लगे। पर मैं माला से कुछ अकेले में बात करना चाहता हूँ।
मम्मी: ठीक है ऊपर जाओ और कर लो बात।
मामी: ठीक है कर लो, मैं भी साथ चलती हूँ। शायद मामी समझ गई थी कि मैं माला की चुदाई करने जा रहा था।
मैं: नहीं मुझे अकेले में बात करनी है।
मम्मी: ठीक है, करने दे इन्हें बात।
मामी: ठीक है, पर पहले मुझे भी जस से कुछ बात करनी है। उसकी लाइफ का इतना बड़ा फैसला है और मैं नहीं चाहती कि वो जोर-जबरदस्ती में ये फैसला ले।
मैं: हां बोलो मामी।
मामी: यहाँ नहीं, ऊपर कमरे में चलो।
मैं समझ गया था कि मामी पहले अपनी चुदाई चाहती थी। मैंने भी मौका ना गवाते हुए उन्हें ठीक है बोल दिया।
अब हम ऊपर की तरफ जा रहे थे। माला भी साथ चलने लगी तो मामी ने उसे मना कर दिया और मैं और मामी ऊपर कमरे की तरफ जाने लगे। मामी मेरे आगे थी और उनकी गांड क्या मटक रही थी। हम कमरे में घुसे तो मामी ने दरवाजा बंद कर दिया। मुझे गले लगाया और बोली, “एक्टिंग कैसी लगी डार्लिंग? और इतना कह कर उन्होंने मुझे एक किस्स किया।
मैं: बोलिए सासू माँ, क्या बात करनी है?
मामी: वही जो तुमने माला से करनी थी।
मैं: क्या?
मामी: अच्छा मेरे पतिदेव, चुदाई करनी थी ना तुम्हें माला की? पर ये मत भूलो पहला हक इस लंड पर मेरा है।
और मामी ने मुझे फिर से गले लगा लिया। हम दोनों एक-दूसरे के लिप किस्स करने लगे और मैंने अपने हाथ मामी की गांड पर रख दिए और जोर से दबाने लगा। मामी जोश में आ गई और मुझे पागलों की तरह छूने लगी।
मैं: आह मामी क्या मस्त जवानी है तेरी, क्या मस्त गांड की मालकिन हो।
मामी: आह राजा मुझे छोड़ दो, अब तो लाइसेंस मिल गया है मेरी बजाने का।
मेरे हाथ अभी भी मामी की गांड पर थे और फिर मैंने उल्टा करके दीवार के हिस्से लगा दिया मैंने उनकी ब्लाउज पे किस्स किया। फिर उनकी पीठ पे किस्स किया और फिर उनकी गांड पे किस्स करते हुए उनके पैरों पर गया। मैंने उनकी साड़ी को हल्का सा ऊपर किया और उनकी टांगों पे किस्स किया। मैंने उन्हें अपनी तरफ घुमाया और बिस्तर पे लिटा दिया।
साड़ी में लेटी हुई वो किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी और फिर मैं उनके पैरों पे किस्स करते हुए उनकी साड़ी को ऊपर करने लगा। मैंने उनके घुटनों पे किस्स किया और उनकी जांघों को सहलाने लगा। उनकी पैंटी पे हाथ रख कर उनकी चूत को दबाया और उनकी पैंटी नीचे करने लगा। वो थोड़ी गांड को ऊपर उठाती है ताकि पैंटी आराम से निकल जाए। मैंने उनकी चूत पे मुँह रखा और चाटने लगा।
मामी: आह दामाद जी, क्या मस्त चाट रहे हो.. आह जल्दी करो टाइम कम है.. आह और चाटो ना दामाद जी।
मैं: जी सासू माँ, आज जल्दी करना पड़ेगा। मन तो कर रहा है आपको नंगी कर दूँ।
मामी: मेरा भी मन कर रहा है तुम्हें नंगा कर दूँ और दोनों नंगे हो जाएँ। पर वक़्त थोड़ा है और नीचे सब है। अभी ऐसे ही कर लो। अब डाल दो अपना लंड मेरी चूत में और अपनी सासू माँ को चोद दो।
मैं: जी मेरी पत्नी, मेरी सासू माँ, मेरी रंडी, ये ले तेरा लंड।
और इतना कह कर मैंने लंड बाहर निकाला। मामी ने उसको एक किस्स किया और बोली, “अभी डाल दो, रात को मुँह में और गांड में दोनों में ले लूंगी।” मैंने मामी की टांग उठाई और साड़ी को थोड़ा और ऊपर किया और अपना लंड उनकी चूत पे लगाया।
अब मैंने उन्हें धक्के से चूत में डाल दिया। मामी आह आह करने लगी। मामी की दोनों टांगें बाजुओं में थी और लंड अब मामी की चूत के अंदर था। सच कहूँ माला में वो मज़ा नहीं था जो मामी में है।
मैं: संजना मुझे कुछ कहना है।
मामी: बोलो ना जान, तुम्हें पूरा हक है?
मैं: आई लव यू, और सच में मैं माला से नहीं तुमसे शादी करना चाहता हूँ।
मामी ने मुझे प्यार भरी नज़र से देखा और उनकी आँखों में पानी था।
मामी: सच बोल रहे हो, या बस अभी मेरी चुदाई कर रहे हो तो ऐसा बोल रहे हो?
मैंने चुदाई रोक दी और मामी ने कुछ नहीं बोला। वो बस मुझे देख रही थी, लंड अभी भी उनकी चूत में था।
मैं: सच बोल रहा हूँ, और एक सच यह भी है कि माला से शादी सिर्फ तुम्हारे लिए कर रहा हूँ। मैंने अपनी बीवी का दर्ज़ा तुमको दिया है, जो मरते दम तक रहेगा।
मामी: हल्की आवाज़ में, जस्सी मुझे इतना प्यार करते हो तो सच सुनो। मैं भी तुमसे प्यार करती हूँ और वादा करती हूँ आज के बाद मेरे इस जिस्म पे सिर्फ तुम्हारा ही हक होगा। कोई और इस बदन को छुएगा भी नहीं, यहाँ तक कि संजना के पापा भी नहीं।
मैं: सच्ची में मुझे प्यार करती हो?
मामी: आज़मा के देख लेना कब भी दिल करे। आई लव यू आई लव यू आई लव यू।
हमारी चुदाई फिर से शुरू हुई और मैंने खुद ज़ोर से मामी को छोड़ा।
मैं: मेरा निकालने वाला है।
मामी: आज अंदर ही निकालो।
मैं: पर अगर तुम प्रेग्नेंट हो गई तो?
मामी: तो क्या, ये मेरे प्यार की निशानी होगी। डरो मत अंदर निकालो।
मैंने सारा माल मामी की चूत में निकाल दिया और थोड़ी देर उनके ऊपर लेटा रहा।
मामी: मैं अगर कुछ मांगू तो दोगे?
मैं: ये भी कुछ पूछने की बात है।
मामी उठी और अपना मंगलसूत्र उतारा और मेरे हाथ में दे दिया।
मैं: ये क्या है?
मामी: मुझे प्यार करते हो ना? मुझे अपनी बीवी मानते हो ना? तो फिर ये मंगलसूत्र मुझे पहना कर मुझे अपनी बीवी का दरज़ा देदो। मैं तुम्हारी पहली बीवी और माला दूसरी। बोलो करोगे ये?
मैंने झट से मंगलसूत्र पकड़ा और मामी के गले में डाल दिया और फिर बोला संजना आई लव यू। हम लोग फिर एक-दूसरे को किस्स करने लगे और मामी ने अपने हाथ मेरे लंड पे रखा और बोलती अभी करती हूँ इसको प्यार। इतना कहते ही उन्होंने लंड मुँह में ले लिया और क्या मस्त चूसने लगी।
आज कुछ अलग तेवर या ये कहो खुशी थी मामी को। मामी ने मेरा लंड फिर से खड़ा किया और बोली, “जल्दी से एक बार और चुदाई करो अपनी बीवी की। फिर आज रात सुहागरात मनाएंगे।” इतना कहते ही मामी ने अपनी साड़ी ऊपर की और मेरे लंड पर नीचे गई। मामी ने लंड अंदर ले लिया और उछलने लगी। मैंने दोनों हाथों से मामी के बूब्स पकड़े और उनका ब्लाउज खोल कर ब्रा ऊपर कर दी।
उनके नंगे बूब्स मेरे हाथों में थे और मैं उन्हें दाबने लगा। उनके बूब्स के बीच में मंगलसूत्र आज मुझे अपने प्यार की पहचान दे रहा था। आज पहली बार मुझे लग रहा था कि मैं अपनी बीवी चुदाई कर रहा था। मैंने दोनों बूब्स को कस के दबाया और फिर मामी को नीचे झुका कर उनके बूब्स चूसने लगा। मामी आह आह करती हुई बोली, “चूसों जान चूसों इन्हें। ये तुम्हारे हैं। जितना चाहो उतना चूसो और मार दो मुझे अपने प्यार से।”
मामी ने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी, “आह जस्सी, आई लव यू, चोदो मुझे आह, चोदो। आह जस्सी मेरी गांड भी मारना आह, जस्सी मेरा होने वाला है।” और कुछ ही देर में वो झड़ गई और मेरे ऊपर ले गई।
मैं: जान मेरा भी होने वाला है थोड़ी देर और बस।
और अब मैंने नीचे से उन्हें धक्का देना शुरू किया। मैं उन्हें चोद रहा था और उनके बूब्स दबा रहा था। उनके होठों पर लिप्स रख कर चूस रहा था।
मैं: आह आई लव यू संजना, तुम सिर्फ मेरी हो।
मामी: बस तुम्हारी और सिर्फ तुम्हारी। चोदो मुझे, और अपने पानी से मेरी चूत की प्यास बुझा दो। आह जस्सी और जोर से मरो मेरी चूत।
मैं: आह संजना काश तुम पहले मिलती। आह जान क्या मस्त चूत है तेरी।
मामी: आह तुम्हारे लंड की मैं दीवानी हो गई हूँ और तुम्हारी भी। अब मिल गई हूँ ना, अब कहीं नहीं जाऊँगी तुम्हें छोड़ कर। आह चोदो और चोदो और चोदो। तुम्हें पूरी उम्र खुश रखूंगी आह, जैसे कहोगे वैसे चुदूंगी, बस मुझे छोड़ना मत कभी।
मैं: आज जान, आई लव यू। मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता आह संजना आह।
मैम: मैं भी हमेशा अब आपके साथ रहूंगी, चाहे कुछ भी हो जाए।
मैं: आह जान मैं आने वाला हूँ, मुझे किस्स करो।
मामी मुझे पागलों की तरह किस्स करने लगी और बोली: आह पतिदेव, भर दो मेरी चूत अपने माल से। आआह जस आह और जोर से आह आह आह।
मैंने अपना माल फिर से मामी की चूत में छोड़ा और तभी माला का मैसेज आया-
माला: कितना टाइम लगेगा जान? मैं तुम्हें मिस कर रही हूँ।
अब हम दोनों ने अपने कपड़े ठीक किए। मामी ने अपने बाल भी सही किए और मेरे पैर छूए।
मैं: ये क्या कर रही हो?
मामी: अब आप तन और मन दोनों से मेरे पति हो गए हैं। इसलिए आपके पैर छुए। आज से ये संजना सिर्फ और सिर्फ आपकी है।
और इतने कह कर उनकी आँख भर गई। मैंने उनके माथे पर किस्स किया और हग कर लिया।
मैं: संजना तुम हमेशा की तरह मेरी हो।
फिर हम दोनों नीचे जाने लगे तो मैंने उसकी गांड दबा दी।
मामी: आप भी ना, बहुत शैतान हो।
मैं: तुम्हारी गांड देख कर रुका नहीं जाता।
मामी: तो रोका किसने है? आपकी ही तो है ये।
मैं: कब दोगी?
मामी: जब आप कहो।
मैं: अभी दे दो।
मामी: धत्त.. मन तो मेरा भी है। पर पहले बहुत लेट हो गया है। रात में करती हूँ कुछ प्लान। अब चलिये आप!
हम दोनों नीचे पहुँचे, जहाँ सब इंतज़ार कर रहे थे।
मम्मी: हो गई बात?
मामी: जी दीदी, अब मुझे कोई शक नहीं है। जस्सी बहुत सुलझा हुआ लड़का है।
मम्मी: ठीक है, जस तुम्हें माला से भी बात करनी थी, तो बात कर लो। तब तक हम लोग आगे कैसे क्या करना है सोचते हैं।
मैं: ठीक है मम्मी।
मम्मी (मेरी तरफ देख कर बोली): जल्दी आना, तुम लोग भी तो बताओगे कैसे करना है सब।
माला: ठीक है मम्मी।
फिर मैं और माला चल दिए ऊपर कमरे में।
आगे की कहानी अगले पार्ट में बताऊंगा। कृपया अपनी प्रतिक्रिया यहां साझा करें- [email protected]